किसान आंदोलन- क्या अन्नदाताओं को मना पाएंगे राजनाथ ?

नई दिल्ली : कृषि बिलों के खिलाफ दिल्ली बॉडर पर किसानों के आंदोलन का आज छठा दिन है। ऐसे में केंद्र सरकार ने मंगलवार को 3 बजे किसान संगठनों के नेताओं को बातचीत के लिए विज्ञान भवन बुलाया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, किसानों के साथ बातचीत की जिम्मेदारी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को दी गई है।

इस न्योते पर फैसला लेने और आगे की रणनीति तय करने के लिए सिंधु बॉर्डर पर किसानों की बैठक चल रही है। बता दें कि केंद्र के तीनों नए कृषि बिलों के खिलाफ प्रदर्शन कर पंजाब-हरियाणा के किसानों ने दिल्ली कूच किया हुआ है।

किसानों से मुलाकात से पहले मंत्री करेंगे मंथन

हालांकि किसानों से बातचीत के लिए केंद्र ने दोपहर 3 बजे का समय तय किया है, परंतु उससे पहले आज सुबह 10.30 बजे भाजपा अध्ययक्ष जेपी नड्डा के घर एक अहम बैठक बुलाई गई। इस बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और राजनाथ सिंह भी शामिल रहे। बता दें कि अमित शाह ने आज बीएसएफ के राइजिंग डे इवेंट में जाने का शेड्यूल भी टाल दिया है। ऐसे में आज औपचारिक तौर पर अहम निर्णय लेने की संभावना जताई जा रही है।

हरियाणा से लगे दिल्ली के सिंघु और टिकरी बॉर्डर को पुलिस ने आज लगातार दूसरे दिन बंद कर रखा है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कहा है कि दिल्ली से हरियाणा आवाजाही के लिए झारोदा, धनसा, दौराला, कापसहेड़ा, रजोकरी एनएच-8, बिजवासन, पालम विहार और डूंडाहेड़ा बॉर्डर से मूवमेंट कर सकते हैं। ये बॉर्डर खुले हुए हैं। बदोसराय और झटीकरा बॉर्डर से सिर्फ टू-व्हीलर की आवाजाही की इजाजत है।

सरकार ने 32 किसान संगठनों के नेताओं को बुलाया

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जो किसान नेता 13 नवंबर की मीटिंग में शामिल थे, उन्हें वार्ता में शामिल होने का न्योता दिया गया है। केंद्र के तीनों नए कृषि बिलों के खिलाफ पंजाब में तो प्रदर्शन पहले से चल रहा था, लेकिन 6 दिन पहले पंजाब-हरियाणा के किसानों ने दिल्ली कूच कर दिया। पुलिस ने उन्हें बॉर्डर पर ही रोक दिया। सरकार ने किसानों से कहा कि वे प्रदर्शन खत्म कर बुराड़ी आ जाएं तो बातचीत पहले भी हो सकती है।

उधर, पंजाब किसान संघर्ष समिति के जॉइंट सेक्रेटरी सुखविंदर ने कहा है कि देश में किसानों के 500 से ज्यादा संगठन हैं, पर सरकार ने सिर्फ 32 समूहों को बुलाया है। जब तक सभी संगठनों को नहीं बुलाया जाता, हम बातचीत में शामिल नहीं होंगे।

गृह मंत्री-कृषि मंत्री ने 24 घंटे में 2 बार मीटिंग की

किसानों ने सरकार की शर्त नहीं मानी, बल्कि रविवार को उन्होंने चेतावनी दी कि अब वे दिल्ली के 5 एंट्री पॉइंट्स (प्रवेशद्वारों) को सील करेंगे। किसानों ने कहा कि वे 4-6 महीने का राशन-पानी साथ लेकर आए हैं और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती वे इसी तरह अड़े रहेंगे। इसके बाद सरकार में बैठकों का दौर शुरू हुआ। रविवार रात भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बैठक की। सोमवार को फिर बैठक हुई। गृह मंत्री के घर हुई बैठक में कृषि मंत्री और भाजपा के कई नेता मौजूद रहे।

सरकार ने कहा- कोरोना, सर्दी की वजह से जल्द बातचीत

सोमवार की बैठक के बीच ऐसे संकेत मिल रहे थे कि सरकार किसानों को बिना शर्त बातचीत का न्योता भेज सकती है। हुआ भी वही, देर रात सरकार ने प्रस्ताव भेज दिया। हालांकि, कृषि मंत्री ने जल्द वार्ता के लिए तैयार होने की वजह बढ़ता कोरोना संक्रमण और सर्दी को बताया।

कुछ मुख्य बातें :

– हरियाणा की 130 खाप पंचायतें मंगलवार को किसान आंदोलन में शामिल होंगी। उधर, पंजाब में भी पंचायतों ने हर घर से एक मेंबर को धरने में शामिल होने के लिए कहा है।

– दिल्ली की टैक्सी और ट्रांसपोर्ट यूनियन भी सोमवार को किसानों के समर्थन में आ गई। उन्होंने कहा कि अगर 2 दिन में कोई हल नहीं निकला तो हड़ताल करेंगे।

– 27 नवंबर को सिंधु बॉर्डर पर हुए हंगामे को लेकर अलीपुर थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

– हरियाणा सब्जी मंडी एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र ठकराल ने कहा कि हरियाणा के सभी 113 सब्जी मंडी व्यापारी किसान आंदोलन को समर्थन देने के उद्देश्य से अपनी गाड़ियों के जरिए दिल्ली कूच करेंगे।

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