नहीं रहे अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर माराडोना

60 वर्ष की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से हुआ निधन, अर्जेंटीना को दिलाया था विश्व कप

ब्यूनस आयर्स : अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर डिएगो माराडोना का 60 वर्ष की आयु में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। दो सप्ताह पहले ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली थी। तब उन्हें ब्रेन सर्जरी के लिए भर्ती करवाया गया था। अर्जेंटीना की स्थानीय मीडिया ने बुधवार को यह खबर दी। इसके बाद माराडोना के वकील ने भी इस खबर की पुष्टि कर दी। इस खबर के बाद अर्जेंटीना फुटबॉल असोसिएश के प्रेजिडेंट क्लाउडियो तापिया ने भी माराडोना के निधन पर गहरा शोक जताया है। माराडोना की गिनती महान फुटबॉलर्स में होती है और उन्होंने 1986 में अर्जेंटीना को विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। इस टूर्नामेंट में उनका विश्व प्रसिद्ध गोल भी शामिल है, जिसे “हैंड ऑफ गॉड’ के नाम से जाना जाता है। इसी गोल की मदद से अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था। स्टार फुटबॉलर ने बोका जूनियर्स, नपोली, बार्सिलोना जैसे क्लब से फुटबॉल खेली है। दुनियाभर में उनके करोड़ों चाहने वाले हैं। बता दें कि वे काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। माराडोना के मनोचिकित्सक डिएगो डियाज ने कहा था कि सर्जरी के बाद से ही उनकी हालत स्थिर थी। माराडोना को 11 नवंबर को अस्पताल से छुट्टी दी गई थी। स्नायु तंत्र से जुड़ी परेशानी झेल रहे माराडोना का पिछले सप्ताह ऑपरेशन हुआ था। यह समस्या एक दुर्घटना के कारण आई जो माराडोना को याद नहीं थी। एक समय नशे के आदी रहे माराडोना ने अल्कोहल का सेवन कम कर दिया था।

द गोल्डन ब्वॉय के नाम से मशहूर थे माराडोना
डिएगो माराडोना ने अर्जेंटीना को साल 1986 में विश्व कप जिताया था। वे उस टीम के कप्तान थे। 30 अक्टूबर 1960 को जन्मे डिएगो माराडोना एक अटैकिंग मिड-फील्डर के रूप में जाने जाते थे। खेल से विदा लेने के बाद वे भी इस खेल से जुड़े रहे। वर्तमान में वे अर्जेंटीना की टीम के मैनेजर थे। इसके अलावा उन्होंने कोचिंग की सेवाएं भी दी हैं। डिएगो माराडोना को फुटबॉल जगत के बेहतरीन खिलाड़ियों में गिना जाता है। द गोल्डन ब्वॉय के नाम से फेमस डिएगो माराडोना ने अर्जेंटीना के लिए अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 91 कैप अर्जित किए और 34 गोल किए। माराडोना चार बार फीफा विश्व कप का हिस्सा रहे, जिसमें मैक्सिको में हुआ 1986 का विश्व कप भी शामिल है, जिसमें वे टीम के कप्तान थे और अर्जेंटीना ने फाइनल में वेस्ट जर्मनी पर जीत हासिल की थी। उस टूर्नामेंट के वे सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी थे, जिसके लिए उनको गोल्डन बॉल मिली थी।

नशे की लत ने ली जान 
फुटबॉल से संन्यास लेने के बाद माराडोना को कई बार अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। साल 2000 में उन्होंने इतनी ज्यादा कोकीन ले ली थी की उनकी जान जा सकती थी। इसके बाद कई साल तक रिहैबिलिटेशन में रहे थे। 2005 में उनका वेट लॉस के लिए ऑपरेशन हुआ था। इसके बाद 2007 में भी उन्हें ज्यादा शराब पीने की वजह से अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। 30 अक्टूबर 2020 को डिएगो माराडोना का 60वां जन्मदिन था और इसके तीन दिन के बाद वे डिप्रेशन के लक्षणों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गए थे। माराडोना के करीबी ने न्यूज एजेंसी एपी को उस समय बताया था कि उनकी स्थिति गंभीर नहीं है, लेकिन कुछ ही सप्ताह के बाद उनका निधन हो गया।

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