डेल्टा वेरिएंट से 6 गुना ताकतवर ओमि‌क्रॉन, ये लक्षण ना करें इग्नोर

नई दिल्लीः कोरोना वायरस का नया वेरिएंट B.1.1.529 (ओमिक्रॉन) दुनिया के सामने एक नई मुसीबत बनकर खड़ा हो गया है। डब्लयूएचओ ने इसे लेकर चिंता जाहिर की है और इसे ”वेरिएंट ऑफ कन्सर्न’ के रूप में सूचीबद्ध किया है। दुनियाभर के एक्सपर्ट्स का दावा है कि ओमिक्रॉन जैसे खतरनाक वेरिएंट पर मोनोक्लोनल एंटीबॉडीज थैरेपी का कोई असर नहीं होता है। इस वेरिएंट की ताकत और लक्षणों को लेकर भी बहुत सी नई बातें सामने आई हैं।

कितना खतरनाक ऑमिक्रॉन वेरिएंट?
दक्षिण अफ्रीका समेत अन्य देशों में ओमिक्रॉन इंफेक्शन के प्रारंभिक विश्लेषण के आधार पर इसे डेल्टा वेरिएंट से छह गुना ज्यादा ताकतवर बताया जा रहा है। डेल्टा वही वेरिएंट है जिसने भारत में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान तबाही मचाकर रख दी थी। यह वेरिएंट इम्यून सिस्टम को भी चकमा दे सकता है।  एक रिपोर्ट के मुताबिक, ओमिक्रॉन पिछले वेरिएंट्स से ज्यादा संक्रामक है और वैक्सीनेशन या नेचुरल इंफेक्शन से होने वाले इम्यून रिस्पॉन्स को भी बेअसर कर सकता है।

  • ज्यादा इंफेक्शन और लोगों को तेजी से मौत के घाट उतारने वाले डेल्टा वेरिएंट पर मोनोक्लोनल एंटीबॉडी थैरेपी का असर दिखाई देता है।
  • जबकि डेल्टा प्लस वेरिएंट पर इस थैरेपी का कोई असर नहीं होता है, जो कि कोविड-19 इंफेक्शन के शुरुआती चरणों में एक चमत्कारी इलाज माना जाता है।
  • डेल्टा प्लस वेरिएंट के बाद ओमिक्रॉन दूसरा ऐसा वेरिएंट है जिस पर मोनोक्लोनल एंटीबॉडी ट्रीटमेंट का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

कैसे हैं ओमिक्रॉन इंफेक्शन के लक्षण?

  • दक्षिण अफ्रीका में सबसे पहले ओमिक्रॉन वेरिएंट की पहचान करने वाली डॉक्टर एंजेलीके कोएट्जी ने कहा, ‘मैंने इसके लक्षण सबसे पहले कम उम्र के एक शख्स में देखे थे जो तकरीबन 30 साल का था।’
  • उन्होंने बताया कि मरीज को बहुत ज्यादा थकावट रहती थी।  उसे हल्के सिरदर्द के साथ पूरे शरीर में दर्द की शिकायत थी।  गले में खराश की जगह छिलने की दिक्कत थी।
  • उसे ना तो खांसी थी और ना ही लॉस ऑफ टेस्ट एंड स्मैल जैसा कोई लक्षण दिख रहा था। हालांकि डॉक्टर ने मरीजों के एक छोटे से समूह को देखकर ही ये प्रतिक्रिया दी थी। अधिकांश लोगों में इसके लक्षण कैसे होंगे, इसे लेकर उन्होंने कोई स्पष्ट दावा नहीं किया है।
  • दक्षिण अफ्रीका में एक व्यक्ति को जब कोविड-19 के नए वेरिएंट से संक्रमित पाया तो उन्होंने उसके पूरे परिवार की जांच की।
  • दुर्भाग्यवश परिवार के सभी सदस्य संक्रमण की चपेट में आ चुके थे. हालांकि सभी संक्रमितों में इसके बहुत हल्के लक्षण नजर आ रहे थे।

 

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