एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप : चीन के पहलवानों को भारत ने वीजा देने से इंकार किया

नयी दिल्ली : चीन के पहलवान मंगलवार से यहां शुरू हो रही एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं लेंगे क्योंकि उनके देश में कोरोना वायरस संक्रमण के फैलने के कारण भारत सरकार ने उन्हें वीजा जारी नहीं किए हैं। राष्ट्रीय महासंघ के एक शीर्ष अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के सहायक सचिव विनोद तोमर ने कहा कि सरकार ने चीन के 40 सदस्यीय दल को वीजा देने से इनकार कर दिया है। तोमर ने कहा, ‘‘दुनिया कोरोना वायरस के प्रकोप से जूझ रही है और इसलिए अब खिलाड़ियों का स्वास्थ्य मुख्य चिंता है।
सरकार की ओर से औपचारिक सूचना नहीं
यह समझा जा सकता है कि सरकार ने उन्हें क्योंकि वीजा जारी नहीं किया।’’ तोमर ने हालांकि कहा कि डब्ल्यूएफआई को अभी सरकार की ओर से औपचारिक सूचना नहीं मिली है। भारत सरकार ने इस संक्रमण के फैलने के कारण चीन के नागरिकों के लिए ई-वीजा भी रद्द कर दिए थे। इस संक्रमण से अब तक 1500 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। यह संक्रमण सबसे अधिक वुहान में फैला है जहां 23 जनवरी से लोगों की आवाजाही पर रोक लगी है और कई देश इस शहर और चीन के अन्य प्रभावित हिस्सों से अपने नागरिकों को बाहर निकाल चुके हैं।
चीन में होने वाली कई खेल प्रतियोगिता स्थगित
चीन में होने वाली कई अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं को भी स्थगित और स्थानांतरित किया गया है जबकि कुछ को इस संक्रमण के कारण रद्द कर दिया गया है। इसमें महिला ओलंपिक फुटबाल क्वालीफायर, विश्व एथलेटिक्स इंडोर चैंपियनशिप, एफवन ग्रां प्री और एशिया/ओसियाना ओलंपिक मुक्केबाजी क्वालीफायर शामिल हैं। चीन के पहलवानों को वीजा नहीं देने पर यूनाईटेड विश्व रेस्लिंग की प्रतिक्रिया के बारे में पूछने पर तोमर ने कहा, ‘‘हमें यहां कोई समस्या नजर नहीं आती, यह ऐसी चीज नहीं है जो सामान्य तौर पर होती है। हमें बेहद गंभीर स्वास्थ्य मुद्दे का सामना कर रहे है जिससे पूरी दुनिया जूझ रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह सिर्फ इस चैंपियनशिप में नहीं हो रहा, अन्य देशों ने भी अन्य खेल प्रतियोगिताओं में चीन के खिलाड़ियों के साथ ऐसा ही किया है। यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने भी पिछले लगभग एक हफ्ते में हमें कुछ नहीं कहा है और ना ही चीन के खिलाड़ियों को लेकर कोई निर्देश जारी किया है।’’ खेल मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि असाधारण स्वास्थ्य संकट को देखते हुए वीजा देने से इनकार किया गया।
भेदभाव नहीं लेकिन गंभीर मुद्दों को नजरअंदाज भी नहीं
रीजीजू ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम किसी भी देश के नागरिक को वीजा देने से इनकार नहीं कर सकते क्योंकि यह ओलंपिक चार्टर का हिस्सा है। हम खेलों को राजनीति से दूर रखने का प्रयास करते हैं। लेकिन जहां स्वास्थ्य चिंता या कोई तकनीकी मुद्दा होता है तो हमारे पास इसके लिए अलग प्रावधान है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम किसी के साथ भेदभाव नहीं करते लेकिन गंभीर मुद्दों को नजरअंदाज भी नहीं कर सकते। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के आयोजन के लिए खेल मंत्रालय की ओर से जिस भी स्वीकृति की जरूरत होती है हम तुरंत देते हैं।’’

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