हिसाब बराबर, 89 साल में भारत की इंग्लैंड पर सबसे बड़ी जीत

चेन्नई : एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच के चौथे दिन मंगलवार को लेग स्पिनर अक्षर पटेल (5/60) और ऑफ स्पिनर (3/53) की शानदार गेंदबाजी के दम पर भारत ने इंग्लैंड को यहां 317 रनों से हराकर चार मैचों की टेस्ट सीरीज 1-1 से बराबर कर दी। इसके साथ ही टीम इंडिया ने नया किर्तीमान रचते हुए 89 वर्षों में इंग्लैंड पर रनों की लिहाज से सबसे बड़ी जीत दर्ज की। भरतीय टीम ने अपनी सबसे बड़ी जीत दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दिसंबर 2015 में दिल्ली के कोटला में हासिल की थी। तब उसने विराट कोहली की ही कप्तानी में अफ्रीकी टीम को 337 रनो से हराया था।  मैच में शानदार प्रदर्शन करने वाले अश्विन प्लेयर ऑफ द मैच रहे। उन्होंने मैच में शानदार शतक (106) जड़ा और कुल 8 विकेट लिए।

टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल में जाने की उम्मीदे बरकरार
भारत ने इस जीत के साथ आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को कायम रखा। भारत ने इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 482 रन का असंभव लक्ष्य रखा था। इंग्लैंड की टीम तीन विकेट पर 53 रन से आगे खेलते हुए चौथे दिन दूसरे सत्र में 164 रन पर सिमट गयी और उसे शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। इस जीत ने भारत की आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को कायम रखा है। भारत को अब अहमदाबाद में होने वाले शेष दो टेस्टों में एक जीतना है और एक ड्रॉ खेलना है जबकि इंग्लैंड को शेष दोनों टेस्ट जीतने होंगे।

डब्ल्यूटीसी रैंकिंग में दूसरे स्थान पर पहुंचा भारत
इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में 317 रन की बड़ी जीत के बाद भारतीय टीम आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (डब्ल्यूटीसी) की रैंकिंग में दूसरे स्थान पर पहुंच गयी है। चेपॉक के मैदान पर इस जीत के साथ भारत डब्ल्यूटीसी रैंकिंग में 69.7 अंक प्रतिशत और कुल 460 अंक के साथ न्यूजीलैंड के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। तालिका की शीर्ष दो टीमें लॉर्ड्स के मैदान पर जून में फाइनल खेलेगी। न्यूजीलैंड के नाम 70 अंक प्रतिशत के साथ कुल 420 अंक है।

हमने धैर्य और दृढ़ संकल्प दिखाया : कोहली
भारतीय कप्तान विराट कोहली ने मंगलवार को स्पिन के अनुकूल चेपक पिच की आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि उनकी टीम ने दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ जीत दर्ज करने के लिए काफी धैर्य और दृढ़ संकल्प दिखाया तथा यहां टॉस का ज्यादा महत्व नहीं था। हम पिच पर स्पिन और उछाल देखकर घबराए नहीं। हमने मैच में धैर्य दिखाया और 600 से अधिक रन बनाये। हम जानते हैं कि अगर हम इतने रन बनाते है तो हमारे गेंदबाज अपना काम बखूबी ही करेंगे। भारतीय कप्तान ने कहा कि प्रशंसकों के सामने खेलने से उनकी टीम को बड़ी जीत दर्ज करने में मदद मिली क्योंकि घरेलू दर्शकों के सामने खेलने से टीम का हौसला बढ़ा था। दर्शकों की मौजूदगी से यहां काफी फर्क पड़ता है, इस मैच में हमारी टीम का धैर्य और दृढ़ संकल्प इसका एक उदाहरण है। दर्शक इस धैर्य और दृढ़ संकल्प का एक बड़ा हिस्सा है। अगर मैं इस गर्मी में गेंदबाजी करने के लिए दौड़ रहा हूं, तो मुझे लोगों से प्रेरणा की जरूरत होती है। यह हमारे लिए एक आदर्श खेल है।

