बाल दिवस 2022: बाल दिवस का इतिहास, महत्व और जानिए बच्चों के अधिकार

कोलकाताः हर साल भारत में 14 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाता है। बाल दिवस बच्चों को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने के लिए मनाया जाता है। भारत में 1956 से बाल दिवस मनाया जा रहा है लेकिन पहले ये 20 नवंबर को मनाया जाता था। ऐसे में आज हम इस आर्टिकल में आपको बताने वाले हैं कि बाल दिवस क्यों मनाया जाता हैं, इसके पीछे का कारण क्या है।

बता दें कि प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु के बाद उनकी जयंती को भारत में बाल दिवस की तारीख के रूप में चुना गया था। तभी से भारत में 14 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाने लगा था। ऐसा इसलिए क्योंकि प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू बच्चों से काफी ज्यादा प्यार करते हैं।

बाल दिवस का इतिहास जानते हैं आप
प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की जयंती को बाल दिवस के रूप में मनाना का कारण यह है कि प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू बच्चों से काफी ज्यादा स्नेह रखते थे। आजादी के बाद से ही पंडित नेहरू की प्राथमिकता बच्चों की शिक्षा रही और बच्चों के लिए बेहतर काम करना उनका एजेंडा हमेशा से रहता था। बच्चे भी उन्हें चाचा नेहरू कहकर बुलाते थे। आज भी बाल दिवस पर नेहरू को चाचा नेहरू ही कहते हैं।
संयुक्त राष्ट्र मनाते हैं 20 नवंबर को बाल दिवस
संयुक्त राष्ट्र ने 20 नवंबर को बाल दिवस मनाने की घोषणा की थी। इसके कारण, भारत में भी 20 नवंबर को बाल दिवस मनाया गया। लेकिन कई देशों में इसे अलग-अलग दिनों में मनाया जाता है। वहीं अब भारत में 14 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाता है।

बच्चों के अधिकार-
6-14 साल के सभी बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा का अधिकार
-किसी भी खतरनाक रोजगार से सुरक्षित होने का अधिकार
-बचपन की देखभाल और शिक्षा का अधिकार
-दुरुपयोग से सुरक्षित रहने का अधिकार
-स्वस्थ तरीके से विकास करने के लिए समान अवसरों और सुविधाओं का अधिकार
स्कूलों में बाल दिवस की छुट्टी?
बाल दिवस कोई अवकाश नहीं है। स्कूल और अन्य शैक्षणिक संस्थान बाल दिवस मनाते हैं और छात्रों के लिए विभिन्न कार्यक्रमों और कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं।

 

 

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