मायावती ने की सपा से गठबंधन की घोषणा, 38-38 सीटों पर लड़ेंगी सपा-बसपा चुनाव

लखनऊ : कई दिनों की बातचीत के बाद उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने सभी आशंकाओं को दरकिनार करते हुए स्पष्ट कर दिया कि वह एक साथ मिलकर आगामी लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे। इसके लिए सपा अध्यक्ष्‍ा अखिलेश यादव औ बसपा सुप्रीमो मायावती लखनऊ में एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए लोकसभा चुनावों में सीटों को लेकर भी घोषणा कर दी। सपा से गठबंधन को पवित्र बताते हुए कहा, मायावती ने कहा, सपा और बसपा 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। दो सीटें छोटी पार्टियों के लिए और दो सीटें अमेठी और रायबरेली कांग्रेस के लिए छोड़ी गई है। इस दौरान उन्‍होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा हमला बोलते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्‍होंने मोदी-शाह की जोड़ी की नींद उड़ाने वाली प्रेस कांफ्रेंस करार दिया। मायावती ने कहा, देशहित में वह लखनऊ के गेस्‍ट हाउस कांड को पीछे छोड़ रही हैं और समाजवादी पार्टी से एक बार फिर रिश्‍ता जोड़ने जा रही हैं।

गठबंधन से देश को बहुत उम्मीद
मायावती ने कहा, समाजवादी पार्टी से 1993 में कांशीराम जी और मुलायम सिंह यादव जी के नेतत्‍व में गठबंधन हुआ था। हवा का रुख बदलते हुए भाजपा जैसे घोर जातिवादी पार्टी से उत्‍तर प्रदेश को बचाने के लिए हुआ था। उन्‍होंने कहा, भाजपा की घोर जातिवादी, संकीर्ण मानसिकता के कारण दोनों नेताओं ने गठबंधन करने का फैसला लिया है, जो भाजपा को सत्‍ता में आने से रोकेगा। कांग्रेस पर हमला बोलते हुए उन्‍होंने कहा, कांग्रेस की तो जमानत तक जब्‍त हो चुकी है। उन्‍होंने कहा, गठबंधन से देश को बहुत उम्‍मीद है। मायावती ने कहा- हमारा गठबंधन राजनीतिक क्रांति लाने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गलत नीतियों से जनता परेशान है। नोटबंदी और जीएसटी से लोगों की कमर टूटी है। भाजपा एंड कंपनी को हर हाल में रोकेंगे।

बोफोर्स में कांग्रेस गई ‌थी, राफेल में भाजपा जाएगी
वहीं कांग्रेस पर हमला बोलते हुए मायावती ने कहा, उसके लंबे शासनकाल में गरीब और मजदूर परेशान रहे। कांग्रेस शासन में देश में गरीबी बढ़ी। उपचुनाव में भाजपा को जिस तरह हराया गया, उसी तरह लोकसभा चुनाव में भी हराएंगे। कांग्रेस और भाजपा की नीतियां एक जैसी हैं। मायावती ने कहा, बोफोर्स में कांग्रेस गई थी, राफेल में भाजपा जाएगी। कहा- कांग्रेस पार्टी से चुनावी गठबंधन करने से खास लाभ नहीं मिलेगा। कांग्रेस से गठबंधन करने से वोट ट्रांसफर नहीं होता।

कांग्रेस को हमारी पार्टी से पूरा लाभ मिल जाता है, पर हमारी पार्टी को लाभ नहीं मिलता
कांग्रेस को तो हमारी पार्टी से पूरा लाभ मिल जाता है पर हमारी पार्टी को लाभ नहीं मिलता, यह कड़वा अनुभव 1996 के चुनावों में कांग्रेस से गठबंधन करके देखा है। समाजवादी पार्टी का भी कांग्रेस के साथ गठबंधन का अच्‍छा अनुभव नहीं रहा है। मायावती ने कहा, हमारी पार्टी अब पूरे देश में कांग्रेस से कहीं भी गठबंधन करते हुए चुनाव नहीं लड़ेगी। हाल के उपचुनाव में सपा और बसपा के वोट एक दूसरे को ट्रांसफर हुए थे। उसी आधार पर अब लोकसभा चुनाव में भी गठबंधन करने जा रहे हैं। भाजपा पर हमला बोलते हुए उन्‍होंने कहा, ईवीएम ठीक से चला तो भाजपा हार जाएगी। भाजपा सीबीआई का गलत उपयोग करती है और सीबीआई का गलत इस्‍तेमाल करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव को खनन घोटाले में घसीटने की कोशिश की।

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