शाह बोले – राहुल के लिए अनुच्छेद 370 राजनीतिक मुद्दा, हमारे लिए अखंड भारत का संकल्प

Amit Shah

मुंबई : भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को मुंबई में विजय संकल्प रैली को संबोधित करते हुए कहा कि चुनावी अभियान की शुरुआत अनुच्छेद 370 को हटाने के परिचय के कार्यक्रम से हो रही है। शाह ने कहा कि अनुच्छेद 370 देश को एक सूत्र में जोड़ने में बाधक था। बीजेपी ने दूसरी बार सत्ता में आते ही इस बाधा को खत्म कर दिया है। शाह ने इस रैली में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर भी अनुच्छेद 370 को लेकर हमला करते हुए कहा कि अगर नेहरू ने बेवक्त पाकिस्तान के साथ संघर्ष विराम की घोषणा नहीं की होती तो ‘पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर’ अस्तित्व में नहीं आता।

भारत को अखंड बनाने का संकल्प

उन्होंने कहा कि नेहरू की जगह सरदार वल्लभभाई पटेल को कश्मीर का मुद्दा अपने हाथ में लेना चाहिए था। शाह ने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि वह अनुच्छेद 370 की समाप्ति के पीछे राजनीति देखती है जबकि भाजपा इस तरह से नहीं सोचती है। उन्होंने कहा कि “370 हटना भाजपा के लिए राजनीतिक मुद्दा नहीं है, भारत मां को एक और अखंड बनाने का संकल्प है जो मोदी ने पूरा किया है। कांग्रेस को इसमें राजनीति दिखाई देती है और हमें इसमें देशभक्ति दिखती है।”

तीन परिवारों ने 370 को संभालकर रखा

अमित शाह ने कहा कि जब से अनुच्छेद 370 और 35-ए अस्तित्व में आया था तभी से जनसंघ और बीजेपी ने इसका विरोध किया है। 370 देश की एकता में भी बाधा रही है। शाह ने कहा कि आज पूरा हिन्दुस्तान चाहता है कि पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) भारत का हिस्सा बने। शाह ने कहा कि संस्कृति की रक्षा के लिए अनुच्छेद 370 की जरूरत नहीं है। जम्मू-कश्मीर में भ्रष्टाचार बंद हो जाता इसलिए वहां के तीन परिवारों ने 370 को संभालकर रखा।

मोदी के साहस ने 370 को उखाड़ फेंका

उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 के कारण देश में आतंकवाद आया। इसकी वजह से ही कश्मीर से कश्मीरी पंडितों, सूफी-संतों को निकाल दिया गया और आतंकवाद चरम पर पहुंचा। अब तक 370 के कारण करीब 40 हजार लोग मारे गए और कांग्रेस पूछती है कि 370 को क्यों हटाया गया।

मोदी के आने से हिली परिवारवादी पार्टियों की नींव

उन्होंने कहा, मुझे गर्व है कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और अब वहां अनुच्छेद 370 नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी के आने के बाद परिवारवादी पार्टियों की नींव हिलने लगी है। अब कश्मीर में भी परिवारवादी पार्टियों का सफाया होने वाला है। कश्मीर में 370 हटने के बाद जनता शांति से अपना जीवन यापन कर रही है। उन्होंने बताया कि वहां के सिर्फ 10 थानों में प्रतिबंधित धाराएं लगीं हैं, 99 प्रतिशत लैंडलाइन खुल गए हैं। शाह ने कहा, महाराष्ट्र चुनाव में दो तरह की पार्टियां चुनाव के मैदान में हैं, एक ओर भारत मां को अपना सर्वस्व मानने वाली पार्टी बीजेपी है और दूसरी ओर अपने परिवारों को अपना सर्वस्व मानने वाली कांग्रेस और एनसीपी है। अब महाराष्ट्र की जनता को तय करना है कि उन्हें राष्ट्रवादी पार्टी के साथ जाना है या परिवारवादी पार्टियों के साथ जाना है।

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