आप चुनिए कौन-सी हो भारत की राष्ट्रीय ति​तली

नई दिल्ली: लाल, पीला, काला, नीला – इनके रंगों पर मोहित होकर हम में से अधिकांश लोगों ने अपने बचपन में तितलियों का पीछा किया होगा। मगर अब न केवल हमें इनकी सुंदरता की प्रशंसा करनी चाहिए बल्कि इनके जीवंत अस्तित्व को सराहने के लिए कदम भी उठाने चाहिए।

तितलियां प्रकृति संरक्षण की राजदूत हैं और वे एक स्वस्थ पर्यावरण की सूचक के रूप में काम करतीं हैं। भारत के नागरिकों के बीच तितलियों के बारे में जागरूकता फैलाने और हमारे राष्ट्रीय प्राकृतिक खजाने को महत्व प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय तितली अभियान संघ ने ‘भारत के राष्ट्रीय तितली’ को नामांकित करने का निर्णय लिया है। जब हमारे पास हमारा राष्ट्रीय पक्षी, पशु, फूल और पेड़ हो सकते हैं, तो राष्ट्रीय तितली क्यों नहीं?

भारत के विभिन्न हिस्सों से 7 तितलियों को प्रजातियों को भारत के राष्ट्रीय तितली का चयन करने के लिए नामांकित गया है। राष्ट्रीय तितली चुनने के लिए 11 सितंबर से 8 अक्टूबर 2020 के बीच आम जनता को मतदान करने का अवसर दिया गया है।

1. भारतीय ईज़ेबेल:यह भारत में व्यापक रूप में पाए जाते हैं।

2. भारतीय नवाब: भारतीय नवाब व्यापक रूप से देश भर के नम जंगलों में पाए जाते हैं।

3. ऑरेंज ओकलीफ़: यह मध्य, उत्तरी और उत्तरपूर्वी भारत के वनों में पाए जाते हैं।

4. येलो गोर्गन: यह पूर्वी हिमालय और पूर्वोत्तर भारत की पहाड़ियों और वन धाराओं में पाए जाते हैं।

5. फाइब-बार स्वार्डटेल: यह पश्चिमी घाट, पूर्वी हिमालय और उत्तर पूर्व भारत के सदाबहार जंगलों में पाए जाते हैं।

6. कृष्णा पीकॉक: ये प्रजातियां हिमालय का प्रतिनिधित्व करती हैं।

7. नॉर्दन जंगलक्वीन: इस तितली प्रजाति के मिश्मी समुदाय व्यापक रूप से अरुणाचल प्रदेश में पाए जाते हैं ।

अब तक आपने सिर्फ अपने नेता ही चुने हाेंगे। सन्मार्ग की यह निम्नलिखित सूचि देखिए और अपने पसंदीदा तितली का चुनाव कर उसे ‘राष्ट्रीय तितली’ बनाने के लिए मतदान कीजिए ! यहां चुनें

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