साइबर फ्रॉड से बचें : अस्पताल में बेड और ऑक्सिजन दिलवाने के नाम पर ऐसे हो रही ठगी

नई दिल्ली : देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों से लोग घबराए हुए हैं। ऐसे समय में भी साइबर अपराधी लोगों को इलाज के नाम पर ठगने से बाज नहीं आ रहे हैं। अस्पताल में बेड और ऑक्सिजन उपलब्ध करवाने के नाम पर जालसाज कोरोना के मरीजों के परिवारीजनों को हजारों रुपये का चूना लगा रहे है। ऐसे ठगों से सतर्क रहने के लिए साइबर क्राइम सेल ने अडवाइजरी जारी कर लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

अस्पताल में बेड बुकिंग के नाम पर ट्रांसफर करवाते रुपये

नंबरों पर बेड के लिए कॉल करने पर फोन जालसाजों के पास जा रहा है। वह मरीज को अस्पताल का प्रतिनिधि बनकर अस्पताल में बेड के नाम पर बुकिंग अमाउंट अपने खातों में ट्रांसफर करवा रहे हैं। ऐसे जालसाजों से बचने के लिए लोगों को सीधे अस्पताल की वेबसाइट को लॉगइन करना चाहिए, जिससे साइबर जालसाजों के झांसे से बचा जा सकता है।

साइबर अपराधियों के धोखाधड़ी के कुछ तरीके

1. ऑनलाइन फ्रॉड : घोटालेबाज फर्जी वेबसाइट, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया अकाउंट और ईमेल बनाते हैं। वे यहां से मेडिकल प्रोडक्ट बेचने और देने का दावा करते हैं। साथ ही वह पीड़ितों को ऑनलाइन बैंक ट्रांसफर के जरिए भुगतान करने के लिए कहते हैं और इस तरह से अपनी ठगी का शिकार बना लेते हैं।

2. टेलिफोन फ्रॉड : जालसाज कहते हैं कि वे अस्पताल में इलाज करवा रहे किसी कोरोना वायरस संक्रमित मरीज के रिश्तेदार हैं और उन्हें पैसे की जरूरत है, इस तरह वो कॉल कर लोगों से पैसे मांगते हैं।

3. फिशिंग : धोखाधड़ी की अगली कड़ी में ईमेल, महामारी से संबंधित लिंक अपराधियों द्वारा स्वास्थ्य अधिकारियों को दावा करके भेजे जाते हैं, जिसका उद्देश्य पीड़ितों को एक नए वेबपेज से जोड़ना होता है और वे इस तरह ईमेल पता और पासवर्ड के साथ लॉगिन करवाते हैं। स्कैमर्स तब संवेदनशील जानकारी का उपयोग करने के लिए अपनी क्रेडिट का उपयोग करते हैं और पैसे चोरी करते हैं।

क्या करें और क्या करें:-

1. संदिग्ध ईमेल खोलने और सोशल मैसेजिंग ऐप, ईमेल इत्यादि पर प्रसारित असत्यापित कोरोना वायरस से संबंधित लिंक पर क्लिक करने से बचें।

2. सोशल मीडिया और बैंकिंग गतिविधियों के लिए मजबूत पासवर्ड और कई स्टेप के प्रमाणीकरण विकल्प को चुनें।

3. अपने सॉफ्टवेयर को एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर सहित अपडेट रखें।

4. ऑनलाइन कैसे सुरक्षित रहा जाए इस बारे में अपने परिवार, विशेषकर बच्चों को बताएं।

5. कोरोनो वायरस के संक्रमितों के लिए कोई भी दान करने से पहले चैरिटी फंड के बारे में मालूम करें।

6. अगर आप पीड़ित हो जाते हैं, तो तुरंत साइबर पुलिस को सतर्क करें।

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