

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : राजस्थान की लोक कलाओं को अपनी पूर्ण गरिमा के साथ कोलकाता में प्रतिष्ठित करने एवं प्रवासी राजस्थानियों को अपनी संस्कृति से जोड़े रखने के उद्देश्य रखने वाले 'मरुधारा' ने अपना 39वां पुरस्कार समारोह आयोजित किया। इस खास मौके पर राजस्थानी भाषा के मूर्धन्य साहित्यकार, वरिष्ठ लेखक एवं रचनाकार कैलाश मंडेला को 'भुवालका जनकल्याण ट्रस्ट पुरस्कार' तथा राजस्थान की सुप्रसिद्ध पड़-पिछवाई चित्रकला के सिद्धहस्त कलाकार प्रकाश जोशी को 'जानकी देवी सोमानी चैरिटी ट्रस्ट पुरस्कार' से सम्मानित किया गया।
मरुधारा सम्मान 'कस्तूरी मृगनाभ में' से ख्याति प्राप्त समाज सेविका किरण खेरुका को सम्मानिक किया गया। इस संध्या को पावन मरुधारा की सांस्कृतिक प्रस्तुति नृत्य नाटिका 'भगती री सगती' जब पधारेंगे स्वयं 'सांवरिया सेठ', 'भक्त नरसी' की टेर पर भरने मायरा 'नानी बाई' का....। मरुधारा के कलाकारों द्वारा अभिनीत इस नाटक की निर्देशिका सह सचिव शुभ्रा अग्रवाल थी।
कार्यक्रम में मरुधारा की अध्यक्षा उषा झुनझुनवाला, उपाध्यक्षा लक्ष्मी बाजोरिया, सचिव माधुरी बागड़ी, सह सचिव सुंदर पारख, कोष सचिव जयश्री मोहता, संयुक्त कोष सचिव विनीता सराफ, नृत्य संयोजिका शारदा दुगड़, संगीत संयोजिका सरिता बाहेती उपस्थित रहीं। मंच का संचालन माधुरी बागड़ी ने किया। यह आयोजन राजस्थान की लोककलाओं व परंपराओं को जीवंत बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।