नोटबंदी की हानि स्वीकारी, लाभ के सपने दिखाए

नयी दिल्लीः वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2016-17 का आर्थिक सर्वेक्षण संसद में पेश किया। इसमें सरकार ने नोटबंदी के नुकसान स्वीकार किए हैं, लेकिन साथ ही लंबे समय में लाभ होने का दावा किया गया है। इसमें चालू वित्त वर्ष के दौरान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) पिछले वर्ष के 7.6 प्रतिशत से घटकर 7.1 प्रतिशत तथा अगले वित्त वर्ष में इसके 6.75 से 7 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान व्यक्त किया है। सरकार ने पिछले साल पेश आर्थिक सर्वेक्षण में चालू वित्त वर्ष के लिए विकास दर 7 से 7.75 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान व्यक्त किया था। इसमें स्थिर निवेश में भी गिरावट का अनुमान जताया गया है। इसमें कहा गया है कि 2015-16 में स्थिर निवेश जीडीपी का 29.3 प्रतिशत रहा था जो चालू वित्त वर्ष में घटकर 26.6 प्रतिशत रह जायेगा। ये आंकड़े केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय के पहले अग्रिम अनुमान पर आधारित हैं और इनमें चालू वित्त वर्ष के सात-आठ महीनों के प्रदर्शन को आधार बनाया गया है। इस प्रकार इसमें नोटबंदी के प्रभाव को शामिल नहीं किया गया है।
आर्थिक सर्वेक्षण में वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) विधेयक के संसद से पारित होने तथा नोटबंदी को वित्त वर्ष की बड़ी घटना बताया गया है। इसमें कहा गया है कि जीएसटी से एक भारतीय बाजार बनाने में मदद मिलेगी, कर अनुपालना एवं प्रशासन में सुधार होगा तथा निवेश एवं विकास को बल मिलेगा। यह देश के सहयोगात्मक संघवाद में निडर नवप्रयोग है।
आर्थिक सर्वेक्षण की मुख्य बातें
– नोटबंदी का असरः नोटबंदी के असर को सरकार ने तात्कालिक बताया है। वित्त वर्ष 2017-18 के लिए जीडीपी विकास दर 6.75 से 7.50 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
– औद्योगिक विकासः पिछले वर्ष की 7.4 प्रतिशत तुलना में औद्योगिक विकास दर 5.2 प्रतिशत रहने का अनुमान।
– कर की दरेंः व्यक्तिगत आयकर की दराें, जमीन जायदाद पर स्टाम्प पंजीकरण शुल्क में कटौती की सिफारिश। कॉरपोरेट कर की दराें में कटौती की रफ्तार तेज हो।
– सेवा क्षेत्र वृद्धिः वित्त वर्ष 2016-17 में सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर 8.9 प्रतिशत रहने का अनुमान।
– कृषि क्षेत्र विकासः पिछले वर्ष की 1.2 प्रतिशत तुलना में कृषि विकास दर 4.1 प्रतिशत रहने का अनुमान।
– मुद्रीकरणः नोटबंदी के असर को जल्द खत्म करने के लिए सर्वे में तेजी से मुद्रीकरण, डिजिटाइजेशन की जरूरत बताई गई है।
– रियल एस्टेटः रियल एस्टेट और जमीन को जीएसटी के दायरे में लाने, करों और स्टाम्प ड्यूटी में कमी की सिफारिश की गई है।
– राज्यों का प्रदर्शनः सर्वे के अनुसार औसतन सभी राज्यों का आर्थिक प्रदर्शन सुधरा है। कुल राजस्व घाटा राज्यों के सकल उत्पाद का 3 प्रतिशत से कम हो गया है।
– डूबा हुआ कर्जः सर्वे में सार्वजनिक बैंकों के डूबे हुए कर्ज पर चिंता जताई गई है। यह सार्वजनिक क्षेत्रों में 12 प्रतिशत तक जा पहुंचा है। कहा गया है कि डूबे कर्ज के कारण बैंकों ने विशेषकर लघु एवं मध्यम आकार के उद्योगों को कर्ज देना कम कर दिया है, जिसका असर औद्योगिक विकास पर पड़ा है।
– गरीबों को लाभः सर्वे में कहा गया है कि वास्तविक गरीबों तक लाभ पहुंचाने में सफलता नहीं मिल पाई है। भ्रष्टाचार और लाल-फीताशाही के कारण राज्य स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं भी गरीबों तक पहुंचाने में नाकाम हैं।
– रोजगार सृजनः सर्वे के अनुसार परिधान और चमड़ा उद्योग रोजगार सृजन में सबसे महत्वपूूर्ण हैं। इन दोनों क्षेत्रों के लिए श्रम व कर सुधारों की सिफारिश की गई है।
– श्रम पलायनः सर्वे के अनुसार श्रम पलायन सभी पूर्वानुमानों से अधिक रहा है। विशेषकर बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे गरीब प्रदेशों से सात राज्यों गोवा, दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में सर्वाधिक पलायन हो रहा है। पलायन करने वालों के लिए भोजन व स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए अंतर-राज्यीय व्यवस्था बनाने की वकालत की गई है।
दो बड़ी और नई बातें
सार्वभौमिक बुनियादी आय
गरीबी घटाने के लिए सर्वेक्षण में सभी समाज कल्याण योजनाओं की जगह सार्वभौमिक बुनियादी आय (यूनीवर्सल बेसिक इनकम या यूबीआई) की सिफारिश की गई है। इसके लिए दो बिन्दुओं पर जोर दिया गया है- पहला, जनधन खाते, आधार और मोबाइल जिनके आधार पर सीधे खाते में लाभ पहुंचाया जा सके। दूसरा- केंद्र और राज्यों के बीच इस योजना के लिए भागीदारी पर सहमति। इस योजना के तहत पात्र लोगों को हर महीने एक निश्चित राशि खाते में देने का प्रस्ताव है।
महानगरों में संपत्ति कर
सरकार ने महानगरों में बुनियादी ढांचे के विकास तथा जल निकासी, पेय जल, सार्वजनिक परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली आपूर्ति जैसी सुविधाएं बढ़ाने के लिए संपत्ति कर में वृद्धि का प्रस्ताव किया है। सर्वेक्षण में कहा है कि महानगरीय स्तर पर संपत्ति कर का दोहन अतिरिक्त राजस्व सृजन के लिए किया जा सकता है। सर्वेक्षण में कहा गया है कि शहरी स्थानीय इकाइयों का मुख्य दायित्व शहरों का विकास और सेवा प्रदान करना है, लेकिन ये बड़े बुनियादी ढांचे की कमी,अपर्याप्त वित्त और खराब प्रशासन की क्षमता से संबंधित बड़ी समस्याओं से जूझ रही हैं। प्रत्येक महानगर पानी, बिजली आपूर्ति, अपशिष्ट प्रबंधन, सार्वजनिक परिवहन,शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और प्रदूषण की समस्या से संबंधित चुनौतियों का सामना कर कर रहा है। सर्वेक्षण के अनुसार बेहतर सेवा आपूर्ति और संसाधनों, स्व राजस्व, कर्मचारियों की संख्या और प्रति व्यक्ति पूंजी व्यय के बीच गहरा संबंध है। संपत्ति कर के क्षेत्र में बड़ी संभावना है और महानगर के स्तर पर अतिरिक्त राजस्व सृजन के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। सर्वेक्षण में कहा गया है कि बेंगलुरु पांच प्रतिशत और जयपुर 20 प्रतिशत से अधिक संभावित संपत्ति कर की वसूली नहीं कर रहे हैं।

