एडिलेड टेस्ट : कोहली चमके, बाकी बल्लेबाजों ने तोड़ी उम्मीद

पहले दिन भारत ने 6 विकेट पर बनाए 233 रन, अर्धशतक बनाने से चूके रहाणे-पुजारा

एडीलेड : भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहली बार पिंक बॉल से टेस्ट क्रिकेट की शुरुआत हुई है। चार मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला एडिलेड के मैदान पर खेला जा रहा है। इस मैच में भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। पहले दिन का खेल खत्म होने तक भारतीय टीम ने 6 विकेट के नुकसान पर 233 रन बनाए थे। रिद्धिमान साहा 9 जबकि आर अश्विन 15 रन बनाकर खेल रहे थे। इस तरह पहले दिन ऑस्ट्रेलिया दबाव बनाने में कामयाब रहा। पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत काफी खराब रही। पृथ्वी शॉ दिन की दूसरी ही गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए। उनको मिचेल स्टार्क ने चलता किया। मयंक अग्रवाल को पैट कमिंस ने एक अंदर आती बेहतरीन गेंद पर बोल्ड किया। मयंक 40 गेंदों में 17 रन बनाकर आउट हुए। 40 गेंद पर 2 चौके की सहायता से 17 रन बनाने के बाद वह वापस लौटे। भारत को तीसरा झटका चेतेश्वर पुजारा के रूप में लगा जो 160 गेंदों में 43 रन बनाकर आउट हो गए। उनको नॉथन लियोन ने मार्नस लाबुशाने के हाथों कैच आउट कराया। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज स्टार्क ने 19 ओवर में 49 रन देकर दो और कमिंस ने 19 ओवर में 42 रन देकर एक एक विकेट लिये। जोश हेजलवुड ने 20 ओवर में 47 रन दिये और उन्हें एक विकेट मिला।

कोहली ने जड़ा अर्धशतक 

एक छोर संभालकर खेलते नजर आ रहे भारतीय कप्तान विराट कोहली के गलत समय पर रन आउट होने का खामियाजा भारत को भुगतना पड़ा। कोहली 74 रन बना चुके थे और शतक की ओर बढते नजर आ रहे थे। उपकप्तान अजिंक्य रहाणे ने उन्हें एक रन लेने के लिये पुकारा लेकिन बाद में पीछे हट गए। दूसरी नयी गेंद लिये जाने से कुछ समय पहले ही कोहली रन आउट हो गए। यह टेस्ट क्रिकेट में दूसरा अवसर है जबकि कोहली रन आउट हुए। इससे पहले 2012 में एडीलेड में ही वह रन आउट हो गये थे। एक समय भारत का स्कोर तीन विकेट पर 188 रन था, जो छह विकेट पर 206 हो गया।

गावस्कर ने शॉ और मयंक को फटकारा
भारत के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में भारत के दोनों ओपनरों पृथ्वी शॉ और मयंक अग्रवाल के आउट होने के तरीके की आलोचना की है। गावस्कर ने सलामी जोड़ी की बल्लेबाजी तकनीक की आलोचना करते हुए कहा कि भारतीय बल्लेबाज अपने बल्ले और पैड के बीच काफी फासला रखकर भारी गलती कर रहे हैं। अग्रवाल के बल्ले और पैड के बीच फासला इतना ज्यादा था कि उसके बीच से एक ट्रक भी गुजर सकता है। ऐसी गेंदों को खेलने की तरकीब यही है कि जितना संभव हो सके उतना पैड के करीब से खेलना चाहिए। पारी की शुरुआत में आपके बल्ले की गति कम होनी चाहिए।

सभी टेस्ट मैचों में गुलाबी गेंद होनी चाहिये : वॉर्न
ऑस्ट्रेलिया के महान स्पिनर शेन वॉर्न ने सभी टेस्ट मैचों में लाल गेंद की जगह गुलाबी गेंद को रखने की पैरवी करते हुए कहा कि लाल गेंद से गेंदबाज को कोई मदद नहीं मिलती। मैं पिछले कुछ साल से कहता आ रहा हूं। मेरा मानना है कि सभी टेस्ट मैचों में गुलाबी गेंद इस्तेमाल होनी चाहिये। दिन के मैचों में भी। गुलाबी गेंद को देखने में आसानी होती है। दर्शक भी आसानी से देख सकते हैं। यह टीवी पर भी अच्छी लगती है। इसलिये हमेशा गुलाबी गेंद का इस्तेमाल करना चाहिये। साठ ओवरों के बाद इसे बदल सकते हैं क्योंकि यह नरम हो जाती है। मैं चाहूंगा कि हर टेस्ट में गुलाबी गेंद का इस्तेमाल हो। लाल गेंद स्विंग नहीं लेती। इससे कोई मदद नहीं मिलती और 25 ओवरों के बाद यह नरम हो जाती है। इंग्लैंड में डूक गेंद को छोड़कर यह बकवास है।

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