अकोला में धूमधाम से मना ‘गधा पोला’, गधों की हुई पूजा

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अकोला : महाराष्ट्र में ‘पोला’ त्योहार बैलों को समर्पित है, लेकिन अकोला जिले में कुछ समुदाय इस दिन गधों की पूजा करते हैं जिसे ‘गधा पोला’ कहते हैं। जहां महाराष्ट्र के किसान बैलों और सांड का आभार प्रकट करने लिए उनकी पूजा करते हैं, जिसे ‘बैल पोला’ कहते हैं। वहीं कुम्हार समुदाय के लोग गधों का आभार और सम्मान प्रकट करने के लिए इस दिन गधों की पूजा करते हैं। यह त्योहार इस साल 30 अगस्त को मनाया गया।

इस वजह से होती है पूजा

महाराष्ट्र के किसान किसानी में पूरे साल हाड़ तोड़ मेहनत के प्रति आभार प्रकट करने लिए ’पोला’ जिसे ‘बैल पोला’ भी कहते हैं, इस दिन बैलों और सांड की पूजा करते हैं। यह त्योहार इस साल 30 अगस्त को मनाया गया। इसी तरह भोई और कुम्हार समुदाय के लोग गधों का आभार और सम्मान प्रकट करने के लिए इस दिन उनकी पूजा करते हैं।

यह परंपरा हो रही खत्म

समुदाय के विष्णु छोडे़ ने कहा कि भार ढोने के अलावा बरसात में सड़क खराब होने पर गधे खेती के लिए खाद ढोने में अधिक उपयोगी हैं। इस मौके पर गधों को नहला कर उन्हें फूलों से सजाया जाता है और उनकी पूजा की जाती है। उन्होंने दुख जताया कि धीरे-धीरे यह परंपरा खत्म हो रही है क्योंकि युवा दूसरे पेशों को अपना रहे हैं।

अध्ययन भ्रमण के लिए आए जापानी छात्र

उधर 2 सितंबर को अध्ययन भ्रमण के तौर पर जापानी छात्रों का समूह ठाणे में आयोजित होने वाले वार्षिक गणेश उत्सव में शामिल होगा। ठाणे में कई शैक्षणिक संस्था चला रहे परमार्थ संगठन के अध्यक्ष के मुताबिक क्योतो सांग्ये विश्वविद्यालय के 16 छात्र सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत ठाणे आएंगे।

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