केंद्र सरकार ने गांधी परिवार से हटाया एसपीजी सुरक्षा

Gandhi family

नई दिल्ली :

केंद्र सरकार ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की एसपीजी (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) सुरक्षा हटाने का फैसला लिया है। इन तीनों की एसपीजी सुरक्षा को चरणों में हटाया जाएगा। जानकारी के मुताबिक गृह मंत्रालय की सुरक्षा समीक्षा कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। मालूम हो कि एसपीजी सुरक्षा सबसे ऊंचे स्तर का होता है और भारत में केवल प्रधानमंत्री,पूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेस की कार्यकारी अध्‍यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्‍यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी को यह सुरक्षा प्राप्त थी। यह फैसला सभी ऐजेंसियों की ओर से मिली थ्रेट इनपुट के आकलन के बाद लिया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) की सिफारिश पर हर साल विशिष्ट लोगों की सुरक्षा की समीक्षा करता है। खतरे के स्तर को देखते हुए विशिष्ट और अति विशिष्ट लोगों को विभिन्न स्तर की सुरक्षा दी जाती है। कुछ समय पहले केंद्र सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सुरक्षा हटा ली थी। अब पूरे देश में सिर्फ पीएम मोदी के पास ही एसपीजी का सुरक्षा कवच रह जाएगा।

जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा

स्पेशल प्रोटक्शन ग्रुप की सुरक्षा के बाद जेड प्लस की गिनती भारत की सर्वोच्च सुरक्षा श्रेणी के अंतर्गत आती है। इस श्रेणी में संबंधित विशिष्ट व्यक्ति की सुरक्षा में 36 जवान लगे होते हैं। इसमें 10 से ज्यादा एनएसजी कमांडो के साथ दिल्ली पुलिस, आईटीबीपी या सीआरपीएफ के कमांडो और राज्य के पुलिसकर्मी शामिल होते हैं।
जेड प्लस सुरक्षा में हर कमांडो मार्शल आर्ट और निहत्थे युद्ध करने की कला में माहिर होता है। सुरक्षा में लगे एनएसजी कमांडो के पास एमपी 5 मशीनगन के साथ आधुनिक संचार उपकरण भी होता है। इसके अलावा इनके काफिले में एक जैमर गाड़ी भी होती है जो मोबाइल सिग्नल जाम करने का काम करती है।

गांधी परिवार को नहीं है कोई खतरा

मालूम हाे कि साल 1991 में प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद यह निर्णय लिया गया था कि सारे पूर्व प्रधानमं‌‌त्रियों को एसपीजी सुरक्षा दी जाएगी। केंद्र सरकार के अनुसार गांधी परिवार को कोई खतरा नहीं है। मालूम हो कि निर्धारित समय पर पूर्व प्रधानमं‌त्रियों के सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की जाती है और इसे कम भी किया जाता है। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की भी एसजीपी सुरक्षा अगस्त में हटा ली गई थी। एसपीजी सुरक्षा हटाने से पहले प्रियंका गांधी को नोटिस भेजकर उनके बंगले को लेकर भी सवाल पूछा गया था। इस पर उन्‍होंने कहा था कि उन्‍हें बंगला छोड़ने में कोई परेशानी नहीं है।

भाजपा की सियासी मंशा समझ आ रही है

केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद डी.राजा ने कहा कि सरकार तो आती जाती रहती हैं। लेकिन सबसे ज्यादा जरुरी है कि लोकतंत्र जिंदा रहें। हालांकि गृह मंत्रालय को अपने लाभ-नुकसान का भी ध्यान रखना चाहिए। सत्ता में आने के बाद भाजपा संवैधानिक संस्‍था और इंतजाम को कम करने की कोशिश में लगी हुई है। इन फैसलों से पार्टी की सियासी मंशा का भी पता चलता है।

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