बॉलीवुड की देशभक्ति फिल्में जिन्होंने दिलाई आजादी की याद

कोलकाता : इस वर्ष हम देश की स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। आज जिस अमृत का हम पान कर रहे हैं, वह अमृत उन वीरों के दृढ़ संकल्प रूपी मंथन का परिणाम है जिसे पूरा करने के लिए वे अपनी जान पर खेल गये और समाज को दे गये देशभक्ति का जज़्बा। समाज का हर क्षेत्र उन वीरों के बलिदानों को अपने अपने तरीके से याद करता है और कर रहा है। बॉलीवुड भी इससे पीछे नहीं रहा है। समय समय पर बॉलीवुड ने फिल्मों के जरिये देशभक्ति की भावना जागृत करने की कोशिश की है। आइये जानें उन देशभक्ति फिल्मों के बारे में-
शहीद (1948)
भारत के स्वतंत्रता संग्राम की पटकथा पर आधारित इस फिल्म में कामिनी कौशल, दिलीप कुमार एवं चंद्रमोहन की मुख्य भूमिकाएं थी।
‘जागृति ‘ (1954)
‘जागृति’ जागृति ही थी, खासकर पचासवें दशक के जवां होते उन बच्चों के लिए जिन्हें अभी तक आजादी के मायने सही मायनों में पता नहीं थे। ऐसे में जागृति फिल्म रिलीज हुई, जिसका निर्देशन सत्येन बोस ने किया था। ‘आओ बच्चो तुम्हें दिखायें झांकी हिन्दोस्तान की’, ‘साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल’, ‘हम लाये हैं तूफां से कश्ती निकाल के’ आदि गाने इसी जागृति फिल्म के हैं, जिनके बगैर आज भी आजादी का हर जश्न अधूरा है।
आनंदमठ (1952)
बंकिम चंद्र चटर्जी की कालजयी रचना आनंदमठ पर आधारित इस फिल्म के निर्देशक थे- हेमेन गुप्ता, पटकथा लेखक थे- कृष्ण प्रभाकर और कलाकार थे-पृथ्वीराज कपूर, प्रदीप कुमार, गीताबाली, और अजीत खान। इसी उपन्यास का एक गीत ‘वंदेमातरम’ आजादी के दीवानों का कुलगीत और देश की आजादी के बाद में राष्ट्रगीत का दर्जा प्राप्त हुआ।
हकीकत (1964)
‘हकीकत’ को भारतीय सिनेमा में युद्ध पर बनी सबसे कालजयी फिल्म माना जाता है। फिल्मकार चेतन आनन्द द्वारा बनायी गयी यह फिल्म नेहरू युग में हुए भारत-चीन युद्ध को लेकर थी। मदन मोहन इसके संगीतकार थे और धर्मेन्द्र, बलराज साहनी, प्रिया राजवंश और शेख मुख्तार की भूमिकाएं थीं।
शहीद (1965)
मनोज कुमार अभिनीत यह फिल्म शहीद-ए-आजम भगतसिंह की जीवनी पर आधारित है। साल 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के साये में आई इस फिल्म को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म के नेशनल अवॉर्ड से भी नवाजा गया था। यह भगतसिंह पर बनने वाली पहली फीचर फिल्म थी।
उपकार(1967)
यह सुपरहिट फिल्म भी मनोज कुमार ने बनायी थी। इस फिल्म की शूटिंग बाहरी दिल्ली के नांगल ठाकरान गांव में हुई थी। फिल्म के ‘मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे मोती…’ गीत में मनोज कुमार जिन खेतों में जुताई करते व धान की फसल में हाथ लहराते नजर आ रहे हैं वो नांगल ठाकरान के ही हैं। इसी फिल्म से मनोज कुमार की भारत कुमार की छवि बनी थी।
