गणतंत्र दिवस पर दिखा ‘आत्मनिर्भर भारत’, राफेल बना परेड का शो-स्टॉपर

राजपथ पर दिखी देश की ताकत और संस्कृति की झलक, राफेल के शोर से गूंजा आसमान
नई दिल्लीः राफेल के फ्लाइ पास्ट के बाद राजपथ पर गणतंत्र दिवस समारोह खत्म हो चुका है। अब राष्ट्रपति के अंगरक्षक वापस आ गए हैं, एक बार फिर सलामी के बाद विशेष घुड़सवार गार्ड्स राष्ट्रपति को वापस राष्ट्रपति भवन ले जाएंगे। इसके बाद प्रोटोकॉल के आधार पर उपराष्ट्रपि, प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री एक एक करके जाएंगे।
11:28 बजे
अब हर किसी की नज़रें आसमान की ओर
परेड का सबसे शानदार हिस्सा आ गया है, यानी फ्लाइपास्ट अब होगा, जब राफेल लड़ाकू विमान उड़ान भरेगा। राजपथ के ऊपर आसमान में इस तरह फ्लाइ पास्ट में जलवा दिखाया गया। रूद्र फॉरमेशन फ्लाइ पास्ट की शुरुआत रूद्र फॉरमेशन यानी एक डकोटा वायुयान, दो Mi-17 हेलिकॉप्टरों के साथ विक्रीमे फॉरमेशन में। इस फॉरमेशन में विंग कमांडर मुकुल खरे और स्कवाड्रन लीडर राठौर कमान संभाल रहे हैं। 1947 में शत्रुओं को सीमा से बाहर खदेड़ने की कार्रवाई में सैन्य दलों और आपूर्ति को कश्मीर घाटी पहुंचाने के लिए डकोटा काफी उपयोगी रहे थे।
सुदर्शन फॉरमेशन
सुदर्शन फॉरमेशन में एक चिनूक और दो Mi-17 हेलिकॉप्टरों के साथ विक्रीरम फॉर्मेशन है। चिनूक हेलिकॉप्टर सुदूर अवस्थिति से हर तरह का वजन वहन करने में सक्षम हैं। इस फॉरमेशन का नेतृत्व 126 हेलिकॉप्टर फ्लाइट के ग्रुप कैप्टन सिद्धार्थ रावत ने किया।
रक्षक फॉरमेशन
अत्याधुनिक Mi-35 हेलिकॉप्टर के साथ चार अपाचे हेलिकॉप्टरों को विक्टरी फॉरमेशन में देख रहे हैं। सटीक निशानावर अपाचे ने युद्ध भूमि में शत्रुओं को पछाड़ने के लिए भारतीय वायुसेना को महत्वपूर्ण बढ़त दी है।
भीम फॉरमेशन
भीम फॉरमेशन में 3 C-130 जे विमान विक्ट्री फॉरमेशन बना रहे हैं। सी-130 जे भारतीय वायुसेना का विशेष ऑपरेशन विमान है और सुदूर क्षेत्रों से छोटी और अर्धनिर्मित सरफेस पर संचालन में समर्थ है। ये विमान कोवर्ट इनसर्शन, विशेष एयरड्रॉप और एयर लैंडिड मिशनों, बेस रक्षा, आकस्मिकता में और स्थान खाली कराने और सुदूर क्षेत्रों में मानवीय सहायता पहुंचाते हैं।

