कश्मीर में 12 दिन बाद टेलीफोन व इंटरनेट सेवा बहाल, आवाजाही में छूट

Kashmir Normal

श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाने का दमदार फैसला लेने और उसे दो टुकड़ों में बांटकर केंद्रशासित प्रदेश बनाने के बाद घाटी में बने हालात तेजी से सुधर रहे हैं। इसे देखते हुए प्रशासन ने 12 दिन बाद शनिवार को राज्य के कुछ हिस्सों में 2जी इंटरनेट सेवाएं और लैंडलाइन टेलीफोन सेवा बहाल कर दीं। जम्मू, रियासी, सांबा, कठुआ और उधमपुर में इंटरनेट सेवाएं शुरू हो गईं। इसके अलावा घाटी के 17 टेलीफोन एक्सचेंज पर लैंडलाइन सेवा शुरू कर दी गई। राज्य के मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रमण्यम ने इस बात की जानकारी दी।

कुछ मामलों में दी गई ढील

कश्मीर घाटी में लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए और कर्मचा‌रियों को दफ्तर जाने के लिए आवाजाही पर लगे प्रतिबंधों में ढील दी गई। हालांकि, सुरक्षाबलों को संवेदनशील इलाकों में सतर्क रहने को कहा गया है। सिविल लाइन्स और डल गेट एरिया में निजी वाहनों ‌का उचित परिक्षण कर आने-जाने की छूट दी जा रही है। कुछ इलाकों में कैब सर्विस दोबारा शुरू कर दी गई है। वहीं कुछ इलाकों में दुकानों को भी खोला गया है।

सोमवार से कई पाबंदियां हट जाएंगी

मुख्य सचिव ने बताया कि सीमापार से होने वाले आतंकवाद को देखते हुए केंद्र सरकार की तरफ से सावधानी भरे कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्थिति पूरी तरह से सामान्य है और अभी तक किसी मौत की खबर नहीं है और न ही किसी के गंभीर तौर पर घायल होने की खबर है। मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि राज्य के 12 जिलों में सामान्य रूप से कामकाज हो रहा है जबकि मात्र पांच जिलों में भी सीमित पाबंदियां हैं। सोमवार से स्कूल खोल दिए जाएंगे। इसके अलावा सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को भी चालू कर दिया जाएगा। राज्य में सरकारी दफ्तर शुक्रवार से ही खुल गए। घाटी में धीरे-धीरे कई और रोक भी हटाई जा रही हैं। माना जा रहा है कि जल्‍द ही नजरबंद नेताओं की भी रिहाई हो सकती है।

12 जिलों में जनजीवन सामान्‍य

जम्मू कश्मीर के 22 में से 12 जिलों में जनजीवन सामान्‍य हो गया है। शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के बाद राज्यभर में सब कुछ शांतिपूर्ण रहा। इससे पहले शुक्रवार सुबह राजधानी में सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने उच्चतम न्यायालय के समक्ष कहा कि लोगों को जम्मू कश्मीर में तैनात सुरक्षाबलों पर भरोसा करना चाहिए और स्थिति को सामान्य बनाए रखने के किए जा रहे प्रयास में सुरक्षाबलों का साथ देना चाहिए।

अनुच्छेद 370 हटाने के ऐलान से पहले उठाए गए कदम

राज्य से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के सरकार के ऐलान से ठीक पहले ही जम्मू कश्मीर में सुरक्षा के मद्देनजर टेलीकॉम और मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थीं। राज्य में धारा-144 लागू कर दी गई थी। जिससे सभी स्कूल-कॉलेज भी बंद कर दिए गए थे। गौरतलब है कि श्रीनगर में तीनों पूर्व मुख्यमंत्रियों फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को नजरबंद कर दिया गया था।

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