पेट्रोल-डीजल : महंगे तेल से आम आदमी बेहाल

नई दिल्ली : देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिर बढ़ने लगी हैं। कई जगहों पर तो पेट्रोल की कीमतें 100 का आंकड़ा पार कर चुकी हैं। एक समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अंतर काफी रहता था, लेकिन आज ये हालत है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अंतर कम हो गया है। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम होने की गुंजाइश नहीं है। उन्होंने ये भी कहा था कि इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, इससे भी कीमतें बढ़ रही हैं। हालांकि, सरकार के ही आंकड़े बताते हैं कि जब मोदी सत्ता में आए थे तब क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से भी ज्यादा थी, लेकिन उस वक्त एक लीटर पेट्रोल की कीमत 70 से 72 रुपए के बीच थी। मोदी सरकार में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने की एक वजह इन पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी भी है, जो केंद्र सरकार लगाती है। मई 2014 में जब मोदी पहली बार प्रधानमंत्री बने थे, तब एक लीटर पेट्रोल पर साढ़े 9 रुपए और डीजल पर साढ़े 3 रुपए के आसपास एक्साइज ड्यूटी लगती थी। लेकिन आज एक लीटर पेट्रोल पर 32.9 रुपए और डीजल पर 31.8 रुपए एक्साइज ड्यूटी लगाई जाती है। नतीजा ये है कि केंद्र सरकार की इससे कमाई बढ़ रही है। देश में पिछले साल कोरोना संक्रमण की वजह से दो महीनों तक टोटल लॉकडाउन लगा रहा था। इस दौरान पेट्रोल-डीजल की खपत बहुत कम हो गई थी।
पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल के आंकड़े बताते हैं कि 2020-21 में 2019-20 की तुलना में पेट्रोल की खपत 7% और डीजल की खपत 12% तक कम हो गई। इसके बावजूद इस पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी से केंद्र सरकार की अच्छी कमाई हुई है। जबकि, राज्य सरकारें वैट और सेल्स टैक्स लगाती हैं, लेकिन उनकी कमाई घटी है।

शेयर करें

मुख्य समाचार

लोकल ट्रेन चलाने की मांग को लेकर यात्रियों ने घंटों किया अवरोध

सोनारपुर रेलवे स्टेशन पर लोगों ने रोका अप कैनिंग स्टाॅफ स्पेशल कोलकाता : राज्य भर में कोरोना का कहर जारी है। इस पर ही लगाम लगाने आगे पढ़ें »

मुखर्जी की पुण्यतिथि पर बंगाल में टीएमसी, भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप

कोलकाता : बंगाल की महान हस्ती श्यामा प्रसाद मुखर्जी को अपेक्षित सम्मान दिए जाने को लेकर उनकी पुण्यतिथि पर बुधवार को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और आगे पढ़ें »

ऊपर