10:45 बजे
पहली बार दिखी लद्दाख की झांकी, यूपी में राम मंदिर की झलक
राजपथ पर झांकियों में सबसे पहले झांकी , संघ शासित प्रदेश लद्दाख की झांकी है जो केन्द्र शासित प्रदेश बनने के बाद पहली गणतंत्र दिवस परेड में शिरकत कर रही है। लद्दाख राज्य के शांतिप्रिय और संतोषी लोग अपनी समृदध संस्कृति पर गौरवान्वित हैं और केंद्र शासित दर्जें का आनंद उठा रहे हैं। यह झांकी लद्दाख को संघ शासित प्रदेश घोषित करने के बाद लद्दाख को कार्बन न्यूट्रल स्टेट बनाकर विश्व के लिए उदाहरणात्मक प्रदेश के विजन पर केंद्रित है। इस बार उत्तर प्रदेश की झांकी भी खास है। इसमें राम मंदिर की झलक को दिखाया गया है। उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक शहर को अयोध्या के राजा ब्रह्मा के पुत्र मनु ने बसाया था, इसे ही अयोध्या कहा गया और इसमें अष्टाचक्र नवाद्वार है जिसका वर्णन अथर्ववेद में मिलता है। वाल्मिकी कृत रामायण में अयोध्या को भगवान राम का जन्म स्थान बताया गया है, पूरे विश्व में अयोध्या को राम जन्मभूमि होने के कारण सनातन संस्कृति का प्रतीक माना जाता है। आज इस राज्य की झांकी में अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत, मूल्यों और सुंदरता को दिखाया जा रहा है। पहले भाग में महर्षि वाल्मिकी को रामायण की रचना करते दिखाया जा रहा है।
10:36 बजे


राजपथ पर जवानों की कदमताल
राजपथ पर मंगलवार को अर्द्ध सैनिक और अन्य सहायक बलों की परेड भी निकली। इस दौरान भारतीय तटरक्षक बल, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, दिल्ली पुलिस का बैंड, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस का बैंड, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के जवानों ने अपनी ताकत को दिखाया। राजपथ पर ‘‘ब्लैक कैट कमांडोज‘‘ के नाम से लोकप्रिय राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के मार्चिंग दस्ते ने अपना जोश दिखाया। यह बल 1984 से अस्तित्व में आया एवं इस बल में भारतीय सेना एवं अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों से सर्वोत्तम अधिकारियों/जवानों को चुना जाता है। दस्ते के जवान इस वक्त एनएसजी गीत ‘हम हैं न, हैं न हिंदुस्तान‘, हम रंग-रंग हैं, फिर भी संग है तीन रंग का एक निशान गाते हुए राजपथ पर मार्च किया।
10:25 बजे
राजपथ पर आई नौसेना की झांकी
राजपथ पर नौ सेना की झांकी भी दिखाई गई। झांकी के पहले भाग में भारतीय नौसेना द्वारा 04-05 दिसंबर 1971 की रात को मिसाइल बोट्स द्वारा कराची बंदरगाह पर हमले को दर्शाया गया. झांकी के दोनों तरफ हमलावर यूनिटों द्वारा अपनाए गए मार्ग को दर्शाया गया। झांकी में 1971 के युद्ध में नौसेना के प्रमुख योद्धाओं की प्रदर्शन मंजूषा को दिखाया गया है। आईएनस विक्रांत को सी हॉक और अलाइज एयरक्राफ्ट के साथ फ्लाइंग ऑपरेशन में भाग लेते हुए दिखाया गया है। झांकी के अन्य भाग में युद्ध के दौरान महावीर चक्र विजेताओं के चित्र दिखाए गए हैं। झांकी की दोनों तरफ आत्मसमर्पण समारोह समय के भित्ति चित्र दिखाए गए हैं। नौसेना के बाद वायुसेना की झांकी राजपथ पर आई। भारतीय वायु सेना की झांकी की विषय वस्तु है- ‘भारतीय वायु सेना- शान से आकाश को छूते हुए। इस झांकी में हल्का लड़ाकू विमान, हल्का लड़ाकू हेलिकॉप्टर, सू-30 मार्क-1 वायुयान और रोहिणी रेडार के प्रतिरूप आसमानी पृष्ठभूमि में दर्शाए गए हैं। झांकी के दोनों तरफ वर्दी में सुसज्जित अफसरों को दिखाया गया है।

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