प्रीकॉशन डोज पर कल बड़ा फैसला, 9 से घटकर 6 महीने हो सकता है 2 डोज का अंतराल

नई दिल्ली : बढ़ते कोरोना मामलों के बीच सरकार वैक्सीनेशन को लेकर बड़ा फैसला कर सकती है। इसके तहत दूसरे और तीसरे डोज (प्रीकॉशन) के बीच का अंतराल कम किया जा सकता है। नए फैसले के तहत अंतराल को 9 महीने से घटाकर 6 महीने किया जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो देश में बड़े पैमाने पर लोग प्रीकॉशन डोज के लिए पात्र हो जाएंगे। और चौथी लहर की आशंका के बीच लोगों की सुरक्षा भी बढ़ जाएगी।

कल हो सकता है फैसला

दूसरी और तीसरी डोज के बीच अंतराल को कम करने के लिए The National Technical Advisory Group on Immunisation (NTAGI)29 अप्रैल को अहम मीटिंग कर सकता है। जिसमें अंतराल को 9 महीने से घटाकर 6 महीने किया जा सकता है। इसके पहले 10 अप्रैल से सरकार ने प्राइवेट अस्पतालों में 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को वैक्सीन की तीसरी यानी प्रीकॉशन डोज लेने की अनुमति दी थी। लेकिन इसके साथ ही यह तय किया गया था कि दूसरी और तीसरी डोज के बीच कम से कम 9 महीने का अंतर होना जरूरी है। लेकिन अब यह अंतर 6 महीने का हो सकता है। चौथी लहर की आशंका को देखते हुए अंतराल को कम करने की सलाह कई एक्सपर्टस दे चुके हैं।

 

5 साल से उपर के बच्चों का भी वैक्सीनेशन

हाल ही में भारत के औषधि महानियंत्रक ने देश में 5 से 18 साल की उम्र के  बच्चों के लिए  ने तीन और कोविड-10 वैक्सीन की आपात मंजूरी दे दी है। अब देश में 5-12 साल की उम्र के बच्चों को Corvebax, 6-12 साल की उम्र के बच्चों को Covaxin और 12 साल से ज्यादा के उम्र के बच्चों और व्यस्कों को Zycov-D वैक्सीन 2 डोज वाली लगाई जा सकेगी। पिछले कुछ दिनों से लगातार देश में कोरोना के मामले बढ़ गए हैं। बीते 15 अप्रैल को जहां देश में 983 कोविच-19 संक्रमण के मामले पूरे देश में आए थे। वह बढ़कर 26 अप्रैल को तीन हजार के करीब पहुंच गए हैं। 25 अप्रैल तक के आंकड़ों के अनुसार देश में अभी तक 2.69 करोड़ प्रीकॉशन डोज लगाई जा चुकी है।

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