ब्रेकिंगः नरेंद्र मोदी के संबोधन से जुड़ी हर बात यहां

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री ने देश के नाम पर संबोधन शुरू कर दिया है। आइए जानते हैं संबोधन की मुख्य बातें। मोदी ने कहा, ‘साथियो! अपनी बात को विस्तार देने से पहले मैं देश के सभी डॉक्टरों, मेडिकल-पैरा मेडिकल स्टाफ, सफाई कर्मी, एंबुलेंस के ड्राइवर, सुरक्षाबल, पुलिसकर्मी सभी की सराहना करूंगा। आपने कोरोना की पहली लहर में भी अपना जीवन दांव पर लगाया था। आज आप फिर इस संकट में अपने परिवार, सुख और चिंताएं छोड़कर दूसरों का जीवन बचाने में दिन-रात जुटे हुए हैं। हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि कठिन से कठिन समय में भी हमें धैर्य नहीं खोना चाहिए। किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए हम सही निर्णय लें, तभी हम विजय हासिल कर सकते हैं। इसी मंत्र को सामने रखकर आज देश दिन-रात काम कर रहा है।’’

  • कोरोना हमारे जिंदगी में तूफान बनकर आयी है।
  • मुझे आपके पीड़ा का पूरा अहसास है।
  • जिन्होंने अपने परिवार को खोया है उनके लिये संवेदना प्रकट किया।
  • चुनौती बड़ी है लेकिन हमें मिलकर हौसले के साथ इसे पार करना है।
  • पुलिस बल और डॉक्टरों की सराहना।
  • कठिन से कठिन परिस्थिति में हमें हिम्मत नहीं हारना है।
  • ऑक्सीजन की मांग में वृद्धि। इस विषय पर तेजी से काम कर रहे हैं।
  • हर जरूरतमंद तक ऑक्सिजन पहुंचाने के लिए किये जा रहे कई काम।
  • दवाइयों का उत्पादन बढ़ा दिया गया है।
  • अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाने पर ध्यान।
  • कुछ शहरों में जरूरत देखते हुए बनाये जा रहे हैं विशाल कोविड अस्पताल।
  • दुनिया की सबसे सस्ती वैक्सीन भारत के पास है।
  • कोरोना की दूसरी लहर तूफान बनकर आ गई है।
  • भारत में 12 करोड़ वैक्सीन डोज दिये गए।
  • 1 मई से 18 के उपर लोगों को वैक्सीन।
  • सरकारी अस्पतालों में मिलती रहेगी कोरोना वक्सीन।
  • आजिविका को कम से कम प्रभावित करने का निणर्य।
  • राज्य-प्रशासन लोगों का भरोसा बनाये रखें।
  • जहां हैं वहीं रहें।
  • वैक्सीन सभी श्रमिकों को मिलेगी।
  • गरीब लोगों को वैक्सीन का फायदा मिलेगा।
  • हमारे पास बड़ी मात्री में है पीपीई किट।
  • देश ने अबतक बहुत मजबुती और धैर्य के साथ लड़ाई लड़ी है। अब आगे भी हम कोरोना के इस तूफान को परास्म कर पायेंगे।
  • युवाओं से कमेटी बनाकर कोविड अनुशासन पालन करवाने का अनुरोध।
  • बच्चे घर में जागरूकता लाये।
  • देश में जागरूकता लाने के लिए बच्चों की अहम भूमिका।
  • ऐसा करें कि लोग अफवाह और भ्रम में ना आए।
  • राज्यों से अनुरोध है कि लॉकडाउन को अंतिम विकल्प के रूप में देखा जाये।
  • ऐसा करें कि लॉकडाउन लगाने की जरूरत ही ना पड़े।
  • कोरोना के इस संकट काल में कोरोना से बचने के उपाय का उपयोग करें।
  • दवाई भी कड़ाई भी। इस मंत्र को कभी भूलना नहीं है।
  • जरूरी हो तभी घर से बाहर निकलें।
  • परिस्थितयों को बदलने में कोई कसर नहीं छोड़ा जाये।
  • यह कहते हुये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनपा संबोधन समाप्त किया।
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