जानें कौन हैं एक्टर दीप सिद्धू, जिन पर लगा है लालकिले पर मचे बवाल का षड्यंत्रकारी होने का आरोप

नई दिल्लीः गणतंत्र दिवस पर किसान संगठनों की ओर से निकाली गई ट्रैक्‍टर रैली ने मंगलवार को अचानक झड़प का रूप ले लिया था। इसमें 86 पुलिसकर्मी घायल हुए। करीब दो महीने से चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन के अचानक यूं बेकाबू होने की वजह खोजी गई तो कुछ किसान नेताओं ने दीप सिद्धू का नाम लिया। किसान नेताओं ने कहा कि दीप सिद्धू ने किसानों को भड़काया। अभिनेत्री गुल पनाग ने भी ट्वीट करके दीप सिद्धू पर आरोप लगाए। सोशल मीडिया पर दीप सिद्धू की पीएम मोदी और अभिनेता से नेता बने सनी देओल के साथ तस्वीरें भी जमकर शेयर हुईं। आरोप लग रहे हैं तो आइये आपको बता देते हैं कि दीप सिद्धू हैं कौन और वे इस आंदोलन से कैसे जुड़ गए।

दीप सिद्धू- मॉडल, अभिनेता, लीगल एडवाइजर

दीप सिद्धू का जन्म पंजाब के मुक्तसर में हुआ है। वह मॉडल और अभिनेता है। किंगफिशर मॉडल हंट समेत उन्होंने मॉडलिंग की कई प्रतियोगिताएं जीती हैं। एक्टिंग की दुनिया में उन्होंने फिल्म ‘रमता जोगी’ से कदम रखा। इस फिल्म को मशहूर अभिनेता धर्मेंद्र के बैनर विजेता फिल्म्स में बनाया गया था। इसके साथ ही वह लीगल एडवाइजर भी हैं। उन्होंने राजनीति में 2019 से कदम रखा और गुरदासपुर से बीजेपी के नेता सनी देओल के लिए प्रचार किया था।

भाजपा का एजेंट होने का आरोप

जब किसानों का आंदोलन शुरू हुआ और सिद्धू इस आंदोलन में हिस्सा लेते दिखाई दिए तो कई किसान संगठनों के नेताओं ने उन पर भाजपा का एजेंट होने का आरोप भी लगाया, जिसे सिद्धू ने सिरे से नकार दिया।

किसान आंदोलन से ऐसे जुड़े

जैसे ही किसान आंदोलन शुरू हुआ दीप सिद्धू सक्रिय हो गए। रास्तों को टोल फ्री करवाने और गांव-गांव जाकर किसानों को आंदोलन के लिए तैयार करने में सिद्धू ने भी अहम भूमिका निभाई। कई बार उन्होंने कई ऐसे अलगाववादी बयान दिए थे, जिसे किसान संगठन बिल्कुल पसंद नहीं करते थे। वह किसान संगठन के नेताओं के खिलाफ भी बोलते थे कई बार तो आंदोलन के दौरान किसान नेताओं ने उन्हें स्टेज पर भी नहीं चढ़ने दिया। इस सबके बावजूद युवा किसानों में इनकी लोकप्रियता काफी अधिक है। किसानों से जुड़े रहने के लिए वह खुद जमीन पर तो सक्रिय रहते ही हैं, साथ ही डिजिटल का भी पूरा सहयोग लेते हैं। वह अक्सर फेसबुक लाइव के जरिए भी किसानों को संबोधित करते हैं।

किसानों को यूं भड़काने की बात सामने आई

किसान संगठनों की पुलिस से बातचीत चल रही थी और वह तय रूट से ही ट्रैक्टर परेड निकालने वाले थे, लेकिन आरोप लगाया गया है कि एक रात पहले ही दीप सिद्धू और गैंगस्टर से नेता बने लक्खा सिधाना कुछ किसानों से मिले और उन्हें भड़काया कि किसान संगठन सरकार से बातचीत कर रहे हैं, देखो कुछ नहीं निकला, दो महीने हो गए हैं। ये सरकार की बात मान लेते हैं। बातचीत से कुछ नहीं निकलने वाला, हम दिल्ली में घुसेंगे और लालकिले पर जाएंगे।

लालकिले की घटना को लेकर लगे हैं ये आरोप

जब किसान बेरिकेट्स तोड़कर दिल्ली में घुसे ये भी मौजूद थे। लालकिले की प्राचीर से जब तिरंगे के बगल में ‘निशान साहिब’ का झंडा लगाया गया, तब सिद्धू उसी समूह में शामिल थे। पताका के साथ फेसबुक लाइव भी किया। उन्होंने फेसबुक लाइव में ये भी कहा कि हमने विरोध जताने के लिए अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करते हुए सांकेतिक तौर पर निशान साहिब का झंडा फहराया है।

शेयर करें

मुख्य समाचार

मधुशाला पर भी चुनाव आयोग की विशेष नजर!

देशी से लेकर विदेशी शराब की बिक्री का रखा जा रहा हिसाब सन्मार्ग संवाददाता कोलकाताः इस बार भी चुनाव आयोग की नजर मधुशालाओं पर भी है। आयोग आगे पढ़ें »

104 डिग्री मिला तापमान तो अंत में ही दे सकेंगे वोट

चुनाव आयोग की कोरोनाकाल में विशेष गाइडलाइन सन्मार्ग संवाददाता कोलकाताः कोरोना काल में विधानसभा चुनाव में संक्रमण से बचाव के लिए चुनाव आयोग ने विशेष पहल की आगे पढ़ें »

ऊपर