सरकार के दबाव के बाद भी ट्विटर ने कुछ हैंडल्स पर नहीं लिया एक्शन

नई दिल्ली : केंद्र सरकार के आदेश पर ट्विटर ने बीते करीब 10 दिनों में कई अकाउंट्स को ब्लॉक किया है। इसके अलावा ट्विटर ने सरकार के आदेश पर कुछ नए मीडिया समूहों, पत्रकारों, एक्टिविस्ट्स और राजनेताओं के अकाउंट पर रोक नहीं लगाई है। ट्विटर का कहना है कि हमने इन अकाउंट्स पर इसलिए रोक नहीं लगाई थी क्योंकि हमारा मानना है कि इससे भारतीय कानून के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बाधित हो। ट्विटर ने अपनी एक ब्लॉग पोस्ट में बताया है, ‘हमने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मिनिस्ट्री को अपनी ओर से लिए गए एक्शन के बारे में जानकारी दे दी है। हम भारत सरकार से लगातार बातचीत करते रहेंगे।’ ट्विटर की ओर से यह विस्तृत बयान ऐसे वक्त में आया है, जब केंद्र सरकार और सोशल मीडिया कंपनी के बीच विवाद की खबरें चल रही थीं। दरअसल ट्विटर पर यह आरोप लग रहा था कि केंद्र सरकार ने उसे 250 अकाउंट्स को ब्लॉक करने का आदेश दिया था, लेकिन उसकी ओर से इस पर कोई ऐक्शन नहीं लिया गया था। कहा गया था कि केंद्र सरकार के आदेश के बाद ट्विटर ने इन अकाउंट्स को कुछ घंटे के लिए ही ब्लॉक किया था। इस पर केंद्र सरकार की ओर से ट्विटर को कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी। सरकार और ट्विटर में चल रहे मतभेदों के बीच सोशल मीडिया कंपनी के अधिकारियों ने आईटी मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद से मुलाकात के लिए समय मांगा था। ट्विटर ने अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी।  बुधवार को ब्लॉग पोस्ट में ट्विटर ने दुनिया भर में फ्री स्पीच के लिए पैदा हो रहे खतरे को लेकर चिंता जताई है। ट्विटर ने लिखा है, ‘दुनिया भर में इंटरनेट और खुली अभिव्यक्ति के सामने चुनौती पैदा हुई है। बीते दिनों नई दिल्ली में हुई हिंसा के बाद यह बताना चाहते हैं कि भारत में हमारे सिद्धांत और नियम क्या हैं। ट्विटर पूरी दुनिया में अभिव्यक्ति की आजादी के माहौल के बेहतर करना चाहता है। हम भविष्य में भी अपनी सेवाओं को बेहतर करने का प्रयास करते रहेंगे ताकि लोग सार्वजनिक संवाद में सुरक्षित और बेहतर महसूस कर सकें।’ ट्विटर का कहना है कि 26 जनवरी को हुई हिंसा के बाद उसने तमाम कॉन्टेंट, ट्रेंड्स, ट्वीट्स और अकाउंट्स के खिलाफ ऐक्शन लिया है। ट्विटर ने बताया कि उसने नियमों का उल्लंघन करने वाले तमाम अकाउंट्स पर ऐक्शन लिया है। करीब 500 से ज्यादा अकाउंट्स ऐसे हैं, जिन पर स्पैम होने या फिर गलत जानकारी देने के चलते ऐक्शन लिया गया है। ट्विटर का कहना है कि आईटी मिनिस्ट्री के अनुरोध पर उसने घृणा फैलाने वाले बहुत से हैशटैग्स की विजिबिलिटी को घटाने का काम किया है।

 

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