

प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : चुनाव की लहर सिर्फ रैलियों और सभाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर बाजारों की रौनक में भी साफ दिखाई देने लगा है। चुनाव आते ही राजनीतिक रंग भी बाजारों में गहराते जा रहे हैं। दुकानदारों के मुताबिक, इस समय सबसे ज्यादा मांग विभिन्न राजनीतिक दलों के झंडों और अबीर-गुलाल की है। कई दुकानदारों ने बताया कि इस बार तृणमूल और भाजपा के झंडे लगभग बराबर मात्रा में बिक रहे हैं। हालांकि, कुछ व्यापारियों का कहना है कि इस बार भाजपा के झंडों की मांग अन्य पार्टियों के मुकाबले थोड़ी अधिक है। रंगों की बात करें, तो बाजार में हरे और केसरिया रंग के अबीर की बिक्री बढ़ी है, जो सीधे तौर पर राजनीतिक दलों के प्रतीकों से जुड़ा हुआ है। उनके मुताबिक लाल झंडे और लाल गुलाल की बिक्री कम हुई है।
अबीर और पार्टी झंडों की दुकानों में छाया रंग
आमतौर पर होली के बाद अबीर-गुलाल की मांग खत्म हो जाती है, मगर इस बार चुनाव को लेकर बाजार में अबीर की मांग बढ़ गई है। दुकानदारों के अनुसार हर बार चुनाव के दौरान हरे रंग की मांग सबसे अधिक होती थी, मगर इस बार इस रेस में केसरिया रंग भी पीछे नहीं है। उन लोगों ने बताया कि पिछले 3 से 4 दिनों से केसरिया रंग के अबीर की मांग बढ़ती ही जा रही है। यही हाल झंडा दुकानाें का भी है। चुनाव से पहले पार्टी झंडों की ऐसी मांग ने ब्रिक्री काफी हद तक बड़ा दी है। कई लोग अपनी स्थाई दुकानों के बाहर अस्थाई रूप से झंडों की दुकानें लगाए हुए हैं।
इस बार ट्रेंड में है पार्टी हैंड प्लेकार्ड
दुकानदारों ने बताया कि इस बार चुनाव प्रचार के दौरान विभिन्न पार्टी हैंड प्लेकार्ड काफी ज्यादा ट्रेंड में है। नेता इसे हाथ में लेकर प्रचार करते देखे जा रहे हैं। इसके अलावा पार्टी का बैच, टी-शर्ट, साड़ी, छाता, कलाई बैंड, उत्तरीय, दुपट्टा और नेताओं का कटआउट भी काफी बिक रहा है।
क्या कहा दुकानदारों ने?
पार्टी झंडों की दुकान चलाने वाले बड़ाबाजार के व्यापारी सुदीप अग्रवाल ने बताया कि चुनाव को लेकर तृणमूल और भाजपा दोनों ही पार्टियों के झंडों की मांग काफी ज्यादा है। इस बार चुनाव से पहले कुछ अलग ही क्रेज देखने को मिल रहा है। देवाशीष पालोधी ने बताया कि इस बार भाजपा के झंडे की बिक्री काफी ज्यादा बढ़ी हुई है। पहले भाजपा के झंडे कम मंगाए गए थे, मगर डिमांग को देखते हुए दुबारा स्टॉक किया गया। गुलाल की दुकान चलाने वाले समीरन पाल ने बताया कि हर बार हरे रंग के गुलाल की मांग बहुत हाेती थी, मगर इस बार नारंगी रंग के गुलाल की मांग ज्यादा है। मुस्तन शेख ने बताया कि हरे और नारंगी दोनों रंग के गुलाल बराबर मात्रा में बिक रहे हैं।