संसद में शीतकालीन सत्र शुरु, सुषमा स्वराज और अरुण जेटली को दी गई श्रद्धांजलि

Parliament house

नई दिल्ली : संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार को प्रारंभ हो गया है। लोकसभा और राज्यसभा में सत्र की शुरुआत सुषमा स्वराज और अरुण जेटली समेत दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देकर की गई। अरुण जेटली को याद करते हुए कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा, ‘मैं निजी तौर पर उन्हें जानता था। अरुण जेटली और मेरे बीच की राजनीतिक खटास हमारे आपसी संबंधों की वजह से मिठास में बदल जाती थी। छात्र जीवन से लेकर मृत्यु तक, उनका जीवन बहुत सक्रिय रहा। एक अच्छे छात्र और वक्ता के साथ ही वे कुशल नेता थे। जेटली जैसे लोगों के जाने से सिर्फ किसी पार्टी को ही नहीं बल्कि पूरे देश को क्षति पहुंची हैं। मैं उनकी आत्मा की शांति के लिए कामना करता हूं।’

पिछला सत्र उपलब्धियों से भरा था

संसद में शीतकालीन सत्र को शुरु करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी दलों से उत्तम बहस और सहयोग के लिए अनुरोध किया। मोदी ने कहा कि राज्यसभा का यह 250वां सत्र है। 26 तारीख को हमारा 70वां संविधान दिवस है। यह संविधान देश की एकता, अखंडता, भारत की विविधता, भारत के सौंदर्य को समेटे हुए है। देश के लिए यह एक ऊर्जा शक्ति है। उन्होंने पिछले सत्र को अभूतपूर्व उपलब्धियों से भरा हुआ बताया जिसमें सभी लोगों द्वारा किया गया सहयोग महत्वपूर्ण रहा।

संसद बहस के लिए है

लोकसभा में कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ‘हम प्रधानमंत्री और सत्तारूढ़ पार्टी से यह आशा रखते हैं कि आम जनता के हित से जुड़े सभी मुद्दों को लेकर यहां चर्चा करने पर मंजूरी दी जाएगी। संसद बहस, चर्चा और वार्ता के लिए ही बनी है। सदन को सही ढंग से चलाए रखने के लिए सरकार को विपक्षी दलों द्वारा अपने विचार व्यक्त करने, अपनी राय को उचित तरीके से प्रस्तुत करने की अनुमति देना जरूरी है। यह संसदीय लोकतंत्र का सार है।’

लोकसभा में 20 बैठकें प्रस्तावित

इस सत्र में लोकसभा की 20 बैठकें होनी तय हैं। इसके साथ ही सरकार राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने, कॉमन सिविल कोड, नागरिकता संशोधन और ई-सिगरेट सं‌बंधित विधेयक को भी प्रस्तुत कर सकती है। इसके साथ ही चिट फंड संशोधन, मेडिसिन बिल, होम्योपैथी बिल, सरोगेसी बिल, डैम सेफ्टी बिल, नदियों के पानी बंटवारे का बिल, आर्म्स बिल, जुवेनाइल जस्टिस बिल, नेशनल पुलिस यूनिवर्सिटी बिल, डिजास्टर मैनेजमेंट बिल, पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन बिल, द मेडिकल टर्मिनेशनल ऑफ प्रेगनेंसी बिल, एयर क्राफ्ट बिल, इंडियन मेडिकल काउंसिल बिल को भी पेश किए जाने की संभावना है। वहीं, विपक्ष द्वारा अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति, देश में बढ़ती बेरोजगारी, युवा और किसानों की समस्याएं, गांधी परिवार की सुरक्षा घटाने को लेकर सरकार को घेरने का प्रयास किया जा सकता है।

वर्तमान में संसद में 43 बिल विचाराधीन हैं। 12 बिलों को सदन के ध्यानार्थ रखा जाना है। यह मानसून सत्र के पेंडिंग बिल हैं। 7 बिलों की लिस्टिंग विदड्राॅ करने के लिए हुई। 27 बिलों का इंट्रोडक्शन होना है।

गांधी परिवार की सुरक्षा घटाने का मुद्दा उठाया गया

शीतकालीन सत्र के पहले दिन लोकसभा में विपक्ष ने कश्मीरी नेताओं की हिरासत में लिए जाने के साथ ही गांधी परिवार की सुरक्षा घटाने के मामले को उठाया। सदन में ‘विपक्ष पर हमला बंद करो, फारूक अब्दुल्ला को रिहा करो’ के नारे लगाए गए। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि 108 दिन से नेताओं की नजरबंदी करना जुल्म है। उनकी मांग है कि फारूक अब्दुल्ला की उपस्‍थिति को संसद में सुनिश्चित किया जाए। यह उनका अधिकार है। वहीं, कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को संसदीय कार्यवाही में शामिल होने के लिए अनुमति दी जाने की मांग की। उन्होंने कहा- पहले भी सांसदों पर मामले लंबित होने के दौरान उन्हें संसद आने की अनुमति मिलती रही है। फिलहाल चिदंबरम आईएनएक्स मीडिया घोटाले में तिहाड़ जेल में कैद हैं। विपक्ष में बैठेगी शिवसेना

शीतकालीन सत्र से ही शिवसेना अब विपक्ष में बैठेगी। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में अपना मुख्यमंत्री बनाने के मुद्दे पर शिवसेना के इकलौते मंत्री अरविंद सावंत ने भी मोदी कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था। सत्र से पहले हुई एनडीए की बैठक में भी शिवसेना शामिल नहीं हुई। राज्यसभा में उसके सदस्यों संजय राउत और अनिल देसाई के लिए बैठक व्यवस्था बदली गई।

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