पैर पसार रहा है मंकी पॉक्स, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जताई चिंता

नई दिल्ली : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंकीपॉक्स के प्रबंधन पर राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम नेटवर्क के माध्यम से नैदानिक ​​नमूने एनआईवी पुणे शीर्ष प्रयोगशाला को भेजे जाएंगे। बता दें कि आज की तारीख में भारत में मंकी पॉक्स का कोई मामला सामने नहीं आया है।
क्या है गाइडलाइन?
स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार, संक्रामक अवधि के दौरान किसी रोगी या उनकी दूषित सामग्री के साथ अंतिम संपर्क से 21 दिनों की अवधि के लिए लक्षणों की शुरुआत के लिए संपर्कों की कम से कम दैनिक निगरानी की जानी चाहिए।
इस मामले में WHO का कहना है कि मंकीपॉक्स महामारी का रूप नहीं लेगा। हालांकि इस वायरस के बारे में अभी कई बातें ऐसी हैं जो स्पष्ट नहीं हैं। बता दें कि मंकीपॉक्स का प्रकोप मई के शुरूआती दिनों में शुरू हुआ था।
गौरतलब है कि ये बीमारी दुनिया के 20 देशों में अपने पैर पसार चुकी है। इसमें 300 सस्पेक्टेड और कंर्फम केस हैं।

 

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