कृषि कानूनों में कुछ बदलावों की पेशकश की संभावना

– बातचीत के लिए विज्ञान भवन पहुंचा किसान दल

नई दिल्ली : केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ किसान दिल्ली बॉर्डर पर 10वें दिन भी जमे हुए हैं। किसानों की मांग को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार सुबह मंत्रिमंडल के वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई। इस बैठक में गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पीयूष गोयल शामिल हुए थे। बैठक में शामिल होने के लिए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला भी पीएम आवास पर पहुंचे थे। यह बैठक करीब दो घंटे चली। शनिवार को किसान संगठनों के साथ पांचवें दौर की बैठक से पहले ये मीटिंग बेहद अहम मानी जा रही है। बता दें कि आज यानी शनिवार को किसानों और सरकार के बीच 5वें दौर की बातचीत होनी है। विज्ञान भवन में किसान संगठनों के 40 प्रतिनिधि बातचीत के लिए मौजूद है।

इन संशोधन की पेशकश की संभावना

सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार किसानों के सामने कृषि कानूनों में कुछ संशोधन की पेशकश कर सकती है। बताया जा रहा है कि कॉंट्रैक्ट फ़ार्मिंग में विवाद होने पर एसडीएम के बजाय सिविल कोर्ट में जाने की अनुमति देने पर विचार किया जा सकता है। बता दें कि नए कृषि कानून में विवाद को एसडीएम के पास सुलझाने की व्यवस्था है। कोर्ट में जाने का कोई प्रावधान नहीं है। सूत्रों ने बताया कि निजी खरीदारों के पैन कार्ड के बजाय पंजीयन को अनिवार्य करना, एपीएमसी यानी मंडियों को मजबूत करना, एमएसपी पर खरीद जारी रखने का लिखित आश्वासन, पराली जलाने पर एक करोड़ तक के जुर्माने के प्रावधान में रियायत, बिजली कानून संबंधी मांग पर भी विचार किया जा सकता है।

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बैठक से पहले कहा कि दोपहर में किसानों के साथ एक बैठक निर्धारित है। मुझे बहुत उम्मीद है कि किसान सकारात्मक सोचेंगे और अपना आंदोलन समाप्त करेंगे। मगर किसान अपनी मांगों पर अड़े हैं और किसान नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस ले और वह कृषि उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी सुनिश्चित करे।

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