अब भारतीय सेना का 5वां थियेटर कमांड बजाएगा दुश्मनों की ईट से ईट !

थिएटर कमांड स्थापित करने का मतलब श्रमशक्ति-संसाधनों को तर्कसंगत बनाकर सेना के तीनों अंगों से एक खास संख्या में कर्मियों को संयुक्त सैन्य दृष्टिकोण के साथ एक सामूहिक कमांडर के तहत लाने से है।

नई दिल्ली: पाक-चीन से बढ़ते खतरे को देखते हुए भारतीय सेना को 2022 तक पांच थियेटर कमांड में पुनर्गठित किए जाने पर विचार किया जा रहा है। ये थियेटर कमांड निर्धारित क्षेत्रों के आधार पर बनाए जाएंगे। दोनों उग्र पड़ोसियों – पाकिस्तान और चीन – के लिए अलग-अलग कमांड बनाई जाएगी ताकि उनके मूवमेंट पर निगरानी रखी जा सके। सूत्रों के अनुसार, हर थियेटर कमांड के लिए एक विशेष फोकस एरिया होगा।

भारत के थलसेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने बीते सप्ताह कहा था कि प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) की नियुक्ति के बाद सैन्य सुधारों में अगला कदम युद्ध एवं शांति के दौरान सेना के तीनों अंगों की क्षमताओं में समन्वय के लिए एकीकृत थिएटर कमान स्थापित करने का होगा। जनरल नरवणे ने साथ ही यह भी कहा था कि थिएटर कमान स्थापित करने की प्रक्रिया ‘सुविचारित’ होगी और इसका परिणाम मिलने में कुछ वर्ष लगेंगे।

वहीं दूसरी तरफ, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, भारतीय सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे और बल के सभी कमांडरों ने मंगलवार को कानून के शासन का पालन करने, ईमानदार और पारदर्शी तरीके से कार्य करने के लिए ईमानदारी का संकल्प लिया।

किन मुद्दों पर हुई चर्चा
सेना के सभी कमांडर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए 4 दिनों से दिल्ली में हैं। इस दौरान सेना के वरिष्ठ नेतृत्व ने व्यक्तिगत व्यवहार में ईमानदारी बरतने के कई उदाहरण दिए गए। बताते चलें कि अभी भारतीय सेना की ईमानदारी और अखंडता के मूल मूल्यों को बनाए रखने के लिए सतर्कता जागरूकता सप्ताह चल रहा है। सूत्रों ने बताया कि राजनाथ सिंह ने कमांडरों के सम्मेलन को मंगलवार को होने वाला अपना संबोधन स्थगित कर दिया है। अब वो बुधवार को संबोधित करेंगे।

युद्ध स्मारकों पर किया गया माल्यार्पण
इससे पहले मंगलवार को सेना के कमांडरों और दिल्ली में मौजूद रेजिमेंटों के कर्नल ने इन्फैंट्री दिवस के मौके पर इंडिया गेट पर राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर माल्यार्पण किया। इन्फैंट्री दिवस पर इस साल युद्ध स्मारक पर औपचारिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए सैनिक 13 कुमाऊं के थे, जिन्होंने 1962 की सर्दियों में रेजांगला की लड़ाई में अंतिम दौर की लड़ाई लड़ी थी। लेह में भी कुछ इसही तरह देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों कों औपचारिक रूप से माल्यार्पण किया गया।

रेजांगला दक्षिण पैंगोग सो झील का वही क्षेत्र है जिस पर भारत-चीन सीमा पर चल रहे गतिरोध के बीच हाल ही में भारतीय सैनिकों ने कब्जा जमाया। भारतीय सेना का 26 अक्टूबर से 4 दिवसीय कमांडरों का सम्मेलन चल रहा है, जहां सभी सामरिक और मानव संसाधनों पर विचार-विमर्शकिया जा रहा है। यह सम्मेलन शीर्ष स्तर का द्वैवार्षिक समारोह है, जिसमें कॉलेजियम विचार-विमर्श के जरिए महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय करती है। इस बार के सम्मेलन में चीन के साथ चल रही सीमा स्थिति चर्चा का मुख्य केंद्र बिंदु होगी।

कैसे करेंगे सशस्त्र बलों का एकीकरण
थल सेना अध्यक्ष के मुताबिक हर किसी के लिए एकजुटता की भावना से काम करने की आवश्यकता है और राष्ट्रीय सुरक्षा हितों को लेकर विश्वास अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों के एकीकरण, थिएटर कमान स्थापित करने और आधुनिकीकरण सहित विभिन्न मुद्दों पर विचार करने की आवश्यकता है। वर्तमान में थलसेना, वायुसेना और नौसेना की कमान अलग-अलग हैं।

– प्रत्येक थिएटर कमान में थलसेना, वायुसेना और नौसेना की इकाइयां होंगी
– वे सभी किसी विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एक कमांडर के तहत काम करेंगी

शेयर करें

मुख्य समाचार

देव दीपावली पर रोशनी में नहाया काशी

वाराणसीः स्वर्गलोक से धरती पर पधार रहे देवताओं के स्वागत को काशी पूरी तरह सज-धज कर तैयार है। देव दीपावली को लेकर यही कहा जाता आगे पढ़ें »

सावधान! दांतों में हो रही ऐसी दिक्कत तो कोरोना…

नई दिल्लीः कोरोना वायरस का इंसान के दांतों पर भी बुरा असर देखने को मिल रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड-19 की चपेट में आगे पढ़ें »

ऊपर