कोरोना से जंग : रिजर्व बैंक ने आम आदमी को दी ये राहत

नई दिल्ली : भारतीय रिजर्व बैंक ने कोरोना संकट से निपटने के लिए हेल्थ सेक्टर के लिए 50 हजार करोड़ रुपये के लोन की व्यवस्था की है। वहीं रिजर्व बैंक ने आम आदमी के राहत के लिए भी ऐलान किए हैं। आइए जानते हैं कि रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास के बुधवार के ऐलान की प्रमुख बातें क्या रहीं….
केवाईसी पर राहत
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज अपने संबोधन में कहा कि मौजूदा स्थिति में केवाईसी के नियमों में कुछ बदलाव किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बैंक किसी भी खाते से लेनदेन पर केवाईसी अपडेट नहीं होने के कारण 31 दिसंबर तक रोक नहीं लगा सकेंगे। यानी ग्राहकों को 31 दिसंबर, 2021 तक की राहत दे दी गई है। बैंक इस साल 31 दिसंबर तक केवाईसी अपडेट नहीं होने के कारण किसी भी खाते से लेनदेन पर रोक नहीं लगा सकेंगे। दास ने ग्राहकों से अपील की कि वे इस दौरान अपना केवाईसी अपडेट करा लें। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि अब प्रॉपराइटरशिप फर्म, ऑथराइज्ड सिग्नेटरी और वैधानिक इकाइयों के लाभार्थी मालिक भी वीडियो केवाईसी सुविधा के पात्र होंगे। साथ ही केवाईसी के पीरियॉडिक अपडेशन के लिए भी वीडियो केवाईसी सुविधा की अनुमति दी गई है। आरबीआइ के नए नियम के बाद अब केवाईसी के लिए फेस-टू-फेस मोड की जरूरत नहीं पड़ेगी। आधार केवाईसी के जरिए प्रमाणित हो जाएगा।
50 हजार करोड़ रुपये का बैंक लोन
उन्होंने कहा कि 50 हजार करोड़ रुपये की नकदी कोविड से जुड़े हेल्थकेयर इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए मिलेगी। इसके तहत बैंक वैक्सीन निर्माताओं, ​आयातकों, ऑक्सीजन सप्लायर्स, कोविड की दवाइयों के उत्पादक, अस्पतालों, पैथोलॉजी लैब आदि को लोन देंगे। यह सुविधा 31 मार्च 2022 तक रहेगी। उन्होंने कहा कि यह लोन रेपो रेट पर यानी काफी किफायती ब्याज दर पर होगा। गौरतलब है ​कि रेपो रेट सिर्फ 4 फीसदी है।
35 हजार करोड़ की नकदी
सिस्टम में नकदी दुरुस्त करने के लिए रिजर्व बैंक अगले पंद्रह दिन में 35 हजार करोड़ की सरकारी प्रतिभूति की खरीद करेगा। आरबीआइ के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कोविड संकट को देखते हुए ,माइक्रोफाइनेंस संस्थाओं को लोन देने वाले स्माल फाइनेंस बैंक को प्राथमिकता क्षेत्र माना जाएगा।
कोविड लोन बुक
शक्तिकांत दास ने कहा कि बैंकों को इस बात के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है कि वे कमजोर क्षेत्रों को लोन दें। बैंक अपने बहीखाते में एक कोविड लोन बुक बनाएंगे। वे रिजर्व बैंक के कोविड खाते में इतनी ही रकम रख सकेंगे और उन्हें रिवर्स रेपो रेट से 40 बेसिस पॉइंट यानी 0.4 फीसदी ज्यादा ब्याज मिलेगा।
छोटे कर्जधारकों की रीस्ट्रक्चरिंग
उन्होंने कहा कि अब छोटे कर्जधारकों के 25 करोड़ रुपये तक के लोन को भी 30 सितंबर, 2021 तक रीस्ट्रक्चरिंग की सुविधा मिलेगी। ऐसे कर्जधारक अपने कर्ज लौटाने की शर्तों, ब्याज दर आदि में बदलाव के लिए बैंक से डील कर सकेंगे।

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