पूरब पश्चिम (1970)
पूरब और पश्चिम उपकार के पश्चात भारत कुमार के रूप में यह उनकी दूसरी फिल्म थी, जिसमें उनका साथ थे- अशोक कुमार, सायरा बानो, ओमप्रकाश, प्रेमचोपड़ा और विनोद खन्ना आदि। भारतीय संस्कृति के महत्व को दर्शाती यह फिल्म काफी लोकप्रिय हुई थी।
हिन्दुस्तान की कसम (1973)
चेतन आनंद की फिल्म ‘हिंदुस्तान की कसम’1971 के युद्ध में पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय सेना के लॉन्च किये विशेष ऑपरेशन पर आधारित थी। ‘हिंदुस्तान की कसम ‘ को 1971 में भारत पाकिस्तान युद्ध में शहीद हुए भारतीय वायुसेना के कमांडेंटों के प्रति श्रद्धांजलि के रूप में वर्णित किया जा सकता है।
प्रहार (1991)
नाना पाटेकर, माधुरी दीक्षित व डिम्पल कपाड़िया अभिनीत इस फिल्म का निर्देशन नाना पाटेकर द्वारा ही किया गया है। देश के जवान सीमा में तैनात होकर बाहरी दुश्मनों से देश की रक्षा करते हैं, लेकिन देश के अंदरूनी दुश्मन इसे खोखला करते जा रहे हैं। इसी सच्चाई के इर्द-गिर्द फिल्म की कहानी घूमती है। इसमें नाना पाटेकर ने एक सैनिक की भूमिका निभाई है।
बॉर्डर (1997)
जेपी दत्ता की बनाई गई यह फिल्म युद्ध पर आधारित सबसे लोकप्रिय भारतीय फिल्म कही जा सकती है। यह भारत-पाकिस्तान के बीच 1971 में हुई जंग के समय की सच्ची घटना पर आधारित है। फिल्म के गानों से लेकर भारतीय सैनिकों की वीरता के दृश्यों तक सबकुछ आज भी दर्शकों द्वारा पसंद किया जाता है।
सरफरोश (1999)
सरफ़रोश निर्देशक-निर्माता एवं लेखक जॉन मैथ्यू माथन की एक्शन-थ्रिलर आधारित हिन्दी भाषा की फिल्म है। फिल्म में नसीरुद्दीन शाह, आमिर खान एवं सोनाली बेंद्रे मुख्य भूमिका में है। सन् 1999 में फिल्म तब रिलीज हुई जब भारत-पाकिस्तान के मध्य कारगिल युद्ध का संघर्ष चल रहा था। फिल्म का विषय भी एक बहादुर भारतीय पुलिस अफसर और सीमा-घुसपैठ के गुप्त अभियान पर केंद्रित है। फिल्म की सकारात्मक समीक्षा के साथ व्यावसायिक रूप से भी काफी सफल रही।
लगान (2001)
लगान, मदर इंडिया और सलाम बॉम्‍बे के बाद बॉलीवुड की तीसरी ऐसी फिल्‍म थी जिसे ऑस्‍कर के लिये नॉमिनेट किया गया था। यह अंग्रेजों के भारत पर किये अत्‍याचार को दिखाती है। फिल्‍म में गांव के किसानों और अंग्रेजों के बीच दिखाये गये क्रिकेट मैच के लिये याद किया जाता है, जिसमें यह शर्त लगी होती है कि अगर गांव वाले मैच हार जाते हैं तो उनकी जमीन पर अंग्रेज कब्‍जा कर लेंगे और अगर वो जीतते हैं तभी अपनी जमीन जमीन बचाने में कामयाब होंगे।
गदर : एक प्रेम कथा ( 2001)
यह फिल्‍म पाकिस्‍तान से सनी देओल के हैंडपम्‍प उखाड़ कर भारत लाने के लिये पहचानी जाती है। फिल्म में सनी देओल ने तारा सिंह का रोल प्ले किया था। यह फिल्म उस साल की ब्लॉकबस्टर फिल्‍म साबित हुई थी। प्रेम की पृष्ठभूमि वाली कहानी पर आधारित गदर : एक प्रेम कथा 1947 में हुए भारत-पाकिस्‍तान बंटवारे के दृश्‍यों को संजोती है।
