दिल्ली अनाजमंडी अग्निकांड पर जांच की याचिका कोर्ट ने की खारिज

नयी दिल्ली : दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को अनाज मंडी में हुए अग्निकांड के जांच की मांग करने वाली जनहित याचिका को खारिज कर दिया। इस याचिका पर ‌विचार करने से इंकार करते हुए उच्च न्यायालय ने कहा कि अधिकारी इस मामले से निपटा रहे हैं और भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की रोकथाम पर विचार-विमर्श में लगे हैं। ऐसे में न्यायालय द्वारा हस्तक्षेप किया जाना जल्दबाजी होगी। मालूम हो कि वकील अवध कौशिक ने न्यायालय में याचिका दायर करते हुए आठ दिसंबर को अनाज मंडी में हुए अ‌ग्निकांड की न्यायिक जांच सीबीआई या अन्य निष्पक्ष एजेंसी द्वारा जांच कराए जाने की मांग की थी। अनाज मंडी की इमारत में रविवार की सुबह आग लगने से 43 लोगों की जान चली गई थी।

फिर से दायर की जा सकती है याचिका

दिल्ली उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश डी.एन.पटेल और न्यायमूर्ति सी. हरिशंकर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने जांच की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि इस मामले की छानबीन में जुटे अधिकारियों को पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए। आठ दिसंबर को हुई इस घटना पर विचार प्रारंभिक चरण में है। याचिकाकर्ता को फिलहाल इंतजार करना चाहिए। इसके साथ ही याचिकाकर्ता को फटकार लगाते हुए न्यायालय ने आगे कहा कि “सिर्फ खबरें पढ़कर किसी घटना के एक-दो दिनों में ही उसकी याचिका पर विचार नहीं किया जा सकता है। इसके लिए अधिकारियों को पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए। सरकार में किसी भी काम की अपनी एक प्रक्रिया होती है। और यह काम किसी एक आदमी का नहीं है।” साथ ही न्यायालय ने कहा कि उचित समय तक भी अगर अधिकारियों द्वारा कार्रवाई नहीं की जाती तो याचिका फिर से दायर की जा सकती है।

फायर सेफ्टी की नहीं थी कोई व्यवस्‍था

मालूम हो कि वरिष्ठ वकील अवध कौशिक की ओर से दायर की गई इस याचिका के तहत अनाज मंडी में आग लगने वाली इमारत को अवैध बताया गया है। याचिका के अनुसार इस इमारत में गैैरकानूनी ढंग से प्लास्‍टिक की पैकिंग का काम हो रहा था। यह फैैैक्ट्री बिना किसी प्रमाणपत्र के चलाई जा रही थी और इसमें फायर सेफ्टी की भी कोई व्यवस्‍था नहीं थी।

आरोपियों को भेजा गया न्यायिक हिरासत में

गौरतलब है कि अनाज मंडी स्थित इमारत में रविवार सुबह आग लगी थी। इस आग के बढ़ने के कारण 43 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य लोग घायल हो गए थे। इस मामले में ‌आठ दिसंबर को दिल्ली पुलिस ने इमारत के मालिक रेहान और उसेक मैनेजर फुकरान को हिरासत में ले लिया था। वहीं, सोमवार को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में पेश किए गए आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

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