नेहरू मेमोरियल हुआ कांग्रेसमुक्त, अमित शाह की इंट्री, तीनों कांग्रेसी नेता बाहर

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नई दिल्ली : केंद्रीय सांस्कृतिक मंत्रालय ने मंगलवार को नेहरू मेमोरियल म्यूजियम और लाइब्रेरी (एनएमएमएल) सोसाइटी का पुनर्गठन किया है। जिसमें गृहमंत्री अमित शाह की इंट्री हुई। साथ ही कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, करण सिंह और जयराम रमेश अब इसका हिस्सा नहीं रहे। वहीं सोसाइटी का पुनर्गठन करते हुए इसमें टीवी पत्रकार रजत शर्मा, गीतकार प्रसून जोशी और राज्यसभा सदस्य स्वप्नदास गुप्ता सहित अन्य प्रमुख लोगों को शामिल किया गया है।

देश के पहले प्रधानमंत्री की याद में बना एनएमएमएल

नेहरू मेमोरियल म्यूजियम और लाइब्रेरी को भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की याद में बनाया गया था। इस सोसाइटी के अध्यक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपाध्यक्ष राजनाथ सिंह हैं। इसके अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर इस सोसाइटी के सदस्य हैं। इस नई गठित सोसायटी के सदस्यों में केंद्रीय मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, एचआरडी मंत्री रमेश पोखरियाल, सूचना-प्रसारण और पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, वी मुरलीधरन और प्रह्लाद सिंह पटेल के अलावा आईसीसीआर अध्यक्ष विनय सहस्रबुद्धे, प्रसार भारती अध्यक्ष ए सूर्य प्रकाश का नाम शामिल हैं। वहीं, नेहरू मेमोरियल सोसाइटी में अनिर्बान गांगुली, सच्चिनानंद जोशी, कपिल कपूर, लोकेश चंद्र, मकरंद प्रान्जपे, किशोर मकवाना, कमलेश जोशीपुरा, रिजवान कादरी को भी जगह दी गई है।

नेहरू की विरासत से सभी कांग्रेसी को निकाला

ऐसे कयास लागाए जा रहे हैं कि 5 नवंबर को संस्कृति मंत्रालय से जारी हुए अधिसूचना के बाद इस मुद्दे पर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच जमकर सियासत होने की आशंका है। पिछले सालों में भाजपा लगातार अलग-अलग मुद्दों को लेकर नेहरू और उनकी विरासत पर सवाल उठाती रही है। साथ ही काफी हमलावर भी रही है। वहीं नेहरू मेमोरियल से कांग्रेस के ही सदस्यों को बाहर किए जाने पर अब बवाल भी हो सकता है। भाजपा ने राजनीति तथा देश से अब तक तो कांग्रेस को नहीं निकाल पाई, लेकिन इसके सबसे बड़े नेताओं में नेहरू की विरासत से इसे मुक्त कर दिया है।

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