पानी की खाली बोतलों से रेलवे बनाएगा टी शर्ट और कैप

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नई दिल्ली : रेलवे स्टेशनों और ट्रेन के डिब्बों में खाली पड़ी प्लास्टिक की बोतलों को अब टी-शर्ट और टोपी बनाने के काम के इस्तेमाल किया जाएगा। पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए रेलवे ने यह अनोखा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इतना ही नहीं प्लास्टिक की खाली बोतल को जमा करने वाले हर आदमी को प्रति बोतल के लिए पांच रुपये भी दिए जाएंगे। इस योजना के लिए रेलवे ने स्टेशनों पर रिवर्स वेंडिंग मशीन लगा दी है जिसमें पानी की प्लास्टिक बोतलों को क्रश करके टी-शर्ट और टोपी बनाई जाएगी। पूर्व मध्य रेलवे के चार स्टेशनों पटना जंक्शन, राजेंद्रनगर, पटना साहिब और दानापुर स्टेशन पर रिवर्स वेंडिंग मशीन लगाई जा चुकीं है। मालूम हो कि रेलवे ने इसका सफल प्रयोग बिहार की राजधानी पटना रेलवे स्टेशन पर कर लिया है। बोतलों को रिसाइकिल कर दोबारा इस्तेमाल में लाने के लिए देश के 2250 स्टेशनों में मशीन लगाने की तैयारी की जाएगी।

सभी मौसम में पहनने लायक होगी टी-शर्ट

पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) राजेश कुमार ने कहा कि रेलवे स्टेशनों पर फालतू पड़ी खाली पानी की प्लास्टिक बोतलों से टी-शर्ट और टोपी बनाई जाएगी जिसके लिए बोतल क्रशर मशीन का प्रयोग किया जाएगा। इसकी सबसे खास बात तो यह है कि इस टी-शर्ट को हर मौसम में पहना जा सकेगा। टी-शर्ट और टोपी बनाने के लिए मुंबई की एक कंपनी से हमारी डील तय हुई है और बहुत जल्द ही इन टी-शर्टस को बाजार में उपलब्ध करा दिया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि इस प्रयोग के तहत प्रति स्टेशन में औसत 300 बोतलें रोजाना क्रश की जा सकेंगी जिसके हिसाब से 2250 स्टेशनों में रोज 7 लाख बोतलें क्रश की जाएंगी, जिनसे करीब 58 हजार टीशर्ट बनाई जा सकेंगी। एक टीशर्ट को तैयार करने में करीब 12 बोतलों के उत्पाद की जरूरत होती है। हाल ही में रांची में ऐसी ही टी-शर्ट्स की प्रदर्शनी लगाई गई थी जिसे लोगों ने खूब पसंद किया था।

रेलवे को प्रदूषण से मिलेगी मुक्ति

राजेश कुमार ने कहा कि इस कदम को उठाने से स्टेशनों और पटरियों पर पड़े प्लास्टिक कचरे एवं प्रदूषण से रेलवे को मुक्ति मिलेगी। बता दें कि भारत विश्व में उपयोग होने वाले प्लास्टिक का दो से तीन प्रतिशत इस्तेमाल करता है जिसमें अकेले रेलवे की पानी की बोतलों का योगदान 5 प्रतिशत है। उन्होंने आगे कहा कि लोगों को पता नहीं होता कि बोतल का उपयोग करने के बाद इसे कहां फेंका जाए और इसे कहीं भी फेंक देते हैं जिस कारण प्रदूषण की समस्या बढ़ती है। प्रदूषण को कम करने के लिए हमने यह कदम उठाया है।

यात्रियों को खाली बोतल के लिए पांच रुपये मिलेंगे

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने यह भी बताया कि यात्रियों को खाली बोतल के लिए पांच रुपये मिलेंगे। रेलवे की एजेंसी बायो-क्रश की ओर से यह पांच रुपये उन्हें वाउचर के तौर पर मिलेंगे। क्रशर मशीन में बोतल डालते समय यात्रियों को अपना मोबाइल नंबर भी देना होगा जिसके तुरंत बाद उनके फोन में थैंक्यू मैसेज के साथ राशि से संबंधित वाउचर उपलब्‍ध हो जाएगा। टी-शर्ट और टोपी में अपनी सुविधा अनुसार रंग भी किया जा सकेगा। क्रश करके बनी टीशर्ट सामान्य टीशर्ट के मुकाबले अधिक टिकाऊ होती है।

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