ओलंपिक चैंपियन ली झुरेई को हराना करियर का टर्निंग प्वाइंट : सिंधू

मुंबई : विश्व चैंपियन पी वी सिंधू ने रविवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शुरुआती असफलता निराशाजनक थी लेकिन 2012 में चाइना ओपन में तत्कालीन ओलंपिक चैंपियन ली झूरेई को हराने से उनका सीनियर वर्ग में सफलता हासिल करने का भरोसा बढ़ा। सिंधू ने तब चाइना मास्टर्स के क्वार्टर फाइनल में लंदन ओलंपिक की स्वर्ण पदक विजेता झूरेई को हराकर बैडमिंटन जगत में अपने नाम से लोगों को परिचित कराया। इसके एक साल बाद उन्होंने प्रतिष्ठित विश्व चैंपियनशिप में अपना पहला कांस्य पदक जीता। सिंधू ने कहा, ‘‘जब मैंने खेलना शुरू किया तो मैं अच्छा प्रदर्शन कर रही थी लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर उस तरह का नहीं था। मैं पहले दौर, क्वालीफाईंग दौर में हार जाती। सिंधू ने कहा, ‘‘मेरे करियर का टर्निंग प्वाइंट वह था जब 2012 में मैंने ली झूरेई को हराया। उस समय वह ओलंपिक चैंपियन थी। इसके बाद मैंने अतिरिक्त मेहनत की। मैंने कदम दर कदम, साल दर साल सुधार किया। ’’ कोविड-19 महामारी के दौरान सिंधू घर पर ही अभ्यास कर रही है। इसके अलावा वह कुछ नयी चीजें भी सीख रही है।

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