वॉट्सएप जासूसी मामला में इजरायली कंपनी ने कहा – केवल सरकारी एजेंसियों के लिए करते हैं काम

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नई दिल्ली : देश में कुछ चुनिंदा पत्रकारों और कुछ पार्टी के कार्यकर्ताओं के वॉट्सएप हैक हो जाने की खबर ने राजनीतिक उथल-पुथल मचा दिया है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियों ने इस मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरते हुए लोगों की जासूसी करने का आरोप लगाया। इस मामले के तहत एनएसओ से कुछ सवाल पूछे गए जिनका जवाब अब आया है। कंपनी ने अपना बचाव करते हुए कहा है कि उनकी टेक्नोलॉजी केवल सरकार और उसकी एजेंसियों के लिए काम करती है।

आरोप के खिलाफ लड़ने को तैयार है कंपनी

इजरायली ग्रुप की ओर से दि गई सफाई में कहा गया है कि उनके ऊपर लगाए गए आरोप का वह खंडन करते हैं। साथ ही इस आरोप के खिलाफ लड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। कंपनी का कहना है कि एनएसओ ग्रुप का लक्ष्य मात्र सरकारों की एजेंसियों को टेक्नोलॉजी मुहैया कराना है। इसका उद्देश्य आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और अपराध से निपटना है।

हमारी प्रौद्योगिकी ने हजारों जान बचाई : कंपनी

कंपनी के अनुसार उनकी प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) इस तरह से नहीं बनाई गई है जिससे कार्यकर्ताओं या पत्रकारों की जासूसी करे। इस मामले में अपना बचाव करते हुए कंपनी ने बताया कि हमारी प्रौद्योगिकी ने पिछले कुछ सालों में हजारों जान बचाई हैं। कंपनी ने अपने बयान में कहा है कि सच तो ये है कि एन्क्रिप्ट किया गया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल ड्रग किंग, आतंकियों द्वारा किया जाता है ताकि वह अपना काम कर सकें।

एनएसओ ने किया ये दावा

इजरायली कंपनी एनएसओं ने यह दावा किया कि बिना किसी जटिल प्रौद्योगिकी के किसी भी एजेंसियों के द्वारा इसे हैक करना आसान नहीं है। हमारा ग्रुप इन्हीं से निपटने के लिए काम करता है। हम यूएन के दिशा-निर्देश का पालन करते हैं। कंपनी ने कहा कि आतंकवाद और अपराध से इतर अगर हमारे सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाता है तो इसे हम उल्लंघन मानते हैं। ऐसे में हम कार्रवाई करते हैं। हमारी टेक्नोलॉजी का मकसद लोगों की जान बचाना है, इसके तहत हमारा ग्रुप संयुक्त राष्ट्र की दिशा-निर्देश का पालन करता है।

पहचान को सामने लाने से किया इनकार

कंपनी ने बताया कि मौजूदा उत्पाद की बात करें तो एनएसओ ग्रुप जिनके लिए काम करती है, उन लोगों की पहचान को सामने नहीं ला सकती, लेकिन ये साफ है कि हमारी कंपनी के सभी उत्पाद सरकारी एजेंसी के लिए काम करते हैं। वह भी इसलिए कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा सके।

जाने ये था मामला

गौरतलब है कि गत दिनों इस बात का खुलासा हुआ था कि इजरायली कंपनी एनएसओ ग्रुप के द्वारा पेगासस नाम के स्पाईवेयर से भारतीय पत्रकारों को निशाना बनाया गया था, जिसमें 2 दर्जन से ज्यादा पत्रकार, वकील और हस्तियां शामिल हैं। यह मामला मई के महीने में हुआ था, लेकिन अब जब बात सामने आई है तो सरकार सभी के निशाने पर है।

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