बिकरू कांड : गैंगस्टर विकास दुबे यूपी एसटीएफ के हवाले

उधुर, उज्जैन पुलिस ने दावा किया – विकास दुबे को हमने गिरफ्तार किया

उज्जैन/लखनऊ : कानपुर के बिकरू गांव में 8 पुलिसवालों की जान लेने वाले गैंगस्टर विकास दुबे को उज्जैन के महाकाल मंदिर के बाहर से गिरफ्तार करने के बाद वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जज के सामने पेश किया गया। सीजीएम तृप्ति त्रिपाठी के समक्ष उसे वीडियो कांफ्रेंस के जरिये पेश किया गया। इसके बाद जज ने उसे ट्रांजिट रिमांड पर यूपी पुलिस को सौंपने की अनुमति दे दी। इसके बाद उज्जैन पहुंची यूपी एसटीएफ की विशेष टीम गैंगस्टर विकास दुबे को अपने साथ लेकर यूपी रवाना हो गई। वहीं, दूसरी ओर लखनऊ में विकास की पत्नी और उसके बेटे को भी यूपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इनके खिलाफ धारा 120बी यानी षड्यंत्र रचने में सहयोग देने का आरोप है।

विकास दुबे की उज्जैन में अचानक हुई नाटकीय गिरफ्तारी पर उठ रहे सवालों के बीच 12 घंटे बाद उज्जैन पुलिस ने सामने आकर सफाई दी है। उज्जैन एसपी मनोज कुमार सिंह ने दावा किया है कि हमने विकास दुबे को गिरफ्तार किया है। उज्जैन पुलिस ने विकास दुबे से 8 घंटे तक पूछताछ की है। साथ ही हर जानकारी को यूपी पुलिस के साथ साझा किया है। उज्जैन एसपी ने दावा किया है कि हमने 2 दिन पहले अपनी टीम को विकास दुबे को लेकर अलर्ट किया था। वह बहुत ही शातिर अपराधी है। उसने कई संगीन अपराध किए हैं। उज्जैन एसपी ने सरेंडर के सवाल पर कहा कि सारी चीजें सामने हैं। दुकानदार सुरेश माली ने पहले विकास दुबे को देखा। उसने महाकाल की सुरक्षा में तैनात राहुल और धर्मेंद्र को बताया। धर्मेंद्र ने महाकाल चौकी को इसके बारे में जानकारी दी।

ऐसा रहा विकास की गिरफ्तारी का नाटकीय घटनाक्रम

मध्य प्रदेश में उज्जैन स्थित प्रसिद्ध महाकाल मंदिर परिसर के निर्गम गेट से कुख्यात अपराधी विकास दुबे की गुरुवार सुबह हुई गिरफ्तारी वहां फूल बेचने वाले राजेश माली उर्फ सुरेश माली के कारण संभव हो पायी।  प्रसाद एवं फूल बेचने वाले सुरेश ने सबसे पहले विकास दुबे को देखा और उसकी पहचान करने के लिए मंदिर परिसर में तैनात कांस्टेबल घनश्याम मिश्रा को फोन करके सूचित किया। उसने पुलिस को बताया कि उक्त व्यक्ति कुछ-कुछ विकास दुबे जैसा दिख रहा है। इसकी जानकारी मिलने के बाद घनश्याम ने फिर पुलिस चौकी में इसकी सूचना दी और साथश्रसाथ मंदिर के सुरक्षा गार्ड राहुल को इसके बारे में बताया।
सूत्रों के अनुसार इसके बाद दुबे को महाकाल परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने मंदिर के निर्गम द्वार पर पकड़ा था और इस मौके पर उसकी सुरक्षाकर्मियों से हल्की झड़प भी हुई।
वहीं, चश्मदीदों में से एक ने बताया कि इस दौरान दुबे ने भागने की कोशिश भी की थी।
हालांकि, मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भोपाल में मीडिया को बताया, ”मंदिर परिसर में तैनात हमारे एक कांस्टेबल घनश्याम को शक हुआ। यह सब प्राइमरी बात है। इसको अंतिम ना मानें।’’ उन्होंने कहा, ”उसके दो साथी, बिट्टू और सुरेश, भी महाकाल (मंदिर) से गिरफ्तार किए गये हैं।”  यह पूछे जाने पर कि क्या मंदिर समिति के लोगों ने भी पहचान की थी और पुलिस को इसके बारे में बताया तो मिश्रा ने कहा, ”बाद में सारे पहचान करते गये।”

