टर्नर ने भारत से छीनी जीत

अब दिल्ली में 13 मार्च को होगा फैसला
मोहाली : शिखर धवन के शतक से बना भारत का पहाड़ जैसा स्कोर पीटर हैंड्सकांब के शतक और एस्टन टर्नर की तूफानी पारी के सामने बौना साबित हो गया और आस्ट्रेलिया ने रविवार को यहां चौथा एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच चार विकेट से जीतकर पांच मैचों की श्रृंखला 2-2 से बराबर कर दी। रोहित शर्मा और धवन ने सपाट पिच पर पहले विकेट के लिये 193 रन जोड़े। धवन (115 गेंदों पर 143 रन) ने वनडे में अपना 16वां शतक लगाया लेकिन उप कप्तान रोहित (92 गेंदों पर 95 रन) अपने 23वें शतक से चूक गये। अंतिम 15 ओवरों में लगातार विकेट गंवाने के बावजूद भारत ने अच्छी शुरुआत के दम पर नौ विकेट पर 358 रन का विशाल स्कोर बनाया।
हैंड्सकांब-ख्‍वाजा ने 192 रन क साझेदारी की
लेकिन आस्ट्रेलिया ने 47.5 ओवर में छह विकेट पर 359 रन बना दिये जो लक्ष्‍य का पीछा करते हुए उसका सबसे बड़ा स्कोर है। हैंड्सकांब (105 गेंदों पर 117 रन) और उस्मान ख्वाजा (99 गेंदों पर 91 रन) ने तीसरे विकेट के लिये 192 रन जोड़कर आस्ट्रेलिया को शुरुआती झटकों से उबारा। अब इन दोनों टीमों के बीच दिल्ली में 13 मार्च को होने वाला पांचवां और आखिरी मैच निर्णायक बन गया है। भारतीय गेंदबाजों ने अच्छी शुरुआत की लेकिन वे उसे बरकरार नहीं रख पाये। युजवेंद्र चहल (दस ओवर में 80 रन एक विकेट) खासे महंगे साबित हुए जबकि जसप्रीत बुमराह (63 रन देकर तीन विकेट) भी बहुत प्रभाव नहीं छोड़ पाये। टर्नर ने भुवनेश्वर कुमार (67 रन देकर एक विकेट) का गेंदबाजी विश्लेषण बिगाड़ा।
टर्नर ने पासा पलटा
आस्ट्रेलिया ने पहले चार ओवर के अंदर कप्तान आरोन फिंच (शून्य) और शान मार्श (छह) के विकेट गंवा दिये थे। भुवनेश्वर ने इनस्विंगर को फिंच के बल्ले और पैड के बीच से निकालकर लेग स्टंप थर्राया तो बुमराह ने मार्श को बोल्ड किया। लेकिन वह टर्नर थे जिन्होंने मैच का पासा पूरी तरह से पलटा। उन्होंने 43 गेंदों पर पांच चौकों और छह छक्कों की मदद से नाबाद 84 रन की तूफानी पारी खेली। ख्वाजा और हैंड्सकांब ने बेहद सतर्कता भरी बल्लेबाजी की। दस ओवर तक स्कोर दो विकेट पर 47 रन था लेकिन इन दोनों ने सपाट विकेट और भारत के ढीले क्षेत्ररक्षण का फायदा उठाकर स्कोर बोर्ड चलायमान रखा। अगले 20 ओवर में 130 रन बने।
हैंड्सकांब ने पहला सैंकड़ा जमाया
हैंड्सकांब ने 92 गेंदों पर अपने करियर का पहला शतक पूरा किया। इसके बाद लंबा शाट खेलने के प्रयास में वह लांग आफ पर कैच दे बैठे। उन्होंने अपनी पारी में आठ चौके और तीन छक्के लगाये। इस बीच ऋषभ पंत ने हैंड्सकांब और टर्नर को स्टंप करने के मौके गंवाये। टर्नर को जीवनदान भारत को महंगा पड़ा। उन्होंने केवल 33 गेंदों पर अपना पहला अर्धशतक पूरा किया। आस्ट्रेलिया को आखिरी छह ओवर में 62 रन चाहिए थे। टर्नर ने भुवनेश्वर के एक ओवर में 20 रन लेकर यह अंतर कम किया। बुमराह के अगले ओवर में 16 रन बने जबकि भुवनेश्वर के ओवर में फिर से 18 रन गये।
धवन ने 18 चौके और तीन छक्के लगाये
इससे पहले धवन और रोहित शुरू से पूरी लय में दिखे और उन्होंने आस्ट्रेलियाई आक्रमण को कड़ा सबक सिखाया। धवन ने इससे पहले सितंबर 2018 में पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप में शतक जड़ा था। वह शुरू से लय में दिखे और उन्होंने 18 चौके और तीन छक्के लगाये। इससे रोहित पर से भी दबाव हटा जो शुरू में सतर्क होकर खेल रहे थे। रोहित ने सात चौके और दो छक्के लगाये। धवन अपने पसंदीदा मैदान पर असली रंग में दिखे। उन्होंने इसी मैदान पर आस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट की स्वप्निल शुरुआत की थी।
कमिन्स ने 5 भारतीयों को आउट किया
मैक्सवेल और एडम जंपा के नहीं चलने पर आरोन फिंच ने खुद गेंद संभाली। पैट कमिन्स (दस ओवर में 70 रन देकर पांच विकेट) और जॉय रिचर्डसन (नौ ओवर में 85 रन देकर तीन विकेट) ने बाद में टीम को सफलताएं दिलायी लेकिन तब तक भारतीय सलामी जोड़ी आस्ट्रेलिया को अच्छा खासा नुकसान पहुंचा चुकी थी। जंपा पर छक्का जड़ने वाले रोहित ने आस्ट्रेलियाई कप्तान को भी सबक सिखाया। उन्होंने रिचर्डसन पर भी स्क्वायर और मिडविकेट क्षेत्र में दर्शनीय शॉट लगाये लेकिन छक्के से शतक पूरा करने के प्रयास में डीप मिडविकेट पर कैच दे बैठे। इसके बाद राहुल (31 गेंदों पर 26), ऋषभ पंत (24 गेंदों पर 36) और विजय शंकर 14 गेंदों पर 26) के प्रयासों से भारत 350 रन के पार पहुंचने में सफल रहा। बुमराह को आखिरी गेंद खेलने को मिली जिस पर उन्होंने छक्का लगाया।

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