देश में पिछले 3 साल में करीब 25 लाख टन ई-कचरा पैदा हुआ

नई दिल्ली: पर्यावरण मंत्रालय ने बुधवार को लोकसभा को जानकारी दी कि देश में पिछले तीन साल में 24.94 लाख टन इलेक्ट्रॉनिक कचरा पैदा हुआ है। मंत्रालय के हवाले से खबर के मुताबिक हर साल ई-कचरा बढ़ता जा रहा है। पर्यावरण राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि 21 प्रकार के अधिसूचित विद्युत और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों (ईईई) के तहत 2017-18 में 7.08 लाख टन ई-कचरा पैदा हुआ। वहीं अगले दो वित्त वर्ष में यह आंकड़ा क्रमश: 7.71 लाख टन तथा 10.14 टन रहा। उन्होंने कहा, ‘केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के पास उपलब्ध सूचना के अनुसार हर साल ई-कचरे का उत्पादन बढ़ रहा है।

ई-कचरे को सूचीबद्ध करने के प्रावधान तय
सरकार ने ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2016 के तहत देशभर में पैदा होने वाले ई-कचरे को सूचीबद्ध करने के लिए प्रावधान तय किये हैं।’ सुप्रियो ने कहा, ‘कथित नियमों के तहत ई-कचरा उत्पादन को सूचीबद्ध करने की जिम्मेदारी राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा प्रदूषण नियंत्रण समितियों को दी गयी है।’ सीपीसीबी की सूचना के अनुसार अब तक गोवा, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और पंजाब के प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों ने ई-कचरा की सूची तैयार करने का काम पूरा कर लिया है।

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