अकबर के मानहानि केस दर्ज होने के बाद ‌बोली प्रिया- सच और सिर्फ सच ही मेरा बचाव

नईदिल्ली : मीटू कैंपेन के तहत यौन उत्पीड़न का सामना कर रहे केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने आरोप लगाने वाली एक महिला पत्रकार प्रिया रमानी पर मानहानि का केस किया है। अकबर ने सोमवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में अपने वकीलों के माध्यम से यह केस किया। वहीं अकबर की ओर से एक महिला पत्रकार के खिलाफ आपराधिक मानहानि का दर्ज होने के बाद एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
छह वकीलों ने किया है साइन
वायरल विडियो में कहा जा रहा है कि प्रिया रमानी के खिलाफ अकबर ने 97 वकील उतारे हैं। लेकिन बता दे कि केंद्रीय मंत्री की ओर से जिस लॉ फर्म ने यह कंप्लेंट दायर की है, उसने खुद इस दावे का सच सामने रखा। करांजावाला एंड कंपनी के प्रवक्ता एडवोकेट संदीप कपूर ने कहा हमारी लॉ फर्म हैं और जब भी हम फर्म की तरफ से कोई याचिका दायर करते हैं तो हमें अपनी फर्म के तहत रजिस्टर्ड सभी वकीलों के नामों का जिक्र वकालतनामे पर करना होता है। उन्होंने बताया कि यह महज एक प्रक्रिया है जिसका पालन हमने किया है। उन्होंने बताया कि वकालतनामे में 6 वकीलों के साइन हैं और केवल वे ही इस केस की कार्रवाई में कोर्ट के सामने पेश होंगे।
बता दें कि वकालतनामे के 41वें पन्ने पर अन्य वकीलों के साथ सीनियर वकील संदीप कपूर, वीर संधु, निहारिका करंजावाला, अपूर्व पांडे और मयंक दत्ता का नाम लिखा है, जिनके बारे में कहा जा रहा है कि ये वकील इस केस की सुनवाई के दौरान एमजे अकबर की तरफ से पेश हो सकते हैं।

सच और सिर्फ सच ही मेरा बचाव
वहीं प्रिया रमानी ने भी एक बयान जारी किया। उन्होंने कहा मैं अपने खिलाफ मानहानि के आरोपों पर लड़ने के लिए तैयार हूं। सच और सिर्फ सच ही मेरा बचाव है। उन्होंने आगे कहा कि मुझे इस बात से बड़ी निराशा हुई है कि केंद्रीय मंत्री ने कई महिलाओं के आरोपों को राजनीतिक साजिश बताकर खारिज कर दिया है।
बता दें कि एमजे अकबर पर दस महिला पत्रकारों ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। इसके बाद विपक्षी दल जोर-शोर से उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे। फिर रविवार को अकबर ने खुद सामने आकर सफाई दी थी। इस्तीफे की मांग को नजरअंदाज करते हुए विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर ने कहा था कि उनके खिलाफ आरोप झूठे और निराधार हैं। उन्होंने आरोप लगाने वाली महिलाओं के खिलाफ कार्रवाई करने की बात भी कही थी।

किस-किस ने लगाए आरोप
67 वर्षीय अकबर अंग्रेजी अखबार ‘एशियन एज’ के पूर्व संपादक हैं। रमानी के बाद धीरे-धीरे और 11 महिला पत्रकार भी अपनी शिकायतों के साथ खुलकर सामने आ गई थीं। इन महिला पत्रकारों ने उनके साथ काम किया था। अकबर के खिलाफ खुलकर सामने आनेवाली पत्रकारों में फोर्स पत्रिका की कार्यकारी संपादक गजाला वहाब, अमेरिकी पत्रकार मजली डे पय कैंप और इंग्लैंड की पत्रकार रूथ डेविड शामिल हैं।

अकबर का पत्रकारिता से राजनीति तक का सफर
दैनिक अखबार ‘द टेलीग्राफ’ और पत्रिका ‘संडे’ के संस्थापक संपादक रहे अकबर 1989 में राजनीति में आने से पहले मीडिया में एक बड़ी हस्ती के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था और सांसद बने थे। अकबर 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी में शामिल हुए थे। मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य अकबर जुलाई 2016 से विदेश राज्य मंत्री हैं।

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