पुडुचेरी को ट्रांसजेंडर घोषित क्यों नहीं कर देती सरकार-नारायणसामी

Narayansamy

चेन्नई : पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए हुए कहा कि वह अपनी मनमानी करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र शासित प्रदेशों के साथ केंद्र सरकार दोहरी नीति अपनाती है। उनका कहना है कि सरकार मनमर्जी करती है और अपनी सुविधा के हिसाब से पुडुचेरी को राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दे देती है। उनके अनुसार इससे बेहतर है कि सरकार पुडुचेरी को ट्रांसजेंडर घोषित कर दे।

केंद्र पर लगाया दोहरी नीति का आरोप

नारायणसामी के अनुसार जब बात जीएसटी जैसे विषयों की आती है तब पुडुचेरी के साथ अन्य राज्यों जैसा रवैया अपनाया जाता है। वहीं, जब किसी ऐसी योजना की बात उठती है जिसे पुडुचेरी में लागू किया जाना आवश्यक है तब उसे एक केंद्र शासित प्रदेश के तौर पर देखा जाता है। केंद्र सरकार की इन नीतियों के चलते पुडुचेरी की स्थिति न तो इधर की रही न उधर की। इस तरह मुख्यमंत्री नारायणसामी ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार पुडुचेरी के साथ भेदभाव करती है। उन्होंने केंद्र सरकार पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया है।

विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों की है समस्या

इस पर कांग्रेस नेता ने कहा कि पुडुचेरी प्रशासन उसी तरह की दिक्कतों का सामना कर रहा है, जैसी दिल्ली को करनी पड़ती हैं। यह समस्या उन केंद्र शासित प्रदेशों की है, जिनमें विधानसभा है। नारायणसामी द्वारा केंद्र सरकार से जल्द ही इस समस्या का समाधान करने की मांग की गई है।

मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल के बीच विवाद

गौरतलब है कि पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी और उपराज्यपाल किरण बेदी के बीच कई दिनों से विवाद जारी है। हाल ही में नारायणसामी ने किरण बेदी के कामकाज के तरीके की आलोचना की थी और उन्हे जर्मन तानाशाह एडोल्फ हिटलर की बहन कहते हुए तंज कसा था।

किरण बेदी की मंजूरी नहीं जरूरी

उन्होंने कहा था कि किरण बेदी द्वारा मंत्रीमंडल के फैसले नकारे जाने से उनका खून खौल उठता है। नारायणसामी ने कहा था कि अपनी यात्रा के लिए हमें किरण बेदी से सहमति लेने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि हम उनकी नौकरी या गुलामी नहीं करते। बता दें कि किरण बेदी की ओर से नारायणसामी की यात्रा के विषय में कहा गया था कि उन्हें इसकी जानकारी मीडिया से मिली है। इसके साथ ही उन्होंने यह सवाल उठाया था कि इस यात्रा के लिए आवश्यक सहमति प्राप्त की गई थी या नहीं।

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