लक्ष्य (2004)
साल 1999 में भारत-पाक के बीच हुए कारगिल युद्ध की पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म में रितिक रोशन, प्रीति जिंटा एवं अमिताभ बच्चन मुख्य किरदार में नजर आए थे। फिल्म का निर्देशन फरहान अख्तर ने किया था।
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस : द फॉरगॉटन हीरो (2004)
आजाद हिन्द फौज के जरिए अंग्रेजों के पसीने छुड़ा देने वाले नेताजी के ऊपर साल 2004 में यह फिल्म श्याम बेनेगल के निर्देशन में बनी है। यह फिल्म चर्चा में अधिक नहीं रही, लेकिन इसने काफी सराहना जरूर बटोरी।
मंगल पाण्डेय: द राइजिंग (2005)
आजादी की लड़ाई के अग्रदूत कहे जाने वाले मंगल पांडेय के जीवन का दर्शन कराने वाली यह फिल्‍म देशभक्ति पर बनी एक बेहतरीन फिल्‍म है। इस फिल्‍म में भी आमिर खान ही मुख्‍य किरदार में थे।
रंग दे बसंती (2006)
आमिर खान, शरमन जोशी, कुणाल कपूर, आर. माधवन व सोहा अली खान जैसे दमदार अभिनेताओं ने राकेश ओमप्रकाश मेहरा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अंग्रेजों से आजादी के बाद भ्रष्टाचार जैसी बुराइयों से आजादी के खिलाफ क्रांतिकारी लड़ाई को दर्शाया है।
मणिकर्णिका: झाँसी की रानी(2019)
‘मणिकर्णिका : झाँसी की रानी’ की पटकथा रानी लक्ष्मी लक्ष्मीबाई के जीवन और 1857 के भारतीय विद्रोह के दौरान ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ उनकी लड़ाई पर आधारित है। भारत की महान वीरांगना की कहानी बताती यह फिल्‍म भी देशभक्ति से भरपूर है।
उरी : द सर्जिकल स्ट्राइक(2019)
उरी : द सर्जिकल स्ट्राइक एक बॉलीवुड ड्रामा है, जिसका निर्देशन आदित्य धर ने किया है। फिल्म की कहानी सर्जिकल स्ट्राइक के ऊपर है, जो भारत ने 2016 में लाइन ऑफ़ कण्ट्रोल के पार पाकिस्तानी आतंकवादियों के ऊपर की थी। इस फिल्‍म में विक्‍की कौशल इंडियन आर्मी के एक मेजर की भूमिका में नजर आये थे। इसके अलावा यामी गौतम, परेश रावल, कीर्ति कुलहरि, और मोहित रैना आदि अन्‍य किरदारों में नजर आते हैं।
केसरी (2019)
केसरी अनुराग सिंह द्वारा लिखित और निर्देशित 2019 की एक भारतीय हिंदी भाषा की एक्शन-वॉर फिल्म है। फिल्म में अक्षय कुमार मुख्य भूमिका में नज़र आये हैं, जबकि परिणीति चोपड़ा, मीर सरवर, वंश भारद्वाज, जसप्रीत सिंह, विवेक सैनी और विक्रम कोचर ने सहायक भूमिकाओं का निर्वहन किया है। फ़िल्म की कहानी सारागढ़ी की लड़ाई में घटी घटनाओं का अनुसरण करती है, जो 1897 में ब्रिटिश भारतीय सेना की 36वीं सिख रेजिमेंट के 21 सैनिकों और 6000-10000अफरीदी और ओरकजई पश्तून आदिवासियों के बीच लड़ी गयी थी।

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