तो अब फेसबुक चलाएगी सरकारों को’!

नई दिल्ली : न्यूज प्रसारण को लेकर अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी फेसबुक इंक और ऑस्ट्रेलिया सरकार के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। फेसबुक ने ऑस्ट्रेलिया में न्यूज और इमरजेंसी सेवाओं की पोस्ट को बैन कर दिया, जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की और उनकी मदद मांगी है।

वे अब दुनिया को चलाएंगे!

द सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड के अनुसार ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने गुरुवार को पीएम मोदी से फोन पर बात की है। मॉरिसन ने कहा, ‘वे दुनिया को बदल रहे हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे अब दुनिया को चलाएंगे भी। हम बड़ी टेक कंपनियों के इन धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। वे हमारी संसद पर दबाव बनाने की कोश‍िश कर रहे हैं, क्योंकि हम महत्वपूर्ण न्यूज मीडिया बारगेनिंग कोड पर वोटिंग कर रहे हैं।

क्या है मामला

फेसबुक पर न्यूज साइट्स के पोस्ट को लेकर ऑस्ट्रेलिया सरकार और फेसबुक के बीच काफी समय से विवाद चल रहा है। हाल में फेसबुक ने काफी अप्रत्याश‍ित कदम उठाते हुए ऑस्ट्रेलिया सरकार के एक कानून के विरोध में वहां के न्यूज, हेल्थ और इमरजेंसी सेवाओं के पोस्ट पर रोक लगा दी। इसके लिए फेसबुक की काफी आलोचना की जा रही है। फेसबुक ने ऑस्ट्रेलिया के सभी यूजर्स और मीडिया, पब्लिशर्स के लिए न्यूज कॉन्टेंट शेयरिंग पर रोक लगा दी। यही नहीं, उसने वहां की कई इमरजेंसी सेवाओं की पोस्ट को भी हटा दिया। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री लगातार इस बात की वकालत कर रहे हैं कि फेसबुक के कॉन्टेंट को सरकारी रेगुलेशन के तहत लाया जाए। यही नहीं ऑस्ट्रेलिया का जो प्रस्तावित कानून आ रहा है उसमें कहा गया है कि फेसबुक अगर न्यूज शेयर करता है तो उसे इसके लिए संबंध‍ित मीडिया कंपनी को पे करना होगा यानी वह मुफ्त में किसी मीडिया की खबर को अपने पाठकों के लिए नहीं परोस सकता।  फेसबुक इंक इसी से भड़की हुई है

पीएम मोदी से की बात

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने फेबसुक के कदम के ख‍िलाफ दुनिया के नेताओं का समर्थन जुटाने की कोश‍िश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की। उनका कहना है क‍ि फेसबुक को चुनी हुई सरकारों को इस तरह से ‘धमकाने’ की कोश‍िश बंद करनी चाहिए। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में खबरों के लिंक पोस्ट करने पर फेसबुक द्वारा लगाई गई रोक का मसला पीएम मोदी के सामने उठाया। ऑस्ट्रेलिया सरकार का कहना है कि फेसबुक को वहां के किसी कानून से दिक्कत थी तो इस पर उसके चीफ मार्क जकरबर्ग को बात करनी चाहिए थी, न कि अचानक लाखों उपभोक्ताओं के लिए जरूरी कॉन्टेंट पर रोक लगाने की।  ऑस्ट्रेलिया सरकार इस मसले पर कानूनी लड़ाई लड़ने की भी तैयारी कर रही है।

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