मुख्य समाचार

नेपाल सीमा पर विदेशी मुद्रा व भारतीय वोटर कार्ड के साथ संदिग्ध चीनी पकड़ाया

सिलीगुड़ी: एसएसबी रानीडांगा की 41वीं बटालियन ने नेपाल सीमा स्थित पानी की टंकी के पास से एक संदिग्ध चीनी यात्री को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आगे पढ़ें »

वेस्ट इंडीज दौरा : भारतीय टीम का ऐलान, विराट रहेंगे कप्तान, पंत होंगे विकेटकीपर

मुंबई : सीनियर सलामी बल्लेबाज शिखर धवन के अंगूठे में फ्रेक्चर से उबरने के बाद भारत की सीमित ओवरों की टीम में वापसी हुई है आगे पढ़ें »

Taslima Nasreen will be able to live in India for a year

एक साल और भारत में रह पाएंगी तसलीमा नसरीन

नई दिल्ली : विवादास्पद बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन के लिए अच्छी खबर है। उन्हें भारत में एक साल और रहने की अनुमति मिल गई है। आगे पढ़ें »

Madhya Pradesh will have to do some more days awaiting good rain

मध्यप्रदेश को कुछ दिन और करना पड़ेगा अच्छी बारिश का इंतजार

भोपाल : करीब एक सप्ताह से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे मध्यप्रदेश को अब झमाझम वर्षा के लिए कुछ दिन और सब्र करना पड़ आगे पढ़ें »

Eight-month-old girl dies in landslide in Himachal Pradesh, five injured tourist

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में भूस्खलन में आठ माह की बच्ची की मौत, पांच पर्यटक घायल

शिमला : हिमाचल प्रदेश में आए दिन किसी न किसी कारण से हादसे होते रहते है। यहां एक बार फिर भूस्‍खलन की घटना देखने को आगे पढ़ें »

We have not been able to clean the drains and toilets of people: Sadhvi Pragya Singh

हम लोगों की नाली और शौचालय साफ करने के लिए नहीं बने सांसद : साध्वी प्रज्ञा सिंह

सीहोरः भोपाल से भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह लगातार अपने बयानों को लेकर चर्चा में बनी रहती हैं। इसबार फिर वे अपने एक बयान के आगे पढ़ें »

Karnataka BSP MLAs will not be included in floor test

कर्नाटक के एकमात्र बसपा विधायक फ्लोर टेस्ट में नहीं होंगे शामिल

बेंगलुरु : कर्नाटक में जारी सियासी संकट का अंत जल्द ही हो सकता है क्योंकि कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार को सोमवार को सदन में बहुमत आगे पढ़ें »

A pond of dried Uttar Pradesh overnight

रातोंरात सूखा उत्तर प्रदेश का एक तालाब

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में एक लबालब भरा हुआ तालाब रातोंरात सूख गया। यह तलाब संत कबीर नगर जिले के धनघटा क्षेत्र अंतर्गत विकास खण्ड आगे पढ़ें »

ममता का मतपत्रों का इस्तेमाल दोबारा शुरू करने का आह्वान

21 जुलाई की शहीद दिवस की सभा में उमड़ी भीड़ कोलकाता: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को 21 जुलाई शहीद दिवस की सभा में कहा कि आगे पढ़ें »

Afghanistan Air Force raises Airstreak, 28 Taliban terrorists in Farib

अफगानिस्तान वायुसेना ने फरयाब में की एयरस्ट्राइक, 28 तालिबानी आतंकी ढ़ेर

मैमाना : अफगानिस्तान के उत्तरी प्रांत फरयाब में शनिवार को अफगानी वायुसेना की ओर से किये गये एयरस्ट्राइक में 28 तालिबान आतंकवादी मारे गये। इस आगे पढ़ें »

ऊपर