आखिरकार कुमारस्वामी के ‘नमस्ते’! गिर गई कर्नाटक सरकार

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बेंगलुरु : कर्नाटक विधानसभा में आखिरकार वही हुआ जो कई दिनों से पूरे देश को पता था। 78 विधायकों वाली कांग्रेस ने 37 विधायकों वाली जेडीएस का मुख्यमंत्री बनाकर जो गठजोड़ सरकार बनाई थी, वह मंगलवार को गिर गई। एक सप्ताह तक किसी तरह खींचतान कर विश्वासमत पर शक्ति परीक्षण टालने के बाद आखिरकार मंगलवार शाम 7.30 बजे के बाद मत-विभाजन किया गया। इसमें कांग्रेस-जेडीएस के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी अपनी कुर्सी नहीं बचा पाए। इससे पहले विश्वासमत पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने फिर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मैं तो अपना इस्तीफा जेब में लेकर घूमता हूं, लेकिन भाजपा लगातार विधायकों की खरीद फरोख्त कर रही है। शक्ति परीक्षण में सरकार के पक्ष में 99 वोट पड़े, जबकि विपक्ष में 105 वोट पड़े, जबकि बागी विधायक मुंबई से नहीं लौटे। सरकार बचाने के लिए कम से कम 103 वोटों की जरूरत थी।

इससे पहले कर्नाटक विधानसभा में मंगलवार को शक्ति परीक्षण शाम के 6 बजे तय किया गया था, लेकिन यह डेडलाइन भी चूक गए थे। इस दौरान बागी विधायकों ने स्पीकर रमेश कुमार से मिलने के लिए पत्र द्वारा 4 हफ्ते का समय मांगा है, हालांकि, सोमवार को स्पीकर ने अयोग्यता के मुद्दे पर बागी विधायकों को नोटिस जारी कर कहा था कि वे (बागी विधायक) विधानसभा कार्यवाही से पहले मंगलवार को 11 बजे उनसे मुलाकात कर सकते हैं। वहीं सोमवार को विधानसभा में करीब 14 घंटे विश्वास मत पर बहस के बावजूद शक्ति परीक्षण नहीं हो सका।

सदन में नारेबाजी पर  बोले स्पीकर

सदन में सोमवार को कांग्रेस और जेडीएस (जनता दल सेकुलर) सदस्यों की नारेबाजी को देखते हुए स्पीकर ने कहा कि ”मैं एक आदेश पारित करूंगा। सुप्रीम कोर्ट का आदेश समझने में देरी हुई। सभी सदस्य सदन में गरिमा बनाए रखें। यहां समय बर्बाद करने से विधानसभा, स्पीकर और विधायकों की छवि धूमिल होती है।” कांग्रेस और जेडीएस सदस्यों का कहना था कि जब तक बागी विधायकों के इस्तीफे पर फैसला नहीं आ जाता तब तक शक्ति परीक्षण नहीं करवाना चाहिए।

किसी ने मेरे जाली दस्तखत किए हैं : कुमारस्वामी

सोशल मीडिया पर एक पत्र दिखाया जा रहा है साथ ही ये दावा किया जा रहा है कि यह एचडी कुमारस्वामी का इस्तीफा है। जिसका विरोध करते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा कि किसी ने मेरे जाली दस्तखत किए हैं और इसे सोशल मीडिया पर फैला दिया है। इस तरह की गिरी हुई हरकत देखकर मैं हैरान हूं।

वोटिंग से पहले हो इस्तीफों पर फैसला : कांग्रेस

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने कहा कि भाजपा को कुर्सी का लालच है तो इस बात को स्वीकार करें। उन्हें ऑपरेशन लोटस की बात भी माननी चाहिए। साथ ही उन्हें बागी विधायकों के संपर्क में होने की बात स्वीकार करनी चाहिए। इस दौरान कांग्रेस विधायक कृष्णा बायरे गौड़ा ने कहा कि हम असाधारण परिस्थितियों में हैं और इस स्थिति में मैं स्पीकर से यह आग्रह करता हूं कि वह विश्वास मत के लिए वोटिंग से पहले इस्तीफों पर फैसला लें।

