आखिर आज ही क्यों मनाया जाता है टॉयलेट डे? जानें क्यों है ये दिन खास

कोलकाताः बीते कुछ वर्षों से स्वच्छता के प्रति काफी जोर दिया जा रहा है। भारत में भी स्वच्छता को लेकर अभियान चल रहे हैं, जिनके माध्यम से लोगों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया जा रहा है। विश्व में स्वच्छता और सफाई बनी रहे इसलिए सबसे जरूरी ये भी है कि हर व्यक्ति टॉयलेट का इस्तेमाल करे और वातावरण में स्वच्छता बनी रहे। इन्हीं सब बातों के प्रति समुदाय में जागरूकता लाने के लिए प्रत्येक वर्ष 19 नवम्बर को वर्ल्ड टॉयलेट डे के रूप मनाया जाता है। इस दौरान लोगों को टॉयलेट के इस्तेमाल के महत्व के बारे में बताया जाता है।

 

सिंगापुर के रहने वाले जैक सिम ने 19 नवंबर 2001 को वर्ल्‍ड टॉयलेट ऑर्गेनाइजेशन की स्थापना की थी, जिसके बाद वर्ष 2013 में संयुक्त राष्ट्र संगठन ने इसे ऑफिशियल तौर पर मनाने की घोषणा की। वर्ल्ड टॉयलेट डे मनाने का मुख्‍य उद्देश्‍य लोगों को खुले में शौच करने से रोकना है। इस दौरान उन्हें  शौचालय से जुड़े मानव अधिकारों के बारे में भी बताया जाता है। इसके साथ ही दुनियाभर में स्वच्छता, स्वास्थ्य और सुरक्षा नीति को मजबूत करना है।

हर साल अलग थीम​​
वर्ल्ड टॉयलेट डे को मनाने को लेकर हर साल एक अलग थीम रखी जाती है। साल 2022 के लिए थीम स्वच्छता और भूजल निर्धारित की गई है। इस थीम के आधार पर आज दुनिया भर में लोगों को स्वच्छता और भूमिगत जल के महत्व के बारे में जानकारी दी जाएगी।

इसलिए मनाया जाता है दिवस

खुले में शौच जाने से संक्रमण व अन्य बीमारियों का खतरा बना रहा है, इस दिवस पर इसको लेकर जागरूकता की जाती है।दुनियाभर में स्वच्छता, स्वास्थ्य और सुरक्षा नीति को मजबूत करने के लिहाज भी ये दिवस जरूरी है।
खुले में शौच जाने के कारण महिलाएं व किशोरियां वारदातों का शिकार हो जाती हैं, जिसको लेकर इस दिन जागरूकता फैलाई जाती है।

 

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