किसान आंदोलन बरकरार : केंद्र को आज भेजेंगे आपत्तियों की सूची

नई दिल्ली : कृषि कानून के खिलाफ सड़कों पर उतरे किसान अब तक अपनी मांगों पर डटे हैं। पिछले करीब एक हफ्ते से दिल्ली की सीमाओं पर हजारों की संख्या में पंजाब व हरियाणा के किसान, अपना राशन पानी लेकर, दिल्ली कूच कर चुके हैं। बुधवार यानी आज उनके प्रदर्शन का सांतवां दिन है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में केंद्र सरकार ने किसान संगठनों से मंगलवार को वार्ता तो की लेकिन वह विफल रहा। ऐसे में किसानों ने कहा है कि उनका आंदोलन तबतक जारी रहेगा जबतक कि ये कानून वापस नहीं हो जाते हैं। उन्होंने अपनी मांगें मानने तक आंदोलन से पीछे हटने से इनकार कर दिया है। यानी सिंधु बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर समेत अन्य जगहों पर किसानों का जमावड़ा लगातार जारी रहेगा। किसानों ने तो दिल्ली के 5 मुख्या प्रवेशद्वारों को सील करने की भी चेतावनी दी है। अर्थात् आने वाले दिनों में किसानों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। यूपी सीमा पर तैनात किसान पहले ही अस्थाई घर बनाने की बात कह चुके हैं।

तीन दिसंबर को फिर से चर्चा
करीब 35 किसान संगठनों और केंद्र सरकार के बीच मंगलवार को बैठक हुई। इसमें कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, पीयूष गोयल समेत अन्य नेता शामिल रहे। किसानों को एमएसपी की बारीकियां बताई गईं। साथ ही मंडी सिस्टम को लेकर जानकारी दी गई। हालांकि, किसानों का एक ही सवाल रहा कि क्या सरकार एमएसपी को कानून का हिस्सा बनाएगी। जब बातचीत खत्म हुई तो कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका। तीन घंटे की चर्चा के बाद किसानों ने कहा कि उनका आंदोलन जारी रहेगा, वहीं सरकार ने कहा कि बातचीत सकारात्मक रही है, तीन दिसंबर को फिर से चर्चा होगी।

लिखित में समस्या भेजेंगे किसान संयुक्त
किसान मोर्चा बुधवार को केंद्र सरकार को कृषि कानून को लेकर अपनी आपत्तियां भेजेगा। भारतीय किसान यूनियन (सिद्धपुर जत्था) के अध्यक्ष जगजीत सिंह धालीवाल ने बताया कि हमने कल सरकार के संग बैठक में अपनी सारी बातें रखी हैं, लेकिन आज हम उनको लिखित में सरकार को भेजेंगे। कल सरकार के साथ एक बार फिर बैठक होगी और हर बिंदु पर विस्तार से बातचीत होगी।

दिल्ली पुलिस ने बढ़ाई सीमाओं की सुरक्षा
सरकार के साथ किसी ठोस नतीजे पर किसान नहीं पहुंच पाए हैं, ऐसे में अब आंदोलन को धार मिल सकती है। इसको देखते हुए दिल्ली पुलिस मुस्तैद हो गई है, पुलिस ने सीमाओं पर पहले ही सुरक्षा बढ़ाई हुई है जिसे और भी मजबूत किया जा रहा है। सीमाओं पर वाहनों की जांच में सख्ती बरती जा रही है, ताकि किसान किसी तरह राजधानी में ना घुस पाएं।

कहां डाला है किसानों ने डेरा
किसानों ने सड़कों पर डेरा जमाया हुआ है तो साफ है कि जाम की स्थिति बरकरार है। दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद, मेरठ के इलाकों में बीते कई दिनों से हर रोज लंबा जाम लग रहा है। बुधवार को भी नोएडा लिंक रोड पर स्थित चिल्ला बॉर्डर को बंद कर दिया गया है। नोएडा लिंक रोड की बजाए नोएडा जाने के लिए एनएच-24 और डीएनडी का इस्तेमाल किया जा सकता है।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, टिकरी, झारोदा, झटीकरा बॉर्डर को भी बंद कर दिया गया है। दिल्ली से हरियाणा में धनसा, दौराला, कापसहेड़ा, राजोकरी एनएच-8, बिजवासन/बाजघेरा, पालम विहार और दुंदाहेरा बॉर्डर से जाया जा सकता है। इसके अलावा सिंधु बॉर्डर भी बंद है। लामपुर, औचंडी समेत कई छोटे बॉर्डर को भी बंद कर दिया गया है।

 

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