जल्द सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकार

शीर्ष अदालत ने 2 निर्दलीय विधायकों की याचिका पर जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया। इससे पहले रविवार को कांग्रेस-जेडीएस सरकार से समर्थन वापस लेने वाले दो निर्दलीय विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की थी और यह भी कहा कि सोमवार की शाम 5 बजे शक्ति परीक्षण कराने के आदेश दिये जाएं। वहीं राज्य के एक मात्र बहुजन समाज पार्टी (बसपा) विधायक एन महेश को पार्टी प्रमुख मायावती ने कुमारस्वामी के पक्ष में समर्थन करने के निर्देश दिए। इससे पहले एन महेश ने कहा था कि वे फ्लोर टेस्ट के दौरान तटस्थ रहेंगे, लेकिन इस बहस के दौरान वह सदन से गायब रहे।

राज्यपाल की ओर से कुमारस्वामी को मिली थी 2 डेडलाइन

राज्यपाल वजुभाई वाला ने कुमारस्वामी को बहुमत साबित करने के लिए 2 डेडलाइन दी थी। पहला शुक्रवार दोपहर 1.30 बजे और दूसरा शाम 6 बजे तक, इसके बावजूद मुख्यमंत्री ने इस दिन विश्वास मत साबित नहीं किया। शुक्रवार को कुमारस्वामी ने कहा था कि ”मेरे मन में राज्यपाल के प्रति सम्मान है, लेकिन उनके दूसरे प्रेम पत्र ने मुझे आहत किया और इस वजह से मैं फ्लोर टेस्ट का फैसला स्पीकर पर छोड़ता हूं। मैं दिल्ली द्वारा निर्देशित नहीं हो सकता एवं मैं स्पीकर से आग्रह करता हूं कि राज्यपाल की तरफ से भेजे गए इस पत्र से मेरी रक्षा करें।”

गठबंधन सरकार गिराने का माहौल बनाया जा रहा : कुमारस्वामी

एक तरफ कुमारस्वामी का आरोप है कि जब से कांग्रेस-जेडीएस सरकार बनी, इसे गिराने के लिए माहौल बनाया जा रहा है। वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा से कहा कि   “मुझे पहले दिन से पता था कि सत्ता ज्यादा नहीं चलेगी, देखता हूं भाजपा कितने दिन सरकार चलाएगी, आप इस मुद्दे पर बहस होने दीजिए।” इसके बाद उन्होंने कहा, ”भाजपा अभी भी सरकार बना सकती हैं, कोई जल्दी नहीं है। भाजपा सोमवार या मंगलवार को भी सरकार बना सकती है। इस मामले में येदियुरप्पा ने कहा कि ”मैं अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल नहीं करूंगा। पहले राजनीतिक संकट पर चर्चा होगी, बाद में फ्लोर टेस्ट होगा।”

13 कांग्रेस और 3 जेडीएस विधायकों ने दिया इस्तीफा

कर्नाटक सरकार से कांग्रेस के 13 और जेडीएस के 3 विधायकों ने इस्तीफा दिया था। जिनमें से उमेश कामतल्ली, बीसी पाटिल, रमेश जारकिहोली, शिवाराम हेब्बर, एच विश्वनाथ, गोपालैया, बी बस्वराज, नारायण गौड़ा, मुनिरत्ना, एसटी सोमाशेखरा, प्रताप गौड़ा पाटिल, मुनिरत्ना और आनंद सिंह हैं। वहीं कांग्रेस के विधायक रोशन बेग ने भी इस्तीफा दे दिया। साथ ही के सुधाकर और एमटीबी नागराज ने भी 10 जून को इस्‍तीफा दे दिया था।

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