आखिर क्यों करेंगे इस देश के लोग सरकार पर केस?

जकार्ताः इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता गंभीर स्तर पर वायु प्रदूषण की परेशानी से लड़ रहा है। पिछले महीने जकार्ता के एयर क्वालिटी का स्तर इतना खराब हो गया कि दिल्ली और बीजिंग जैसे शहरों को पीछे छोड़ वह दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बन गया। वायु प्रदूषण के जानलेवा स्तर पर पहुंचने के कारण पर्यावरणविद और कार्यकर्ताओं ने लोगों के साथ मिलकर सरकार के खिलाफ एक मुकदमा दायर किया है।

जून में सबसे प्रदूषित रहा शहर

जकार्ता के निवासियों ने सोशल मीडिया पर हाल ही में 2018 और कुछ दिन पहले की तस्वीर साझा कर प्रदूषण के स्तर की तुलना की जिसमें जकार्ता का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 240 से ऊपर चला गया था। जून में ज्यादातर शहर में खतरनाक धुंध छाई रही। इसी वजह से तंग आकर सरकारी कर्मचारी, व्यापारी और कला क्षेत्र में काम करने वाले लोगों ने राष्ट्रपति जोको विडोडो एवं स्वास्थ्य मंत्रालय, गृह मंत्रालय, पर्यावरण मंत्रालय, बांतेन और पश्चिमी जावा के गवर्नरों पर केस दर्ज किया है। जकार्ता लीगल इंस्टीट्यूट के वकील अयु एजा टियारा इस केस को लड़ रहे हैं। उनके मुताबिक वायु प्रदूषण को खत्म करने के लिए सरकार को पुराने नियमों को बदलकर नई योजना की शुरुआत करनी चाहिए।

सरकार ने किया साफ इनकार

वायु प्रदूषण के आंकड़ों को सरकार लगातार झूठा बता रही है। पर्यावरण एजेंसी के अध्यक्ष से मिली जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष हवा का स्तर काफी बेहतर थी। लेकिन कई बार रियल टाइम रिपोर्ट गलत हो जाती है। जकार्ता के गवर्नर एनिएस बसवेदान ने कहा है कि वाहनों से निकलने वाला धुंए के कारण प्रदूषण बढ़ रहा है।

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