कॉमन फ्लू और कोरोना वायरस के लक्षणों में क्या है अंतर?

कोलकाता: कोरोना ने भारत में अपना महाविकराल रूप धारण कर लिया है। इसलिए अब इस बीमारी के खिलाफ थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। इसलिए अब आपको इसे लेकर बहुत सजग और सावधान रहने की जरूरत है।

जहां एक ओर अस्पतालों में कोरोना संक्रमितों को बेड नहीं उपलब्ध हो पा रहा है, वहीं दूसरी ओर समय पर ऑक्सीजन उपलब्ध ना हो पाने से लोग दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। संक्रमितों और मृतकों की संख्या में भी तेजी से इजाफा हो रहा है।

कॉमन फ्लू और कोरोना 

इस दौरान सामान्य फ्लू और कोरोना के लक्षणों को समझना काफी मुश्किल हो गया है। ज्यादातर लोग इन दोनों चीजों को लेकर भ्रम की स्थिति में आ जाते हैं। जबकि सामान्य फ्लू एक सीजनल बीमारी है और कोरोना एक अलग बीमारी। क्योंकि कोरोना के शुरुआती लक्षण फ्लू की तरह ही दिख रहे हैं। ऐसे में लोगों का सवाल यह बना हुआ है कि फ्लू और कोरोना के लक्षणों को कैसे पहचानें।

कोरोना की दूसरी लहर देश में तेजी से फैल रही है। कोविड -19 फ्लू से अधिक तेजी से फैलता है और लोगों में गंभीर बीमारियों का कारण भी बनता है। कोरोना और सामान्य फ्लू के लक्षण काफी हद तक एक समान हैं इसलिए किसी एक लक्षण के आधार पर दोनों के बीच अंतर समझ पाना काफी मुश्किल हो गया है।

फ्लू  और कोरोना दोनों में क्या है अंतर

कोरोना वायरस और फ्लू, दोनों ही वायरल इंफेक्शन हैं और एक इंसान से दूसरे इंसान में फैल सकते हैं। ये वायरल इंफेक्शन खांसने और छींकने से फैलते हैं। फ्लू और कोरोना वायरस के लक्षण कुछ हद तक एक समान होते हैं, लेकिन ये अलग वायरस के परिवार से आते हैं।

कोविड-19 एक ‘नोवेल कोरोना वायरस है’, जिसके बारे में इससे पहले कभी नहीं सुना गया था। दूसरी तरफ सामान्य फ्लू इंफ्लूएंजा वायरस होता है। विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना वायरस सामान्य फ्लू की तुलना में कई गुना तेजी से फैलता है। यानी इसके फैलने की गति सामान्य फ्लू के मुकाबले बहुत ही तेज है।

कोविड-19 और फ्लू के एक तरह के लक्षण

कोविड-19 और फ्लू दोनों सांस संबंधी परेशानियां हैं। इनमें कई सामान्य लक्षण होते हैं जो हल्के लक्षणों से गंभीर जटिलताओं तक ले जा सकते हैं। इस दौरान आपको अधिक सजग होने की आवश्यकता है, फ्लू के लक्षण दिखने पर घबराएं ना बल्कि खुद को क्वारंटाइन कर लें और 2 से तीन दिनों में राहत ना मिलने पर तुरंत कोविड की जांच कराएं। वहीं यदि आप बीते दिन किसी कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हैं और कोरोना के सामान्य लक्षण आप में दिखते हैं तो इसे सामान्य फ्लू ना समझें बल्कि तुरंत कोविड की जांच कराएं और डॉक्टर से सलाह लें। सेंटर फॉर डिजीज (सीडीसी) के मुताबिक कोविड-19 और फ्लू के सामान्य लक्षण कुछ इस प्रकार है।

  • बुखार
  • बहती नाक
  • थकान गले में खरास
  • सूंघने व स्वाद लेने की क्षमता गायब होना
  • मांसपेशियों में दर्द या शरीर में दर्द
  • सिर दर्द

एक सामान्य फ्लू को घर में रहकर बिना अस्पताल में भर्ती हुए ठीक किया जा सकता है। जबकि कोविड -19 शुरुआती लक्षण के बाद भयावह रूप धारण कर सकता है। कोविड-19 अधिक घातक रूप है जो गंभीर चिकित्सा जटिलताओं को जन्म देता है। इसलिए स्थिति गंभीर होने पर आपको सावधान रहना होगा और उस मुताबिक चिकित्सा की जरूरी सुविधाओं को लेना होगा।

कोविड-19 और सामान्य फ्लू के लक्षण में कैसे अतर करें?

फ्लू से पीड़ित लोगों में इसके संक्रमण के लक्षण 3 से 4 दिनों में सामने आ सकते हैं, जबकि कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर व्यक्ति में 5 दिन बाद भी इसके लक्षण देखे जा सकते हैं। कोरोना से संक्रमित होने पर 2 से 14 में लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कोरोना वायरस और फ्लू के बीच अंतर के तीन मुख्य बिंदु है और इसके बारे में जानते हैं –

सांस लेने में परेशानी

कोरोना की दूसरी लहर के दौरान संक्रमितों में सांस संबंधी दिक्कत यानि ऑक्सीजन स्तर में कमी सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। सांस लेने में तकलीफ औऱ सीने में दर्द कोरोना का  संकेत है। यह लक्षण सामान्य फ्लू के दौरान बहुत कम देखने को मिलता है ऐसे में इसे फ्लू ना समझें और इन लक्षणों के दिखने पर तुरंत अस्पताल में भर्ती हो जाएं।

 स्वाद और सूंघने की क्षमता नहीं होना

कोरोना से संक्रमित मरीजों में आमतौर पर सूंघने और स्वाद लेने की शक्ति गायब हो जाती है। कोरोना सबसे पहले स्वाद लेने और सूंघने की इंद्रियों पर प्रहार करता है, जिससे स्वाद लेने और सूंघने की क्षमता चली जाती है। सामान्य फ्लू के दौरान ऐसा बहुत कम देखा जाता है।

थकान और भ्रम की स्थिति

थकान के साथ भ्रम की स्थिति बनना कोरोना का नया लक्षण देखा जा रहा है। सामान्य फ्लू में यह लक्षण नहीं देखा जाता है। इसलिए ऐसे लक्षणों के दिखने पर अधिक सजग हो जाएं और तुरंत कोविड जांच कराएं और डॉक्टर से जरूर सलाह लें।

ध्यान दें

इन लक्षणों के दिखने पर जब तक आप अपना परीक्षण नहीं करवाते खुद को क्वारंटाइन  रखें और घर में भी एन-95 मास्क का इस्तेमाल करें। समय-समय पर सैनेटाइज करते रहे और हांथ साफ करते रहें ताकि वायरस को नियंत्रित किया जा सके। सांस संबंधी या ऑक्सीजन की कमी देखे जाने पर तुरंत डॉटर से सलाह लें और जरूरत पड़ने पर अस्पताल में भर्ती हो जाएं। किसी भी स्थिति में आपको अपनी सेहत को नजरअंदाज नहीं करना है। एक बात हमेशा ध्यान रखें कि स्थिति को बेकाबू होने की नौबत नहीं आने देना चाहिए। समय रहते इलाज सबसे बेहतर स्थिति होती है।

 

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