किसी ऑमिक्रोन पॉजिटिव से संपर्क में आने के बाद जरूर करें ये 5 काम, टूट सकती है वायरस की चेन

कोलकाताः कोरोना वायरस के घातक वैरिएंट ओमीक्रोन तेजी से फैल रहा है। कोरोना के नए मामलों की संख्या रोजाना बढ़ती जा रही है। विशेषज्ञ इसके लक्षणों को हल्का मान रहे हैं लेकिन उनका यह भी कहना है कि अगर किसी को सर्दी जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो उन्हें जांच करानी चाहिए क्योंकि यह कोरोना हो सकता है।
सर्दियों का मौसम भी है और इस मौसम में फ्लू और सर्दी के लक्षणों का ज्यादा खतरा होता है। यही वजह है आपको विशेष रूप से ऐसे लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए। देखा जा रहा है कि अधिकतर लोग सर्दी, फ्लू या कोरोना के लक्षणों को लेकर कंफ्यूज हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर किसी को लगता है कि उन्हें सर्दी है या फ्लू के लक्षण हैं, तो संभव है उन्हें कोरोना हो। ऐसे में अगर आप ठीक महसूस नहीं कर रहे हैं, तो आपको घर पर रहने की आवश्यकता है।
ओमीक्रोन एक ऐसा वैरिएंट है, जो टीका लगवा चुके लोगों को भी चपेट में ले रहा है। अधिकतर ओमीक्रोन पॉजिटिव मरीजों में गंभीर लक्षण जैसे कई दिनों तक बुखार रहना और सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण महसूस नहीं हो रहे हैं। ऐसे में अगर आपको लगता है कि आप किसी ओमीक्रोन पॉजिटिव के संपर्क में आए हैं, या आपको हल्के लक्षण हैं, तो आपको नीचे बताए नियमों का पालन करना चाहिए। इससे ओमीक्रोन को फैलने से रोकने में मदद मिल सकती है।

किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें

सीडीसी के अनुसार, अगर किसी को बुखार या ठंड लगना, खांसी, सांस की तकलीफ या सांस लेने में कठिनाई, थकान, मांसपेशियों या शरीर में दर्द, सिरदर्द, स्वाद या गंध का नया नुकसान, गले में खराश, कंजेशन या बहती नाक, मतली या उलटी और दस्त जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो उन्हें तुरंत जांच करानी चाहिए।

एक्सपोजर के बाद परीक्षण करने का सबसे अच्छा समय कब है

एक्सपर्ट्स मानते हैं कि जो कोई भी कोरोना पीड़ित के संपर्क में आया है, तो उसे संपर्क में आने के पांच दिन बाद, या जैसे ही लक्षण दिखाई देते हैं, टेस्ट करना चाहिए। इस दौरान उसे खुद को तब तक अलग रखना चाहिए, जब तक रिपोर्ट निगेटिव नहीं आ जाती। इसके अलावा अगर लक्षण महसूस हो रहे हैं और रिपोर्ट निगेटिव है, तो भी आपको बार-बार टेस्ट कराते रहना चाहिए।

खुद को तुरंत सबसे अलग कर लें
सीडीसी के गाइडलाइंस के अनुसार, किसी व्यक्ति के वायरस के संपर्क में आने के दो से 14 दिनों के भीतर कोरोना वायरस के लक्षण महसूस हो सकते हैं। यही वजह है कि किसी में भी लक्षण दिखने वाले व्यक्ति को सबसे पहले जांच करानी चाहिए और फिर खुद को सबसे अलग कर लेना चाहिए। हालांकि कुछ लोगों को कभी भी लक्षण महसूस नहीं हो सकते। ऐसे में वो अनजाने में वायरस फैला सकते हैं। ध्यान रहे कि लक्षण प्रकट होने से पहले ही किसी व्यक्ति को संक्रामक भी माना जाता है।

शुरुआती दो-तीन दिनों ज्यादा सतर्क रहें

सीडीसी का कहना है कि पिछले डेटा से पता चलता है कि कोविड-19 का संचरण अक्सर लक्षणों की शुरुआत से एक से दो दिन पहले और दो से तीन दिनों के बाद होता है। ऐसा माना जाता है कि सात दिनों के बाद इस बिंदु पर संचरण का कोई जोखिम नहीं है। पांच से सात दिन इस बात पर निर्भर करते हैं कि किसी व्यक्ति ने टीके लगवाए हैं या नहीं, उसे कोई पुरानी बीमारी तो नहीं। सीडीसी की गाइडलाइंस के अनुसार, बिना लक्षणों वाले लोगों को पॉजिटिव रिजल्ट से कम से कम दो दिन पहले संक्रामक माना जाता है।

डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए

सभी मेडिकल संस्थाओं का मानना है कि जिन्हें लगता है कि उन्हें कोरोना हुआ है या फिर कोरोना के लक्षण महसूस हो रहे हैं, उन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। अगर आपको हल्के लक्षण या सांस लेने में तकलीफ, सीने में लगातार दर्द या दबाव, जागते रहने में असमर्थता, त्वचा और नाखून का रंग पीला या नीला होना आदि जैसे गंभीर लक्षण महसूस हो रहे हैं तो आपको इमरजेंसी हेल्प लेनी चाहिए।

 

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