कंप्यूटर के आने के बाद शतरंज खेलने का तरीका बदल गया : आनंद

मुंबई : पांच बार के विश्व चैम्पियन विश्वनाथन आनंद ने कहा कि कंप्यूटर के आगमन ने खिलाड़ियों के शतरंज खेलने के तरीके को बदल दिया जिससे दोनों प्रतिद्वंद्वियों के बैठने का स्थान नहीं बदलता।
इस पूर्व विश्व चैम्पियन ने अपने करियर के बारे में बताया कि वह आज जिस मुकाम पर हैं उसके लिए उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ी। आनंद ने कहा, ‘‘ मैं जब छह साल का था तब मेरे बड़े भाई और बहन शतरंज खेल रहे थे। फिर मैं अपनी माँ के पास गया और उनसे मुझे भी इस खेल को सिखाने के लिए कहा। शतरंज के खिलाड़ी के रूप में मेरी प्रगति अचानक नहीं हुई थी, यह कई वर्षों में कड़ी मेहनत का नतीजा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मैंने 80 के दशक में जो शतरंज सीखा था उसमें काफी बदलाव आ गया। कम्प्यूटर के आने से खेलने का तरीका काफी बदल गया। जिस चीज में बदलाव नहीं आया वह था दो खिलाड़ियों के बीच मुकाबला।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ शतरंज में अपको दूसरे खिलाड़ी को हराना होता है। सबको लगता है कि वह सर्वश्रेष्ठ चाल चल रहा है लेकिन यह इस बारे में है कि कौन बोर्ड पर आखिरी गलती करता है।’’ पचास साल के इस खिलाड़ी ने कहा कि वह मैच के बाद जिम जाते हैं ताकि खेल के तनाव को कम कर सके। आनंद ने कहा कि 1987 जूनियर शतरंज चैम्पियनशिप और 2017 विश्व रैपिड चैम्पियनशिप उनके करियर के दो सबसे अहम टूर्नामेंट हैं। उन्होंने कहा, ‘‘1987 में पहला विश्व जूनियर जीतना एक ऐसा मैच था जिसे मैं कभी नहीं भूलूंगा। रूस के खिलाड़ी के खिलाफ जीत दर्ज कर मैं काफी गैरवान्वित था।’’

शेयर करें

मुख्य समाचार

भारतीय गेंदबाजी में किसी भी टीम को सस्ते में समेटने की काबिलियत : स्वान

कोलकाता : इंग्लैंड के पूर्व ऑफ स्पिनर ग्रीम स्वान ने बुधवार को कहा कि जसप्रीत बुमराह की अगुआई वाला भारतीय गेंदबाजी आक्रमण किसी भी टीम आगे पढ़ें »

ब्लैकवुड का आरोप, इंग्लिश टीम स्लेजिंग कर रही थी

मैनचेस्टर : पहले टेस्ट में वेस्टइंडीज की जीत में अहम भूमिका निभाने वालों में शामिल रहे बल्लेबाज जर्मेन ब्लैकवुड ने कहा है कि उनकी मैच आगे पढ़ें »

ऊपर