मोदी और शाह विपक्षियों पर हमले के लिए त्रिशूल का इस्तेमाल कर रहे : जयराम रमेश

Jairam Ramesh

नई दिल्ली : कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के ऊपर निशाना साधा कि वह विपक्ष को परेशान करने के लिए सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने गुवाहाटी में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान पूछा कि त्रिशूल में तीन नोंक क्या हैं? तीनों नोंक ईडी,सीबीआई और आयकर विभाग हैं जिनका इस्तेमाल विरोधियों पर हमला करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी इसका विरोध करती है और संविधान के मार्गदर्शन ‌के लिए ऐसा करती रहेगी।

एनआरसी की असली रचयिता कांग्रेस

राज्य सभा सदस्य जयराम रमेश ने कहा कि एनआरसी की असली रचयिता कांग्रेस है। इसको भारतीयों के पहचान के लिए लाया गया था लेकिन मोदी और शाह इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (एनआरसी) और नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएबी) से देश को खंडित करना चाहते है। रमेश ने कहा कि हमारी पार्टी इस मामले को संसद में पेश करेगी। हम इस मुद्दे पर संविधान के दिखाए रास्ते के अनुसार ही अपना पक्ष रखेंगे। उन्होंने कहा कि असम में अमित शाह का झूठ सबके सामने आ चुका है इसलिए अब वह दिल्ली,पश्चिम बंगाल,महाराष्ट्र,झारखंड और कर्नाटक में भी एनआरसी की बात कर रहे हैं।

नागरिकता संशोधन बिल देश के खिलाफ

रमेश ने कहा कि हमारी पार्टी नागरिकता संशोधन बिल का समर्थन नहीं करती है। यह धर्म निरपेक्षता विरोधी होने के साथ-साथ संविधान के प्र्रस्तावना के विपरित है। उनके अनुसार सीएबी संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 21 (स्वाधीनता) के नियमों को तोड़ती है। भारत एक धर्म निरपेक्ष देश है और नागरिकता संशोधन बिल देश के खिलाफ है।

गौरतलब है कि जयराम ने कुछ दिन पहले ही मोदी के पक्ष में बयान देते हुए कहा था कि अगर हमेशा प्रधानमंत्री काे विलेन करार दिया जाएगा तो कोई उनका सामना करने का साहस नहीं जुटा पाऐगा। मालूम हो कि जयराम को नेेहरु मेमोरियल पैनल से बाहर निकाला जा चुका है जिस पर उन्होंने कहा था कि सरकार का हर काम राजनीति से प्रेरित होता है।

शेयर करें

मुख्य समाचार

जनजातियों की कला-संस्कृति, परंपरा एवं रीति-रिवाज समृद्ध : द्रौपदी मुर्मू

रांची : झारखंड की राज्यपाल सह कुलाधिपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को कहा कि जनजातियों की कला, संस्कृति, लोक साहित्य, परंपरा एवं रीति-रिवाज समृद्ध रही आगे पढ़ें »

अत्यधिक प्रोटीन लेना हो सकता है जानलेवा: रिपोर्ट

नई दिल्ली : स्वस्थ रहने की बात हो तो सबसे पहले प्रोटीन लेने की सोचते हैं। प्रोटीन से मांसपेशियां मजबूत होती है और साथ ही आगे पढ़ें »

ऊपर