सरकार झुकी, किसान अडे़

नयी दिल्ली : किसानों के साथ बातचीत में केंद्र सरकार झुक गई और उनकी समस्त चिंताओं पर ‘खुले दिमाग से’ ध्यान देने को तैयार हो गई, लेकिन किसान जिद पर अड़े हैं कि तीनों कानून रद्द करो। अब 9 दिसंबर को फिर से किसानों के साथ बातचीत होगी।

किसान नेता हां या ना में जवाब सुनने के लिए अड़े रहे
किसान नेताओं ने बैठक के बाद बताया कि सरकार ने बैठक के दौरान कई बार संशोधन को लेकर चर्चा की कोशिश की, लेकिन हम नहीं माने। काफी देर तक सरकार के एक ही बात को दोहराने पर भड़के किसान नेताओं ने हां या ना के पर्चे लिखकर बैठक में सामने रख दिये और काफी देर तक कोई जवाब नहीं दिया। किसान नेता इस बात पर अड़े थे कि सरकार कानून वापस लेगी या नहीं। उनका कहना था कि संशोधन या बिल के नियमों में आपत्ति पर चर्चा चौथे चरण की बैठक में हो चुकी है। अब सरकार अपना निर्णय बताए। इसके बाद 9 दिसंबर को एक बार फिर बातचीत का सरकार का प्रस्ताव किसान नेताओं ने मान लिया।
एमएसपी को लेकर शंका बेबुनियाद – तोमर
बैठक के बाद केंद्रीय कृषिमंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि चर्चा अच्छे माहौल में हुई। हमने कहा है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की व्यवस्था जारी रहेगी। इस पर किसी भी तरह का खतरा नहीं है। सरकार हर शंका का समाधान के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने किसानों से अपील की कि सर्दी के सीजन और कोरोना संकट को देखते हुए बुजुर्गों और बच्चों को किसान नेता घर भेज दें।
संशोधन नहीं मानेंगे किसान
विज्ञान भवन में 40 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ केंद्र की तरफ से केंद्रीय कृषिमंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, रेल, वाणिज्य और खाद्यमंत्री पीयूष गोयल तथा वाणिज्य राज्यमंत्री सोम प्रकाश ने बातचीत की। बैठक में कृषि मंत्रालय ने चौथे दौर की वार्ता के दौरान सरकार के समक्ष पेश किये गये 39 बिंदुओं को चर्चा के लिए रखा।किसान नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने कहा है कि वे हमें 9 दिसंबर को एक प्रस्ताव भेजेंगे। हम आपस में इस पर चर्चा करेंगे जिसके बाद उसी दिन बैठक होगी। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि भारत बंद 8 दिसंबर की घोषणा के अनुसार होगा।
पहले मोदी ने की बैठक
किसानों के साथ बैठक से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजनाथ सिंह और अमित शाह समेत केंद्रीय मंत्रियों ने के साथ बैठक की और प्रदर्शनकारियों के सामने रखे जाने वाले प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया।
एनआरआई बोले – पैसे की चिंता मत करो
कनाडा और ब्रिटेन में रह रहे विशेषकर पंजाब के प्रवासी भारतीयों ने किसानों को कहा है कि वे पैसे की चिंता न करें और आंदोलन में डटे रहे, पैसा विदेशों से आता रहेगा। गौरतलब है कि आंदोलन में खालिस्तान समर्थकों का हाथ होने के आरोप भी लग रहे हैं।

 

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