रैनटैक खाने वाले हो जायें सावधान, हो सकती है…

कोलकाताः गैस जैसी समस्या होते ही अक्सर लोग रैनटैक खा लेते है। बगैर डाक्टरी सलाह के रैनटैक खाने वाले सावधान हो जाये क्योंकि चंद समय की राहत देने वाला यह रैनटैक आपको कई तरह की बीमारी दे सकता है। उन बीमारियों में कुछ जानलेवा बीमारी भी है जिसकी जानकारी हम आपको देने जा रहे हैं।
यदि आप एंटासिड रैनिटिडीन के नियमित उपभोक्ता हैं जो कि ज़ांटैक के रूप में भी लोकप्रिय है, तो आपको पता होना चाहिए कि इस दवा को भारत सरकार द्वारा हाल ही में आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची 2022 में हटा दिया गया है। इसकी वजह है रैनटैक के साइड इफेक्ट- शोध से बता चलता है कि इस दवा से कैंसर होने का जोखिम बढ़ जाता है।
हाल ही में इस भारत सरकार द्वारा जारी
26 दवाओं को हटा दिया गया
आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची NLEM 2022 से रैनिटिडीन और 26 दुसरी दवाओं को हटा दिया गया है। यानी की अब इस दवाई का सेवन करना और बेचना दोनो मना होगा। बता दें, रैनटैक एक दवा है जो आपके पेट में बनने वाले एसिड की मात्रा को कम करती है। इसका उपयोग दिल में जलन, अपच और पेट में बहुत अधिक एसिड के कारण होने वाले अन्य लक्षणों के इलाज और रोकथाम के लिए किया जाता था। इसके अलावा इसका उपयोग पेट के अल्सर, रिफ्लक्स डिजीज और कुछ दुर्लभ स्थितियों के इलाज और रोकथाम के लिए भी किया जाता रहा है।रैनटैक क्या काम आती है?
रैनटैक 150 टैबलेट एक दवा है जो आपके पेट में बनने वाले एसिड की मात्रा को कम करती है. इसका उपयोग दिल में जलन, अपच और पेट में बहुत अधिक एसिड के कारण होने वाले अन्य लक्षणों के इलाज और रोकथाम के लिए किया जाता है। इसका उपयोग पेट के अल्सर, रिफ्लेक्स डिजीज और कुछ दुर्लभ स्थितियों के इलाज और रोकथाम के लिए भी किया जाता है।
​रैनटैक पर शोध में पाया गया कैंसर का जोखिम
निटिडिन को 1981 में पेश किया गया था और तब से यह जीईआरडी से संबंधित स्थितियों के लिए सबसे अधिक मांग वाली दवाओं में से एक है। एक शोध रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया भर में 222 मिलियन रोगियों के इलाज के लिए तैयार किए गए 120 से अधिक देशों में इसे बेचा गया है।लेकिन 2019 में, रैनिटिडीन के नमूनों में एन-नाइट्रोसोडिमिथाइलमाइन या NDMA पाया गया था। रैनिटिडीन 2019 से जांच के दायरे में है जब यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए)ने इसमें कार्सिनोजेनिक तत्व पाए गए।
एनडीएमए बॉडी को कैसे करता है प्रभावित
एनडीएमए मनुष्यों के लिए विषैला होता है और इस यौगिक के अत्यधिक संपर्क से मानव शरीर को कई नुकसान हो सकते हैं। यह N-ni-trosamines का एक सदस्य है, जो शक्तिशाली कार्सिनोजेन्स।यूएस एनवायर्नमेंटल प्रोटेक्शन एजेंसी (ईपीए) की एक रिपोर्ट के अनुसार, एनडीएमए के संपर्क में आने से लीवर खराब हो जाता है। यह पेट में ऐंठन, बढ़े हुए लीवर, यकृत, गुर्दे और फेफड़ों के कार्य में कमी और चक्कर आने का कारण बन सकता है।एनडीएमए एक ज्ञात पर्यावरणीय संदूषक है, जो मांस, डेयरी उत्पादों और सब्जियों सहित पानी और खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। यूएस एफडीए इसे एक संभावित कैंसर के लिए जिम्मेदार मानता है। कई पशु अध्ययनों में एनडीएमए के कैंसरकारी प्रभावों को देखा भी गया है।
​भारत सरकार ने इन 26 दवाओं आवश्यक दवा की सूची से हटाया

  • अल्टेप्लेसएटेनोलोल
  • ब्लीचिंग पाउडर
  • कैप्रोमाइसिन
  • सेट्रिमाइड
  • क्लोरफेनिरामाइन
  • दिलोक्सैनाइड फ्यूरोएट
  • डिमेरकाप्रोलो
  • एरिथ्रोमाइसिन
  • एथिनिल एस्ट्राडियोल
  • एथिनिल एस्ट्राडियोल (ए) नोरेथिस्टरोन (बी)
  • गैनिक्लोविर
  • कनामाइसिन
  • लैमिवुडिन (ए) + नेविरापीन (बी) + स्टावूडीन (सी)
  • लेफ्लुनोमाइड
  • मेथिल्डोपा
  • निकोटिनामाइड
  • पेगीलेटेड इंटरफेरॉन अल्फा 2ए, पेगीलेटेड इंटरफेरॉन अल्फा 2बी
  • पेंटामिडाइन
  • प्रिलोकेन (ए) + लिग्नोकेन (बी)
  • प्रोकार्बाज़िन
  • रैनिटिडीन
  • रिफाब्यूटिन
  • स्टावूडीन (ए) + लैमिवुडिन (बी)
  • सुक्रालफेट
  • व्हाइट पेट्रोलेटम

 

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