दर्शन के लिए वीआईपी पर्ची कटवाई थी

मंदिर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार होने से पहले दुबे आज सुबह करीब सात बजे महाकाल मंदिर के गेट पर पहुंचा था और मंदिर में वीआईपी गेट से प्रवेश करने के लिए मंदिर परिसर स्थित एक पुलिस पोस्ट के पास से 250 रूपये की रसीद भी कटवाई थी।  उन्होंने कहा कि बाद में वह पास के ही एक दुकान पर गया था और वहां से महाकाल मंदिर में चढ़ाने के लिए प्रसाद एवं फूल खरीदा था। इस दौरान इस दुकानदार ने उसे पहचान लिया और पुलिस को सूचित किया।  सूत्रों के अनुसार, ”इसके बाद पुलिस ने उससे उसका नाम पूछा और उसने विकास दुबे बताया। इसके बाद महाकाल मंदिर परिसर में तैनात पुलिसकर्मियों एवं निजी सुरक्षा गार्डों ने उसे पकड़ लिया और वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद एक सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि उसे पास के ही महाकाल पुलिस थाने में ले जाया गया।” इसका फुटेज वायरस हुआ है जिसमें दुबे को पैदल थाने ले जाते हुए देखा जा सकता है।
उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह ने मीडिया को बताया, ”दुबे को महाकाल में तैनात सुरक्षाकर्मी ने पकड़ा। मौके पर हल्की झड़प भी हुई।”
लॉकर रूम में काम करने वाले गोपाल कुशवाह ने कहा, ”विकास दुबे आया था और मुझसे पूछा था कि बैग एवं जूता कहां रखने है? मैंने बताया कि इस रैक पर रख दीजिए। वह बैग रख कर चला गया।’’
मंदिर परिसर में तैनात पुलिसकर्मी विजय राठौर ने बताया, ”मेरी डूटी मंदिर में वीवीआईपी प्रवचन हाल गेट पर थी। उस समय मुझे सूचना मिली कि एक व्यक्ति घूम रहा है जिसकी शक्ल विकास दुबे नामक अपराधी से मिलती है। मैंने उससे पहचानपत्र मांगा तो उसने नकली पहचानपत्र दिया। मैंने उसकी व्हाट्सऐप पर तस्दीक की, जहां उसकी तस्वीर देखी। मैंने तुरंत वरिष्ठ अधिकारी को सूचित किया और उसे उसे रोक लिया। वह धक्का देकर भाग रहा था, लेकिन हमने उसे पकड़ लिया।’’  वहीं, मंदिर में तैनात निजी सुरक्षा गार्ड लखन यादव ने मीडिया को बताया, ”दुबे के बारे में हमने विभाग के अधिकारी एवं पुलिस को बताया। हम उसे सीसीटीवी में करीब दो घंटे तक देखते रहे। वह सुबह करीब सात बजे के आसपास आया। पहले उसने पीछे की गेट से आने की कोशिश की थी।”
पुलिस ने बताया कि पूछताछ के बाद दुबे को उत्तर प्रदेश पुलिस को सज्ञैंप दिया गया है।
गौरतलब है कि दो-तीन जुलाई की दरमियानी रात करीब एक बजे दुबे को गिरफ्तार करने गए पुलिस दल पर उसके गुर्गों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलायीं जिसमें पुलिस क्षेत्राधिकारी देवेंद्र मिश्रा सहित आठ पुलिसकर्मी मारे गए।

शेयर करें

मुख्य समाचार

कोविड-19 वायरस के प्रभावी लक्षण दिखन में लगते हैं आठ दिन : वैज्ञानिक

नयी दिल्ली : बड़ी संख्या में कोविड-19 के मरीजों से प्राप्त सैंपल्स की जांच तथा नये अध्ययनों और उनके विश्लेषण करने के उपरांत वैज्ञानिक इस आगे पढ़ें »

कोल इंडिया ने उत्पादन लक्ष्य घटाकर किया 65-66 करोड़ टन

कोलकाता : सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने कोविड-19 महामारी की वजह से पैदा हुई अड़चनों के मद्देनजर चालू वित्त वर्ष 2020-21 आगे पढ़ें »

पश्चिम बंगाल की 20 अरब डॉलर आकार की लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की नीति तैयार, जल्द उद्योग के लिये जाएंगे विचार : अमित मित्रा

कोरोना काल में आर्थिक परेशानी से घिरी मुंबई में जूनियर टेबल टेनिस खिलाड़ी स्वस्तिका घोष

अब लक्ष्य 2022 विश्व कप है, लेकिन श्रृंखला दर श्रृंखला प्रदर्शन देखूंगी : झूलन गोस्वामी

धोनी आईपीएल में अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में होंगे: मांजरेकर

घोर लापरवाही, 18 घंटे घर में पड़ा रहा कोरोना संक्रमित का शव

अभिषेक बच्चन की कोविड टेस्ट रिपोर्ट 28 दिन बाद आयी निगेटिव

narvane

किसी भी हालात के लिए तैयार रहें कमांडर : नरवणे

पुरी ने 10-10 लाख रुपए मुआवजे देने का किया ऐलान, राज्य सरकार भी देगी इतना ही मुआवजा

ऊपर