इंग्लैंड को जल्द सीखने की जरूरत : रूट
इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने दूसरे टेस्ट मैच में भारत से करारी शिकस्त मिलने के बाद मंगलवार को यहां कहा कि उनकी टीम के लिए यह किसी सबक की तरह था और उन्हें विरोधी टीम से सीखने की जरूरत है। रूट हालांकि यह मानने को तैयार नहीं थे कि इंग्लैंड की टीम अब सीरीज में वापसी नहीं कर पायेगी। उन्होंने उम्मीद जतायी की टीम अपने पिछले प्रदर्शनों से सीख लेगी। जैसा कि मैंने पिछले मैच के बाद कहा था कि यह जरूरी है कि हमारे पांव जमीं पर रहे। जब हम जीतते हैं तो हमें ज्यादा खुश होने की जरूरत नहीं, इसी तरह जब हारते है तो हमें ज्यादा निराश होने की जरूरत नहीं है। हमने पहले भी काफी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों और विदेशों में अच्छा क्रिकेट खेला है। हम इमानदारी से यह मानते है कि इस मैच में तीनों विभागों में भारत से पिछड़ गये।

बल्लेबाजों की सोच ने हमें विकेट दिलाये : अश्विन
इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे क्रिकेट टेस्ट मैच में मंगलवार को भारत की सीरीज में बराबरी हासिल करने वाली जीत के हीरो और मैन ऑफ द मैच रहे ऑफ स्पिन आलराउंडर रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि बल्लेबाजों के दिमाग की सोच ने हमें विकेट दिलाये। लोग मैदान के बाहर से बहुत कुछ कह रहे थे लेकिन मुझे लगता है कि जो गेंदें ज्यादा हलचल कर रही थीं, उस पर विकेट नहीं मिल रहा था और यह बल्लेबाजों के दिमाग की सोच थी, जिसने हमें विकेट दिलाए। मैं यहां वर्षों से खेल रहा हूं और ऐसा करने के लिए गति और मार्गदर्शन चाहिए। विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाना बहुत महत्वपूर्ण था, क्योंकि अगर हम उन्हें दबाव के साथ गेंदबाजी करने देते तो यह उनके लिए आसान हो जाता। मैं सिर्फ इसे अपने ऊपर लेना चाहता था और पहली गेंद खेलने के बाद ही मुझे विश्वास हो गया था कि मैं इस विकेट के साथ ढल जाऊंगा।

बेयरस्टॉ और वुड इंग्लैंड की टीम में
इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ अहमदाबाद में 24 फरवरी से शुरू होने वाले तीसरे दिन रात्रि टेस्ट मैच के लिये मंगलवार को विकेटकीपर बल्लेबाज जॉनी बेयरस्टॉ और तेज गेंदबाज मार्क वुड को अपनी टीम में शामिल किया। चयनकर्ताओं ने इसके साथ ही खिलाड़ियों का कार्यभार कम करने के लिये चलायी गयी रोटेशन नीति का पालन करते हुए स्पिन आलराउंडर मोईन अली को वापस इंग्लैंड भेजने का फैसला किया है। बेयरस्टॉ को भी इस नीति के कारण श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज के बाद विश्राम दिया गया था। वुड को भी श्रीलंका के खिलाफ सीरीज के बाद विश्राम दिया गया था। उन्हें वहां पहले टेस्ट मैच में विकेट नहीं मिला था जबकि दूसरे मैच में उन्होंने तीन विकेट लिये थे।

शेयर करें

मुख्य समाचार

सीबीआई, ईडी से डरने वाला नहीं हूं – अभिषेक

भाजपा पर तंज : अगर ‘जय बांग्ला’ हमें बांग्लादेश समर्थक बताता है तो भाजपा का ‘सोनार बांग्ला’ के बारे में क्या कहना है सन्मार्ग संवाददाता ठाकुरनगर : आगे पढ़ें »

लॉकडाउन समाप्ति के बाद सोना तस्करी का मुख्य केन्द्र बनता जा रहा है सिलीगुड़ी

6 महीने में 50 करोड़ की कीमत का 115 किलो सोना पकड़ा डीआरआई ने सिलीगुड़ी आने के बाद भी कई राज्यों से होकर भेजा जा रहा आगे पढ़ें »

ऊपर